नई दिल्ली, 21 अगस्त (The News Air): हमारे आसपास पहले से कई ऐसी बीमारियां मौजूद हैं जो हमें अपनी चपेट में लेकर काफी बीमार कर सकती हैं। इस बीच मंकीपॉक्स के कारण दुनियाभर के कई सारे देश प्रभावित हुए हैं। आलम ये है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन से लेकर हर देश इसको लेकर सतर्कता बरत रहा है। इस बीमारी को हल्के में लेने की गलती बिलकुल भी नहीं करनी है। इसलिए ही भारत सरकार भी इस बीमारी से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसी क्रम में दिल्ली में कुछ अस्पतालों को इस बीमारी से निपटने के लिए तैयार किया गया है। तो चलिए जानते हैं ये कौन से अस्पताल हैं और आप कैसे इस बीमारी से बच सकते हैं।
इन अस्पतालों में मिलेगा इलाज
- मंकीपॉक्स से निपटने के लिए दिल्ली के 6 अस्पतालों को पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। इसमें केंद्र सरकार के 3 और दिल्ली सरकार के 3 अस्पताल शामिल हैं। केंद्र के एम्स, सफदरजंग और आरएमएल अस्पताल में मंकीपॉक्स का इलाज हो सकेगा।
- जबकि, दूसरी तरफ दिल्ली सरकार के अंतर्गत आने वाले जीटीबी, लोकनायक और अंबेडकर अस्पताल में मंकीपॉक्स का इलाज होगा। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने तीनों अस्पातालों में आइसोलेशन वार्ड बनाकर कुल 40 वार्ड आरक्षित करने का निर्देश दिया है। साथ ही एम्स समेत सूची के बाकी अस्पतालों को भी मंकीपॉक्स से निपटने के लिए तैयार किया गया है।
जिस व्यक्ति या आपको भी अगर मंकीपॉक्स होता है तो इसके कुछ लक्षण हैं जिनसे इसे पहचाना जा सकता हैं…
- सिर दर्द होना
- बुखार आना
- शरीर पर चकत्ते हो जाना या लाल रंग के चकत्ते होना
- खुजली होना
- शरीर में जगह-जगह पर गांठ होना
- मांसपेशियों में दर्द होना।
ऐसे कर सकते है बचाव:-
- संक्रमित व्यक्ति को अलग रखें
- संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर रखें
- शारीरिक संबंध बनाने से बचें
- हाथों को बार-बार धोएं
- घर में और अपने आसपास सफाई का विशेष ध्यान रखें
- लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।








