Mukh Mantri Sehat Yojna Punjab को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार 20 मार्च 2026 को चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्वास्थ्य विभाग का चार साल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। सीएम मान ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी सरकार की यह योजना केंद्र की आयुष्मान भारत योजना से कहीं बेहतर है, क्योंकि इसमें पंजाब के हर परिवार को बिना किसी शर्त के ₹10 लाख तक का कैशलेस इलाज मिल रहा है। उन्होंने कहा कि फर्क नीयत और डिलीवरी का है।
‘शानदार चार साल भगवंत मान दे नाल’ सीरीज के तहत सीएम मान ने पहले कृषि और सिंचाई क्षेत्र में काम का ब्योरा दिया था। अब स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने आंकड़ों से साबित करने की कोशिश की कि आप सरकार ने सिर्फ ऐलान नहीं किए, बल्कि जमीन पर दिखने वाला बदलाव लाया है।
Mukh Mantri Sehat Yojna Punjab बनाम Ayushman Bharat: कहां है असली फर्क
सीएम भगवंत मान ने Mukh Mantri Sehat Yojna Punjab और केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के बीच बड़ा अंतर बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 140 करोड़ की आबादी के लिए आयुष्मान भारत में सिर्फ ₹9300 करोड़ का बजट रखा है, जबकि पंजाब सरकार ने अपनी मात्र 3 करोड़ आबादी के लिए ₹2000 करोड़ आवंटित किए हैं। इसका सीधा मतलब है कि पंजाब प्रति व्यक्ति करीब दस गुना ज्यादा खर्च कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत में कई शर्तें और पाबंदियां हैं, जबकि Mukh Mantri Sehat Yojna Punjab में ऐसी कोई बंदिश नहीं है। यह देश की पहली ऐसी योजना है जो हर निवासी परिवार को ₹10 लाख तक का कैशलेस इलाज देती है। उन्होंने आयुष्मान को “दिखावा” तक करार दिया और अपनी योजना को “वरदान” बताया।
₹2000 करोड़ बनाम ₹9300 करोड़: आंकड़ों की असली कहानी
जब आप आंकड़ों को गहराई से देखें तो तस्वीर और साफ होती है। केंद्र का ₹9300 करोड़ का बजट 140 करोड़ लोगों में बांटें तो प्रति व्यक्ति करीब ₹66 बनता है। इसके मुकाबले पंजाब का ₹2000 करोड़ का बजट 3 करोड़ लोगों में बांटें तो प्रति व्यक्ति करीब ₹666 बनता है। यह अंतर बताता है कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य को कितनी प्राथमिकता दी है। इस खर्चे का सीधा फायदा उन परिवारों को मिल रहा है जो पहले इलाज के खर्चे से कर्ज में डूब जाते थे।
सरकारी कर्मचारी, पेंशनर्स और सभी नागरिक सुविधा केंद्रों, कॉमन सर्विस सेंटर्स या ऑनलाइन आधार व वोटर कार्ड के जरिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। योजना में करीब 2600 बीमारियों और इलाज के लिए सरकार द्वारा तय दरें निर्धारित हैं।
25 लाख लोग पंजीकृत, 1.6 लाख से ज्यादा ने कराया इलाज
Mukh Mantri Sehat Yojna Punjab के तहत पंजाब और चंडीगढ़ में करीब 900 सरकारी और निजी अस्पताल एम्पैनल किए गए हैं। अब तक 25 लाख लाभार्थियों का पंजीकरण हो चुका है और 1.6 लाख से ज्यादा लोग इलाज करा चुके हैं। सीएम मान ने कहा कि लोग बड़ी संख्या में इस योजना का फायदा उठाने आगे आ रहे हैं, जिससे ऐसे परिवारों को बड़ी राहत मिली है जिन्हें पहले इलाज पर भारी रकम खर्च करनी पड़ती थी।
वित्तीय आवंटन की बात करें तो साल 2025-26 के लिए ₹1200 करोड़ और 2026-27 के लिए ₹2000 करोड़ का बजट रखा गया है। इस योजना में ऑर्थोपेडिक्स, जनरल मेडिसिन, हृदय, फेफड़े, किडनी की बीमारियां, कैंसर का इलाज समेत 2,356 मेडिकल और सर्जिकल प्रक्रियाएं शामिल हैं।
