Panjab University Senate Protest : चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में सोमवार को माहौल गर्मा गया है। ‘पंजाब यूनिवर्सिटी बचाओ मोर्चा’ के बैनर तले छात्रों ने सीनेट चुनाव की मांग को लेकर एक बड़ा विरोध मार्च निकाला है। इस प्रदर्शन में छात्रों के साथ-साथ निहंग जत्थे, पूर्व छात्र और युवा सामाजिक नेता भी शामिल हुए हैं। यूनिवर्सिटी के सभी प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और भारी पुलिस बल तैनात है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने हाल ही में सीनेट और सिंडिकेट को भंग करने का नोटिफिकेशन वापस ले लिया था। इसके बावजूद छात्रों का विरोध जारी है, क्योंकि उनकी मुख्य मांग सीनेट के चुनाव तुरंत कराने की है।
क्यों हो रहा है विरोध?
छात्रों का कहना है कि सीनेट ही विश्वविद्यालय का लोकतांत्रिक ढांचा है और इसके बिना अकादमिक व प्रशासनिक पारदर्शिता संभव नहीं है। उनका आरोप है कि नोटिफिकेशन वापस लेने के बावजूद प्रशासनिक फैसलों पर स्पष्टता नहीं है। जब तक लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल नहीं होती, आंदोलन चलता रहेगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सुबह से ही कैंपस में प्रोटेस्ट मार्च शुरू हो गया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि संवाद के जरिए समस्या का हल निकाला जाएगा। वहीं, स्थानीय प्रशासन ने किसी भी तरह की हिंसा से निपटने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
सियासी और सामाजिक समर्थन
पिछले कुछ दिनों में कई राजनीतिक नेताओं, कलाकारों और गायकों ने भी यूनिवर्सिटी पहुंचकर छात्रों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। निहंग जत्थों के शामिल होने से यह प्रदर्शन और बड़ा रूप ले चुका है।
मुख्य बातें (Key Points):
- पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्रों ने सीनेट चुनाव की मांग को लेकर विरोध मार्च निकाला।
- प्रदर्शन में निहंग जत्थे, पूर्व छात्र और सामाजिक नेता भी शामिल हुए।
- केंद्र सरकार द्वारा नोटिफिकेशन वापस लेने के बावजूद चुनाव की मांग पर अड़े हैं छात्र।
- यूनिवर्सिटी प्रशासन ने शांति की अपील की है, भारी पुलिस बल तैनात है।








