MP Budget 2026: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विधानसभा में भव्य बजट पेश किया है। उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा (Jagdish Devda) ने लगातार छठी बार यह बजट पेश किया, जिसका कुल आकार 4.38 लाख करोड़ रुपये है। इस महाबजट में सबसे अधिक ध्यान महिलाओं और सामाजिक कल्याण पर दिया गया है। सरकार ने लाडली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो इस बजट की सबसे बड़ी सामाजिक घोषणाओं में से एक है।
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि बजट में पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) के लिए 1,06,156 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान रखा गया है, जबकि राजस्व आधिक्य (रेवेन्यू सरप्लस) 44.42 करोड़ रुपये अनुमानित है। सबसे खास बात यह है कि सरकार इस बार महिला कल्याण पर करीब 1.27 लाख करोड़ रुपये (1,27,555 करोड़ रुपये) निवेश करने जा रही है, जिसमें लाडली बहना योजना के अलावा अन्य योजनाएं भी शामिल हैं।
लाडली बहना योजना: 1500 रुपये जारी, आगे क्या?
लाडली बहना योजना के तहत पहले से ही लाभार्थियों को 1250 रुपये प्रति माह दिए जा रहे थे, जिसे बढ़ाकर अब 1500 रुपये कर दिया गया है। वित्त मंत्री ने बजट भाषण में इस राशि को और बढ़ाने का कोई संकेत नहीं दिया, हालांकि पूर्व में मुख्यमंत्री मोहन यादव यह कहते रहे हैं कि वे इस राशि को 3000 रुपये तक ले जाने पर विचार कर रहे हैं। फिलहाल सरकार ने मौजूदा 1.25 करोड़ लाभार्थियों को यह राशि देने के लिए 23,882 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई थी, तब लाभार्थियों की संख्या 1.31 करोड़ थी, जो उम्र सीमा और अन्य पात्रता शर्तों के चलते घटकर 1.25 करोड़ रह गई है। इस बजट में नए लाभार्थियों के नाम जोड़ने को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई है।
अन्य महिला योजनाओं पर भी फोकस
सरकार ने महिलाओं से जुड़ी अन्य योजनाओं के लिए भी बड़ा बजट रखा है। लाडली लक्ष्मी योजना के लिए 1,801 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुरू की गई थी। वहीं, यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना के लिए 700 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे दुग्ध उत्पादक महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा।
बजट की बड़ी बातें क्या हैं?
कुल बजट: 4.38 लाख करोड़ रुपये
पूंजीगत व्यय: 1,06,156 करोड़ रुपये
राजस्व आधिक्य: 44.42 करोड़ रुपये (अनुमानित)
लाडली बहना योजना: 23,882 करोड़ रुपये (1.25 करोड़ लाभार्थियों को 1500 रुपये/माह)
महिला कल्याण पर कुल निवेश: 1,27,555 करोड़ रुपये
लाडली लक्ष्मी योजना: 1,801 करोड़ रुपये
यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना: 700 करोड़ रुपये
क्या है पृष्ठभूमि?
लाडली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है, जिसे नवंबर 2023 में हुए विधानसभा चुनावों से पहले शुरू किया गया था। शुरुआत में महिलाओं को 1000 रुपये प्रति माह दिए जाते थे, जिसे बाद में बढ़ाकर 1250 रुपये कर दिया गया। चुनावों में इस योजना का बड़ा असर देखने को मिला और सत्तारूढ़ दल को इसका खासा फायदा हुआ। अब सरकार ने एक और चुनावी साल (2026) से पहले राशि बढ़ाकर 1500 रुपये कर दी है, हालांकि 3000 रुपये का वादा अभी अधूरा है।
विश्लेषण: महिला वोट बैंक पर सरकार की नजर
मध्य प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में मोहन यादव सरकार का यह बजट पूरी तरह से महिला वोट बैंक को साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। लाडली बहना योजना में 250 रुपये की बढ़ोतरी भले ही कम लगे, लेकिन 1.25 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंचने वाली यह राशि सरकार के खजाने पर भारी पड़ सकती थी, इसलिए सरकार ने संतुलन बनाए रखा। वहीं, पूंजीगत व्यय में बढ़ोतरी से प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिलेगी, जिसका सीधा असर रोजगार पर पड़ेगा। कुल मिलाकर, यह बजट विकास और कल्याण के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करता है, लेकिन इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार इन योजनाओं को जमीनी स्तर पर कितने प्रभावी ढंग से लागू कर पाती है।
मुख्य बातें (Key Points)
मध्य प्रदेश सरकार (MP Government) ने 4.38 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जिसमें लाडली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये का प्रावधान।
लाडली बहना योजना के तहत अब महिलाओं को 1250 की जगह 1500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे।
महिला कल्याण पर कुल 1.27 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की योजना, जिसमें लाडली लक्ष्मी और यशोदा दुग्ध योजना शामिल हैं।
पूंजीगत व्यय के लिए 1,06,156 करोड़ रुपये का प्रावधान, जिससे विकास कार्यों को गति मिलेगी।
नए लाभार्थियों को जोड़ने या राशि 3000 रुपये करने की कोई घोषणा नहीं की गई है।