883 Aam Aadmi Clinics चालू, 5 करोड़ से ज्यादा OPD विजिट
पंजाब सरकार के हेल्थकेयर मॉडल की रीढ़ बन चुकी आम आदमी क्लीनिक की बात करें तो अभी 883 क्लीनिक पूरे पंजाब में चालू हैं। 28 मार्च को 100 और क्लीनिक समर्पित किए जाएंगे और 400 अतिरिक्त क्लीनिक निर्माणाधीन हैं। इन क्लीनिक में 47 तरह के टेस्ट और 107 दवाइयां पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध हैं।
सबसे अहम बात यह है कि इन क्लीनिक में मरीजों की संतुष्टि दर 94 प्रतिशत है, जो किसी भी सरकारी स्वास्थ्य योजना के लिए बड़ा आंकड़ा है। अब तक 5 करोड़ से ज्यादा OPD विजिट हो चुकी हैं और 1.69 करोड़ मरीजों का विशिष्ट बीमारियों के लिए इलाज किया गया है। यह मॉडल अब पूरे भारत में अपनी पहचान बना चुका है।
75 साल में सबसे बड़ी डॉक्टरों की भर्ती
सीएम मान ने दावा किया कि 2022 से अब तक पंजाब में डॉक्टरों की सबसे बड़ी भर्ती हुई है। 948 जनरल डॉक्टर और 627 स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भर्ती की गई, जो पंजाब के 75 साल से ज्यादा के इतिहास में कुल सरकारी डॉक्टर भर्ती का 35 प्रतिशत है। इसके अलावा 300 नर्सिंग स्टाफ और 250 फार्मासिस्ट भर्ती किए गए हैं और 672 नर्सों की भर्ती प्रक्रिया जारी है।
यह आंकड़ा अपने आप में बहुत कुछ बताता है। चार साल में जितने डॉक्टर भर्ती हुए, पिछली सरकारों ने दशकों में भी इतने नहीं भर्ती किए। इससे साफ है कि पंजाब की स्वास्थ्य व्यवस्था कितनी उपेक्षित थी और आप सरकार ने इस कमी को कितनी गंभीरता से भरने की कोशिश की।
AI-Based Cancer Screening: देश में पंजाब बना अग्रणी
तकनीकी मोर्चे पर पंजाब ने बड़ी छलांग लगाई है। सीएम मान ने बताया कि पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है जहां AI-आधारित कैंसर स्क्रीनिंग की गई। सितंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच 9,294 महिलाओं की ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग हुई। साथ ही 1.07 लाख लोगों की विजन स्क्रीनिंग की गई, जिसमें 21,660 लोगों में दृष्टि संबंधी समस्याएं पाई गईं।
डायलिसिस सेवाओं का विस्तार कर क्षमता दोगुनी करके 4800 कर दी गई है, जिससे मरीजों का इंतजार का समय काफी कम हो गया है।
Mission Amrit: 23 जिलों में हार्ट अटैक मरीजों को मिल रही नई जिंदगी
Mission Amrit के तहत Punjab STEMI Project को 23 जिलों में लागू किया गया है। इसमें 29,000 मरीजों का नामांकन हुआ और 1700 से ज्यादा STEMI यानी गंभीर हार्ट अटैक के मामले चिन्हित किए गए। CMC लुधियाना और Medtronic के सहयोग से AI-आधारित Punjab Stroke Project भी चलाया जा रहा है, जिससे 100 से ज्यादा मरीजों को सीधा फायदा हुआ है। यह पहल हजारों हार्ट अटैक मरीजों की जान बचाने में अहम भूमिका निभा रही है।
PET Scan, MRI और अत्याधुनिक मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
सीएम मान ने बताया कि 2026 तक अमृतसर, फरीदकोट, मोहाली और पटियाला में PET Scan की सुविधा शुरू की जाएगी, जिससे कैंसर की एडवांस डायग्नोसिस और मजबूत होगी। अक्टूबर 2026 तक सभी जिला अस्पतालों में MRI सेवाएं उपलब्ध होंगी, जो 500 प्रतिशत की वृद्धि होगी। CT Scan सेवाओं में पहले ही 33 प्रतिशत का विस्तार हो चुका है।
