Viral Hogaya Nanaksar Sant Security Row : पंजाब में नानकसर संप्रदाय के प्रमुख संत बाबा घाला सिंह से सुरक्षा वापस लिए जाने का मामला गुरु घर तक पहुंच गया है। सिखों के सर्वोच्च धार्मिक स्थल श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार ने इस कदम को न सिर्फ गलत करार दिया, बल्कि पंजाब सरकार को सख्त चेतावनी भी दे डाली।
ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने साफ शब्दों में कहा कि मौजूदा हालात में यह फैसला समझ से परे है। उन्होंने कहा कि अगर इसके बाद कोई अनहोनी हुई, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार को उठानी होगी।
अकाल तख्त का बयान: ‘सरकार की यह कार्रवाई गलत’
शुक्रवार को अमृतसर में मीडिया से बातचीत करते हुए श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा नानकसर संत बाबा घाला सिंह से सुरक्षा वापस लेना बिल्कुल गलत कदम है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पंजाब की कानून-व्यवस्था नाजुक स्थिति से गुजर रही है, ऐसे में किसी धार्मिक व्यक्तित्व की सुरक्षा हटाना अनुचित है।
उन्होंने कहा कि नानकसर संप्रदाय सिख धर्म के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। संत बाबा घाला सिंह को लंबे समय से सुरक्षा प्रदान की जा रही थी, जिसे हाल ही में वापस लिया गया है। जत्थेदार ने चिंता जताई कि पंजाब में जो हालात बन रहे हैं, वे राज्य की असली छवि नहीं दर्शाते, बल्कि सिख धर्म की मूल भावना यानी ‘सर्वभला’ के संदेश को प्रभावित कर सकते हैं।
सख्त चेतावनी: ‘अगर कुछ हुआ तो जिम्मेदार सरकार होगी’
ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने अपने बयान में सरकार की कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद संवेदनशील है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार सिख समाज के उन प्रचारकों के साथ ऐसा व्यवहार करती है जो समाज के हित के लिए काम कर रहे हैं, तो यह बिल्कुल उचित नहीं है।
जत्थेदार ने स्पष्ट किया कि यदि सुरक्षा वापस लेने के बाद संत बाबा घाला सिंह के साथ कोई घटना घटती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी। उन्होंने सरकार से तत्काल प्रभाव से बाबा घाला सिंह की सुरक्षा पुनः बहाल करने की मांग की। उनका कहना था कि सिख धर्म के प्रचारक हमेशा समाज और लोगों के भले के लिए कार्यरत रहते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य की जिम्मेदारी है।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सरकार ने ऐसे वक्त में यह फैसला क्यों लिया, जब राज्य की कानून व्यवस्था पहले से ही सवालों के घेरे में है। एक धार्मिक संत की सुरक्षा हटाने के फैसले ने सिख संगठनों में रोष है, और अकाल तख्त के इस बयान के बाद अब सरकार पर दबाव और बढ़ गया है। देखना होगा कि पंजाब सरकार इस मसले पर कोई ठोस कदम उठाती है या फिर मामला और तूल पकड़ता है।
कौन हैं संत बाबा घाला सिंह और क्या है नानकसर संप्रदाय?
नानकसर संप्रदाय सिख धर्म के प्रमुख उप-संप्रदायों में से एक है, जिसकी स्थापना बाबा नानक सिंह ने की थी। इस संप्रदाय का मुख्य केंद्र नानकसर साहिब है, जो कि पंजाब के जिला गुरदासपुर में स्थित है। संत बाबा घाला सिंह इसी संप्रदाय के वर्तमान प्रमुख हैं और उन्हें सिख समुदाय में अत्यंत सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। उनकी सुरक्षा को लेकर अकाल तख्त का यह बयान बताता है कि यह मामला कितना गंभीर हो गया है।
मुख्य बातें (Key Points)
अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ने नानकसर संत बाबा घाला सिंह से सुरक्षा वापसी पर पंजाब सरकार की निंदा की है।
ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि मौजूदा नाजुक हालात में यह फैसला गलत और अनुचित है।
जत्थेदार ने चेतावनी दी कि अगर इसके बाद संत के साथ कोई घटना हुई तो उसकी पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी।
अकाल तख्त ने सरकार से तत्काल प्रभाव से संत बाबा घाला सिंह की सुरक्षा बहाल करने की मांग की है।








