National Youth Parliament Scheme – संसदीय कार्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय युवा संसद योजना (NYPS) 2.0 का उन्नत संस्करण लॉन्च कर दिया है। यह पोर्टल अब देश के हर नागरिक, चाहे वह किसी भी शैक्षणिक संस्थान से जुड़ा हो या नहीं, के लिए खुला है। इससे पहले यह सुविधा केवल मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों तक ही सीमित थी। संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने आज राज्यसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, अब तक 95,319 से अधिक छात्रों और नागरिकों ने इस योजना में भागीदारी की है।
युवा संसद योजना भारत में संसदीय लोकतंत्र की समझ को युवाओं के बीच बढ़ाने की एक महत्वाकांक्षी पहल है। इसका उद्देश्य छात्रों और युवाओं को संसदीय प्रक्रियाओं, बहस कौशल और लोकतांत्रिक मूल्यों से परिचित कराना है। अब NYPS 2.0 के जरिए यह योजना और अधिक समावेशी और सुलभ बन गई है।
क्या था पुराने संस्करण में?
पहले संस्करण में राष्ट्रीय युवा संसद योजना केवल मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों के लिए उपलब्ध थी। इसका मतलब था कि केवल सरकारी मान्यता प्राप्त स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय के छात्र ही इस कार्यक्रम में भाग ले सकते थे।
इस सीमा के कारण कई इच्छुक युवा, खासकर दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र, जो किसी औपचारिक संस्थान से नहीं जुड़े थे या गैर-मान्यता प्राप्त संस्थानों में पढ़ते थे, इस योजना से वंचित रह जाते थे।
NYPS 2.0 में क्या है खास?
नए संस्करण NYPS 2.0 में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं जो इसे पहले से कहीं अधिक समावेशी बनाते हैं:
1. सार्वभौमिक भागीदारी: अब कोई भी शैक्षणिक संस्थान, चाहे वह मान्यता प्राप्त हो या नहीं, इस योजना में भाग ले सकता है।
2. समूह भागीदारी: छात्रों के समूह भी स्वतंत्र रूप से युवा संसद सत्र आयोजित कर सकते हैं।
3. व्यक्तिगत नागरिक: सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब कोई भी व्यक्तिगत नागरिक, चाहे वह छात्र हो या नहीं, इस पोर्टल पर पंजीकरण करके भाग ले सकता है।
4. ग्रामीण पहुंच: दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं तक पहुंचना इस नए संस्करण का प्रमुख लक्ष्य है।
5. कोई भेदभाव नहीं: बिना किसी भेदभाव के देश भर के सभी नागरिकों के लिए यह मंच खुला है।
शानदार भागीदारी के आंकड़े
संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा राज्यसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, योजना की शुरुआत से 27 जनवरी 2026 तक की भागीदारी इस प्रकार रही:
संस्थागत भागीदारी:
- पंजीकृत संस्थान: 4,432
- आयोजित युवा संसद सत्र: 1,536
- भाग लेने वाले छात्र: 52,283
समूह भागीदारी:
- पंजीकृत समूह: 586
- आयोजित कार्यक्रम: 19
- भागीदार नागरिक/छात्र: 660
व्यक्तिगत भागीदारी:
- व्यक्तिगत भागीदार: 42,376
कुल भागीदारी: 95,319 छात्र और नागरिक
ये आंकड़े दर्शाते हैं कि युवा संसद योजना ने पूरे देश में व्यापक स्वीकार्यता हासिल की है। 1,536 युवा संसद सत्रों का आयोजन यह साबित करता है कि भारत के युवा संसदीय लोकतंत्र को समझने और उसमें भाग लेने के लिए उत्सुक हैं।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जागरूकता अभियान
संसदीय कार्य मंत्रालय ने NYPS 2.0 की पहुंच बढ़ाने और समावेशिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसके तहत:
1. राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र: मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को पत्र लिखकर इस योजना के बारे में जानकारी दी है और उन्हें अधिक से अधिक भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया है।
2. विधानसभाओं को संपर्क: राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं को भी इस पहल से जोड़ा गया है ताकि युवा संसदीय प्रक्रियाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
3. शैक्षणिक बोर्डों के साथ समन्वय: सीबीएसई, सीआईएससीई और अन्य शैक्षणिक बोर्डों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है ताकि इन बोर्डों से जुड़े सभी संस्थान इस योजना में भाग ले सकें।
4. संसद टीवी पर प्रचार: समय-समय पर संसद टीवी पर प्रचार वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं जिनमें NYPS 2.0 के बारे में जानकारी दी जाती है और युवाओं को भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
युवा संसद सत्र में क्या होता है?
