अब हरीश रावत भी सिद्धू खेमे के निशाने पर, कप्तानी वाले बयान पर खोला मोर्चा


नई दिल्लीे, 30 अगस्त (The News Air)
पंजाब में कांग्रेस पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर घमासान जारी है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू आमने-सामने हैं। पार्टी आलाकमान ने हाल ही में कैप्टन के असंतोष को दरकिनार कर सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया था। इस दौरान कहा गया था कि पार्टी का नेतृत्व सिद्धू करेंगे और सरकार का नेतृत्व अमरिंदर सिंह। हालांकि पार्टी के नेता ही नेतृत्व द्वारा खींची गई इस रेखा को मानने के लिए तैयार नहीं है।
सिद्धू खेमे के विधायक परगट सिंह का कहना है कि यह फ़ैसला किया गया कि पंजाब में अगला चुनाव सोनिया और राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। उन्होंने पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत से पूछा कि बताएं कि ये कब तय हुआ कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा।
पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच सियासी खींचतान जारी है। ऐसा लगा था कि सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का कैप्टन बनाने पर कांग्रेस की सुलाह ख़त्म हो जाएगी, मगर ऐसा दिख नहीं रहा है। हर दिन की बयानबाज़ी और पंजाब की सियासी लड़ाई से आलाकमान भी परेशान हो गई है। हाल ही में पंजाब की उलझन को सुलझाने की कोशिशों में जुटे राज्य के कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने राहुल गांधी से मुलाक़ात की थी।
मुलाक़ात के बाद हरीश रावत ने कहा कि राहुल गांधी के साथ मेरी बहुत छोटी मुलाक़ात हुई। पंजाब में जो भी स्थिति है, मैंने उन्हें उससे अवगत कराया है। मैं कांग्रेस अध्यक्ष को पहले ही बता चुका हूं। इससे ज़्यादा कुछ नहीं। उन्होंने कहा था कि मैं मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और पंजाब कांग्रेस प्रदेश प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू से जरुर मिलूंगा।


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