Neetu Shatran Wale : तरनतारन उपचुनाव में हार के बाद निर्दलीय उम्मीदवार नीटू शटरां वाले का दर्द छलक उठा। उन्होंने अपनी हार पर दुख जताते हुए इसे पैसे और संसाधनों की हार बताया। नीटू ने कहा कि उन्होंने यह चुनाव महज 30 हजार रुपये में लड़ा, जबकि बड़ी पार्टियों ने 30-30 करोड़ रुपये खर्च कर दिए।
नीटू ने कहा कि चुनाव के नतीजों से दुख तो होता है, खासकर जब आपने इतनी मेहनत की हो। उन्होंने कहा, “मैंने 30 हजार की कमेटी (कमेटी) उठाकर चुनाव लड़ा, जबकि मेरा मुकाबला मोदी, भगवंत मान और अकाली दल जैसी बड़ी पार्टियों से था, जिन्होंने करोड़ों बहा दिए।”
‘2027 में किसी पार्टी को वोट न दें’
हार से भड़के नीटू शटरां वाले ने पंजाब के लोगों से 2027 के विधानसभा चुनाव में किसी भी राजनीतिक पार्टी को वोट न देने की अपील की। उन्होंने कहा, “2027 में किसी भी पार्टी को न जिताएं, सभी आजाद (निर्दलीय) उम्मीदवारों को जिताएं, तब जाकर इन्हें पता लगेगा।”
उन्होंने कहा कि जनता के पास वोट की ताकत है, जो दुनिया को हिला सकती है, लेकिन ये नेता आपके बच्चों को सिर्फ जिंदाबाद-मुर्दाबाद करने के लिए रखते हैं, उन्हें कभी आगे नहीं बढ़ने देंगे।
‘SSP के सस्पेंशन पर BJP को घेरा’
नीटू शटरां वाले ने उपचुनाव के दौरान SSP रवजोत कौर गरेवाल के सस्पेंशन पर भी खुलकर बात की। उन्होंने इसके लिए सीधे तौर पर अकाली दल और बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया।
नीटू ने कहा, “अकाली दल ने शिकायत की और बीजेपी ने मेरी बहन (IPS रवजोत) को सस्पेंड करा दिया।” उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग भी बीजेपी के कहने पर काम कर रहा है। उन्होंने IPS अफसर को तुरंत बहाल करने की मांग की।
‘नशे पर लिखा गाना’
अपनी बात रखने के साथ-हां नीटू ने पंजाब में नशे की स्थिति पर लिखा एक गाना भी सुनाया। गाने के बोल थे, “हो पिज्जा वांगूं चिट्टा अज्ज कल मिलदा ऑर्डर ते… वंश बचाउणा मुश्किल हो गया नशे हथियारे तों।” (आजकल पिज्जा की तरह ऑर्डर पर चिट्टा मिल रहा है… इस जानलेवा नशे से अपनी नस्ल को बचाना मुश्किल हो गया है।)
उन्होंने कहा कि कुर्सी की भूख ने नेताओं को अंधा कर दिया है और पंजाब में हर तरफ धक्केशाही हो रही है।
जानें पूरा मामला
नीटू शटरां वाले तरनतारन उपचुनाव में एक स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर अपनी किस्मत आजमा रहे थे। वह अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। इस उपचुनाव में आम आदमी पार्टी ने 34,000 से ज्यादा वोटों से बड़ी जीत दर्ज की, जबकि अकाली दल दूसरे और कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही। नीटू शटरां वाले को इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।
मुख्य बातें (Key Points)
तरनतारन उपचुनाव में हार के बाद नीटू शटरां वाले ने कहा- “मैं 30 हजार से 30 करोड़ का मुकाबला कर रहा था।”
उन्होंने 2027 में सभी पार्टियों के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवारों को जिताने की अपील की।
नीटू ने SSP रवजोत गरेवाल के सस्पेंशन के लिए अकाली दल और बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने चुनाव आयोग पर भी बीजेपी के दबाव में काम करने का आरोप लगाया।