युवा संसद सत्र में छात्र और युवा नागरिक असली संसद की तरह बहस करते हैं, प्रस्ताव रखते हैं, और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हैं। इसमें:
- स्पीकर और उपसभापति चुने जाते हैं
- सदस्य विभिन्न राजनीतिक दलों का प्रतिनिधित्व करते हैं
- विधेयक और प्रस्ताव पेश किए जाते हैं
- बहस और चर्चा संसदीय नियमों के अनुसार होती है
- मतदान कराया जाता है
- संसदीय शिष्टाचार का पालन किया जाता है
यह प्रक्रिया युवाओं में नेतृत्व क्षमता, सार्वजनिक बोलने का कौशल, विश्लेषणात्मक सोच और लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ विकसित करती है।
संसदीय लोकतंत्र को समझने का माध्यम
भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। संसदीय लोकतंत्र की सफलता के लिए जरूरी है कि नागरिक, विशेषकर युवा पीढ़ी, संसदीय प्रक्रियाओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं को समझें।
युवा संसद योजना इसी उद्देश्य की पूर्ति करती है। जब युवा संसद की कार्यप्रणाली को व्यावहारिक रूप से अनुभव करते हैं, तो वे:
- संसदीय बहस की गरिमा और महत्व को समझते हैं
- विभिन्न दृष्टिकोणों का सम्मान करना सीखते हैं
- तर्क और तथ्यों के आधार पर राय बनाना सीखते हैं
- सहमति और असहमति को लोकतांत्रिक तरीके से व्यक्त करना सीखते हैं
- राष्ट्रीय मुद्दों पर जागरूक होते हैं
भविष्य के नेताओं का निर्माण
NYPS 2.0 केवल एक योजना नहीं, बल्कि भविष्य के जिम्मेदार नागरिकों और नेताओं के निर्माण का माध्यम है। जो युवा आज युवा संसद में बहस कर रहे हैं, वे कल देश की असली संसद में नीतियां बना सकते हैं।
इतिहास गवाह है कि कई बड़े नेता अपने छात्र जीवन में बहस और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में सक्रिय रहे हैं। युवा संसद योजना इसी परंपरा को आगे बढ़ाती है और युवाओं को नेतृत्व के लिए तैयार करती है।
डिजिटल इंडिया की पहल
NYPS 2.0 वेब पोर्टल डिजिटल इंडिया पहल का भी एक उदाहरण है। ऑनलाइन पोर्टल के जरिए:
- कहीं से भी पंजीकरण संभव है
- कार्यक्रमों की जानकारी ऑनलाइन मिलती है
- संसाधन और दिशानिर्देश डाउनलोड किए जा सकते हैं
- अनुभव साझा किए जा सकते हैं
- बेहतर समन्वय संभव है
यह पोर्टल खासकर उन युवाओं के लिए वरदान है जो छोटे शहरों और गांवों में रहते हैं और जिनके पास पहले इस तरह के अवसर नहीं थे।
समावेशी भारत की ओर
NYPS 2.0 का सबसे महत्वपूर्ण पहलू इसकी समावेशिता है। जब योजना सभी के लिए खुली है, बिना किसी भेदभाव के, तो यह सुनिश्चित होता है कि:
- आर्थिक पृष्ठभूमि कोई बाधा नहीं
- सामाजिक स्थिति कोई रुकावट नहीं
- भौगोलिक स्थिति कोई समस्या नहीं
- शैक्षणिक संस्थान का प्रकार कोई मायने नहीं रखता
यह दृष्टिकोण एक समावेशी भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देता है, जहां हर युवा को अपनी प्रतिभा दिखाने का समान अवसर मिलता है।
शिक्षा में नवाचार
युवा संसद योजना शिक्षा में एक नवाचार भी है। यह पारंपरिक किताबी ज्ञान से आगे जाकर व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती है। जब छात्र संसदीय भूमिकाएं निभाते हैं, तो:
- वे राजनीति विज्ञान को जीवंत रूप में समझते हैं
- संविधान की भावना को महसूस करते हैं
- नागरिक जिम्मेदारियों को समझते हैं
- सामाजिक मुद्दों पर संवेदनशील होते हैं
यह अनुभव-आधारित शिक्षा युवाओं को जीवन भर के लिए सीख देती है।
मुख्य बातें (Key Points)
• संसदीय कार्य मंत्रालय ने NYPS 2.0 वेब पोर्टल लॉन्च किया
• अब सभी संस्थानों, समूहों और व्यक्तिगत नागरिकों के लिए खुला
• 95,319 से अधिक छात्रों और नागरिकों ने भागीदारी की
• 4,432 संस्थानों ने पंजीकरण कराया
• 1,536 युवा संसद सत्रों का आयोजन हुआ
• दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच बढ़ाने पर जोर
• संसद टीवी पर नियमित प्रचार








