Nitish Kumar Bihar CM Nishant Kumar JDU BJP : बिहार की राजनीति में इस वक्त जो सियासी भूचाल आया हुआ है उसका केंद्र एक ही सवाल है: नीतीश कुमार के बाद बिहार का मुख्यमंत्री कौन होगा? नीतीश कुमार ने यह तो साफ कर दिया है कि वे CM पद छोड़ेंगे, लेकिन एक बात और साफ है कि यह पद BJP को नहीं मिलेगा। JDU के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के बयान ने इस पर मोहर लगा दी है। और अब जो नाम सबसे आगे चल रहा है वह है निशांत कुमार का, जो नीतीश के बेटे हैं और 8 मार्च को JDU में शामिल होने वाले हैं।
‘नीतीश कुमार कब छोड़ेंगे CM पद? क्या है असली टाइमलाइन?’
तमाम मीडिया रिपोर्टों में यह खबर आ रही है कि नीतीश कुमार एक सप्ताह के अंदर CM पद छोड़ सकते हैं। लेकिन यह सभी खबरें अभी तक सूत्रों के हवाले से हैं। न JDU के किसी नेता ने और न ही BJP की तरफ से कोई आधिकारिक बयान आया है।
नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य बनने वाले हैं और उनका कार्यकाल 9 अप्रैल से शुरू होगा। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार वे 9 अप्रैल के बाद भी 6 महीने तक CM बने रह सकते हैं। लेकिन नीतीश ने खुद कहा है कि वे नई सरकार का मार्गदर्शन करते रहेंगे, जो यह संकेत देता है कि वे CM पद छोड़ने का मन बना चुके हैं। तय बस यह नहीं हुआ कि कब।
‘ललन सिंह का बयान: JDU ने BJP को दिया सीधा संदेश’
ललन सिंह पर पहले यह आरोप लगते रहे थे कि उन्होंने BJP के सामने सरेंडर कर दिया है और नीतीश पर CM पद छोड़ने का दबाव उन्हीं की तरफ से बन रहा है। लेकिन अब ललन सिंह ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए साफ कहा है कि CM पद कहीं नहीं जा रहा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार एक ऐसे नेता हैं जिनके फैसलों को कोई नहीं बदल सकता। पूरी कमान आज भी नीतीश के हाथ में है और बिहार का अगला CM कौन होगा यह नीतीश कुमार तय करेंगे।
यह बयान दरअसल BJP हाईकमान को एक सीधा संदेश है कि बिहार के फैसले पटना से होंगे, दिल्ली से नहीं।
‘निशांत कुमार: नीतीश की विरासत के उत्तराधिकारी?’
JDU के अंदर जो नाम सबसे ज़ोर से चल रहा है वह है निशांत कुमार का। वे नीतीश कुमार के बेटे हैं और 8 मार्च को JDU में शामिल होने वाले हैं। लेकिन पार्टी में शामिल होने से पहले ही 7 मार्च की सुबह वे JDU के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर पहुँच गए जहाँ पहले से ही JDU विधायक जमा थे।
निशांत ने वहाँ JDU के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों के साथ लंबी बैठक की और विधायकों से आगे का पूरा प्लान तैयार करने को कहा। यह सवाल ज़रूर उठता है कि जब निशांत अभी पार्टी के सदस्य भी नहीं थे तो वे विधायकों की बैठक क्यों ले रहे थे? लेकिन इसका जवाब इसी बात में छुपा है कि JDU विधायक दल निशांत को अपना नेता चुनेगा और नीतीश उन्हें CM पद सौंपेंगे।
क्षेत्रीय पार्टियों में विरासत का बेटे या बेटी को सौंपा जाना कोई नई बात नहीं है। लालू प्रसाद यादव ने तेजस्वी यादव को, मुलायम सिंह ने अखिलेश यादव को और एमके स्टालिन को करुणानिधि ने आगे बढ़ाया। नीतीश भी शायद अब यही राह अपनाने जा रहे हैं।
‘BJP की चुप्पी: डर है या रणनीति?’
BJP हाईकमान की तरफ से CM पद को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। यह चुप्पी दो कारणों से हो सकती है। पहला यह कि BJP को पता है कि JDU के पास 85 विधायक हैं और वे खुद 78 पर हैं, ऐसे में CM पद की माँग करना गठबंधन में तनाव पैदा कर सकता है। दूसरा और सबसे बड़ा डर यह है कि अगर नीतीश पर दबाव बनाया गया तो वे पलटी मार सकते हैं।
नीतीश कुमार पिछले 13 साल में 5 बार पलटी मार चुके हैं। जनवरी 2024 में उन्होंने महागठबंधन छोड़कर NDA का दामन थामा था। BJP को यह अच्छे से पता है कि नीतीश के लिए गठबंधन बदलना कोई नई बात नहीं है।
‘क्या NDA टूटेगा? आगे क्या होगा?’
इस वक्त बिहार की राजनीति में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या NDA बरकरार रहेगा? JDU ने BJP को साफ संदेश दे दिया है कि CM पद उनका है। BJP के सामने दो ही रास्ते हैं। या तो वह JDU के CM को स्वीकार करे और सरकार में शामिल रहे, या फिर दबाव बनाए और NDA टूटने का जोखिम उठाए।
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव नज़दीक नहीं हैं, इसलिए दोनों दलों के लिए गठबंधन में बने रहना फिलहाल फायदेमंद है। लेकिन अगर BJP हाईकमान ने दिल्ली से बिहार में दखल देने की कोशिश की तो नीतीश का अगला कदम पूरे देश को चौंका सकता है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- नीतीश कुमार CM पद छोड़ने की तैयारी में हैं लेकिन 9 अप्रैल से पहले इस्तीफे की संभावना कम है क्योंकि उसी दिन से उनका राज्यसभा कार्यकाल शुरू होगा।
- JDU नेता ललन सिंह ने साफ किया कि CM पद JDU के पास ही रहेगा और बिहार के फैसले नीतीश कुमार लेंगे, BJP हाईकमान नहीं।
- निशांत कुमार 8 मार्च को JDU में शामिल होंगे और पार्टी में शामिल होने से पहले ही विधायकों के साथ बैठक कर चुके हैं, जो CM पद की तैयारी का संकेत है।
- BJP की चुप्पी इस डर से है कि अगर नीतीश पर दबाव बना तो वे पलटी मार सकते हैं, जो वे पिछले 13 साल में 5 बार कर चुके हैं।
- NDA का भविष्य इस बात पर निर्भर है कि BJP बिहार में CM पद के बिना सरकार में बने रहना स्वीकार करती है या नहीं।








