Nitish Kumar Resign की खबर ने आज पूरे बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एमएलसी (विधान परिषद सदस्य) पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सीएम हाउस से ही बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। 16 मार्च 2026 को राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद नियमानुसार उन्हें परिषद की सदस्यता छोड़नी होती है। हालांकि मुख्यमंत्री पद छोड़ने को लेकर अभी गहरा सस्पेंस बना हुआ है।
सुबह से बना रहा गहमागहमी का माहौल
Nitish Kumar Resign की खबर सामने आते ही सुबह से पूरे बिहार की राजनीतिक गलियारों में गहमागहमी का माहौल बन गया। पहले यह सामने आया कि नीतीश कुमार ने विधान परिषद से इस्तीफा दे दिया है। लेकिन इसके तुरंत बाद जेडीयू (JDU) की ओर से कहा गया कि उनका इस्तीफा पार्टी के पास है।
बाद में जेडीयू नेता इस्तीफा लेकर सभापति के पास पहुंचे। उन्होंने कहा कि जब सभापति आएंगे, तो इस्तीफा उन्हें औपचारिक रूप से सौंपा जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में कई घंटों का वक्त लगा, जिससे अटकलों का बाजार गर्म रहा।
JDU MLC संजय गांधी ले गए इस्तीफे का पत्र
सामने आया कि नीतीश कुमार के इस्तीफे वाला लेटर लेकर जेडीयू एमएलसी संजय गांधी विधान परिषद पहुंचे थे। उन्होंने वहां जाकर इस्तीफे का पत्र जमा किया। जेडीयू के वरिष्ठ नेता और मंत्री विजय कुमार चौधरी ने इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए कहा कि जेडीयू एमएलसी संजय गांधी इस्तीफे का पत्र लेकर परिषद पहुंचे।
विजय कुमार चौधरी ने मीडिया के सामने इस्तीफे वाला लेटर भी दिखाया, जिससे इस बात की आधिकारिक पुष्टि हो गई कि नीतीश कुमार ने एमएलसी पद से अपना इस्तीफा दे दिया है।
CM पद पर क्यों बना हुआ है सस्पेंस?
Nitish Kumar Resign करने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि वह मुख्यमंत्री पद से कब इस्तीफा देंगे। दरअसल, राज्यसभा का सदस्य चुने जाने के बाद नियम के मुताबिक उन्हें परिषद की सदस्यता छोड़नी होती है, जो उन्होंने छोड़ दी है। लेकिन एमएलसी पद से इस्तीफा देने के बाद भी नीतीश कुमार संवैधानिक प्रावधानों के तहत 6 महीने तक मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं।
माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में वह सीएम पद से भी इस्तीफा दे सकते हैं और उसके बाद बिहार में नई सरकार का गठन किया जाएगा। इस बीच जेडीयू नेताओं का मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचना लगातार जारी है। कई वरिष्ठ जेडीयू नेता नीतीश कुमार से मिलने भी पहुंचे, जिससे राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि बिहार की सत्ता का अगला समीकरण क्या होगा।
BJP नेता नितिन नवीन ने भी विधायक पद से दिया इस्तीफा
नीतीश कुमार के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और बांकीपुर विधायक नितिन नवीन ने भी अपने विधायक पद से इस्तीफे का ऐलान सोशल मीडिया पर कर दिया है। नितिन नवीन को भी नीतीश कुमार के साथ राज्यसभा चुनाव में जीत मिली है, इसलिए उन्हें भी विधायक पद छोड़ना अनिवार्य है।
बीजेपी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने बयान देते हुए कहा कि बांकीपुर से विधायक नितिन नवीन आज अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। सरावगी ने बताया कि नितिन नवीन ने अपना इस्तीफा उन्हें पहले ही सौंप दिया था, जिसे आज बिहार विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा जाएगा।
असम दौरे पर हैं नितिन नवीन, इसलिए पहले ही दे दिया था इस्तीफा
संजय सरावगी ने बताया कि रविवार होने की वजह से कल औपचारिक रूप से इस्तीफा नहीं दिया जा सका था। फिलहाल नितिन नवीन असम दौरे पर हैं, इसलिए उन्होंने प्रक्रिया में देरी न हो इसके लिए पहले ही अपना इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष को सौंप दिया था। आज तय समय के भीतर उनका इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया जाएगा।
नीतीश कुमार का विधान परिषद से लंबा नाता
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार कई वर्षों से विधान परिषद के सदस्य रहे हैं। वह चौथी बार 7 मई 2024 को परिषद पहुंचे थे और उनका कार्यकाल 2030 तक था। लेकिन 16 मार्च 2026 को राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद अब उन्हें परिषद की सदस्यता छोड़नी पड़ी है।
माना जा रहा है कि नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले सकते हैं। उनके राज्यसभा पहुंचने के बाद बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव आना तय माना जा रहा है।
10 बार CM, 6 बार सांसद: नीतीश का व्यापक राजनीतिक सफर
बिहार में 10 बार मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार का संसदीय और विधायी सफर बेहद व्यापक और अनुभवपूर्ण रहा है। वह दो बार विधायक चुने गए: पहली बार 1985 में और फिर 1995 में। उसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखते हुए छह बार लोकसभा सांसद के रूप में जनता का प्रतिनिधित्व किया।
नीतीश कुमार ने अपने लंबे राजनीतिक करियर में कई बार गठबंधन बदले, कई बार सरकारें बनाईं और गिराईं। अब राज्यसभा में उनका जाना बिहार की राजनीति का एक नया अध्याय शुरू करेगा। सवाल यह है कि उनके बाद बिहार की कमान किसके हाथ में आएगी।
बिहार की राजनीति में अब आगे क्या होगा?
Nitish Kumar Resign करने के बाद बिहार की राजनीति एक अहम मोड़ पर खड़ी है। फिलहाल नीतीश कुमार 6 महीने तक मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकते हैं, लेकिन राजनीतिक संकेत यही हैं कि वह जल्द ही इस पद से भी हट सकते हैं। जेडीयू नेताओं का लगातार मुख्यमंत्री आवास पहुंचना इस बात का संकेत है कि पार्टी के भीतर उत्तराधिकारी को लेकर मंथन शुरू हो चुका है।
बिहार में एनडीए गठबंधन सरकार में जेडीयू और बीजेपी दोनों के लिए यह एक नाजुक दौर है। नीतीश कुमार जैसे अनुभवी और सत्ता के केंद्र में रहे नेता के बिहार की सक्रिय राजनीति से हटने का असर राज्य के शासन-प्रशासन पर भी पड़ सकता है। आम लोगों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि नई सरकार में उनके हितों और विकास योजनाओं की दिशा क्या होगी।
मुख्य बातें (Key Points)
- नीतीश कुमार ने एमएलसी (विधान परिषद सदस्य) पद से इस्तीफा दे दिया, सभापति अवधेश नारायण सिंह को सौंपा इस्तीफा।
- 16 मार्च 2026 को राज्यसभा चुनाव जीतने के बाद नियमानुसार परिषद सदस्यता छोड़नी अनिवार्य थी।
- एमएलसी पद छोड़ने के बाद भी नीतीश 6 महीने तक CM बने रह सकते हैं, लेकिन जल्द इस्तीफे के संकेत हैं।
- BJP नेता नितिन नवीन ने भी बांकीपुर विधायक पद से इस्तीफा दिया, वह भी राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं।