50-50 बेड के 22 क्रिटिकल केयर ब्लॉक निर्माणाधीन हैं। 250-250 बेड क्षमता वाले सात मदर एंड चाइल्ड हेल्थ सेंटर बनाए जा रहे हैं, जिनमें धूरी का 30 बेड वाला सेंटर 17 मार्च को शुरू किया गया। ₹400 करोड़ से ज्यादा की राशि अत्याधुनिक मेडिकल उपकरणों पर खर्च की जा चुकी है। 200 से ज्यादा एम्पैनल निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों में मुफ्त एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड सेवाएं दी जा रही हैं। सभी अस्पतालों में अब मुफ्त दवाइयां भी उपलब्ध हैं।
फरिश्ते स्कीम: सड़क हादसों में 600 से ज्यादा जिंदगियां बचीं
दुर्घटना पीड़ितों के लिए फरिश्ते स्कीम और सड़क सुरक्षा फोर्स के जरिए तुरंत कैशलेस इलाज की व्यवस्था की गई है। जो भी व्यक्ति किसी दुर्घटना पीड़ित की मदद करता है, उसे ₹2000 का नकद इनाम और प्रमाण पत्र दिया जाता है। अब तक इस पहल से 600 से ज्यादा जिंदगियां बचाई जा चुकी हैं। यह योजना आम लोगों को मदद के लिए प्रेरित करने का काम कर रही है।
7 नए मेडिकल कॉलेज: 600 MBBS सीटें बढ़ेंगी
मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब को हब बनाने की दिशा में 7 नए मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं, जिनसे 600 नई MBBS सीटें जुड़ेंगी। अपनी तरह का पहला पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज भी लोगों को बड़ी राहत दे रहा है। सीएम की योगशाला अभियान के तहत रोजाना 8000 योग सत्र आयोजित हो रहे हैं, जिनसे करीब 2 लाख लोग लाभ उठा रहे हैं।
भ्रामक प्रचार पर सीएम मान का कड़ा हमला
सीएम भगवंत मान ने Mukh Mantri Sehat Yojna Punjab के खिलाफ भ्रामक प्रचार करने वालों पर कड़ा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ “पंजाब विरोधी ताकतें” लोगों को इस योजना के फायदों से दूर रखने के लिए अफवाहें फैला रही हैं। सीएम मान ने साफ कहा: “जो लोग इस योजना के बारे में भ्रम फैला रहे हैं, वे पंजाब को स्वस्थ देखना ही नहीं चाहते। यह गलत और अनुचित है।” उन्होंने कहा कि सरकार पंजाब को स्वस्थ और प्रगतिशील बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह भी मौजूद रहे।
क्या है पूरी पृष्ठभूमि
Mukh Mantri Sehat Yojna Punjab को आम आदमी पार्टी सरकार ने 2022 में सत्ता में आने के बाद शुरू किया था। इसका मकसद पंजाब के हर परिवार को बिना किसी शर्त के गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना था। ‘शानदार चार साल भगवंत मान दे नाल’ सीरीज के तहत सीएम मान अलग-अलग विभागों का रिपोर्ट कार्ड पेश कर रहे हैं। कृषि और सिंचाई के बाद अब स्वास्थ्य विभाग का ब्योरा दिया गया, जिसमें आंकड़ों से साबित करने की कोशिश की गई कि सरकार ने सिर्फ वादे नहीं किए बल्कि जमीनी बदलाव भी लाया है। पंजाब पहला राज्य बना जिसने अपने हर नागरिक को ₹10 लाख तक का कैशलेस इलाज गारंटी के रूप में देने का काम किया।
मुख्य बातें (Key Points)
- Mukh Mantri Sehat Yojna Punjab के तहत हर परिवार को बिना शर्त ₹10 लाख तक कैशलेस इलाज: 25 लाख लाभार्थी पंजीकृत, 1.6 लाख से ज्यादा ने कराया इलाज
- 883 आम आदमी क्लीनिक चालू, 5 करोड़ से ज्यादा OPD विजिट, 94% मरीज संतुष्ट: 400 और क्लीनिक निर्माणाधीन
- पंजाब देश का पहला राज्य जहां AI-आधारित कैंसर स्क्रीनिंग हुई: PET Scan 2026 तक चार शहरों में आएगा
- 75 साल में सबसे बड़ी डॉक्टर भर्ती: 948 जनरल और 627 स्पेशलिस्ट डॉक्टर भर्ती, 7 नए मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन








