Middle East War का असर अब सिर्फ मिसाइलों और बंकरों तक सीमित नहीं रहा। यह जंग अब सीधे भारत के आम आदमी की रसोई तक दस्तक देने वाली है। Strait of Hormuz के बंद होने के बाद से एनर्जी सेक्टर बुरी तरह हिल गया है और अगर यह युद्ध इसी तरह जारी रहा तो गैस सिलेंडर से लेकर दाल की थाली तक, सब कुछ महंगा हो सकता है।
‘भारत की LPG सप्लाई का 80-85% दांव पर’
Middle East War में ईरान द्वारा Strait of Hormuz बंद करने के ऐलान के बाद भारत के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। अरब देशों से भारत अपनी कुल LPG सप्लाई का 80 से 85% आयात करता है और यह सारा माल Strait of Hormuz के रास्ते ही भारत में आता है।
सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि कच्चे तेल की तरह भारत के पास LPG का कोई बड़ा रिजर्व नहीं है। यानी अगर सप्लाई रुकी तो तुरंत कोई वैकल्पिक भंडार काम नहीं आएगा। ऐसे में सरकार को जल्द से जल्द नए विकल्प तलाशने होंगे ताकि देश में गैस सिलेंडर की सप्लाई बाधित न हो।
‘कतर ने LNG उत्पादन रोका, दोहरी मार’
Middle East War की वजह से भारत पर LPG के साथ-साथ LNG यानी लिक्विफाइड नेचुरल गैस का संकट भी गहरा गया है। कतर — जो दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा LNG उत्पादक देश है — ने ईरान के ड्रोन हमले के बाद अपने सबसे बड़े LNG एक्सपोर्ट सेंटर पर उत्पादन रोक दिया है।
LNG के लिए भी भारत के पास कोई बड़ा रिजर्व नहीं है। ऐसे में कतर के इस कदम से LNG की उपलब्धता और कीमत दोनों पर सीधा असर पड़ेगा। यह Middle East War का वो असर है जो आम भारतीय को सीधे महसूस होगा।
‘दाल भी होगी महंगी: मसूर-चना पर मंडराया खतरा’
Middle East War का असर सिर्फ गैस तक नहीं रुकेगा। ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के चेयरमैन सुरेश अग्रवाल ने चेतावनी दी है कि अगर युद्ध इसी तरह चलता रहा तो मसूर दाल की कीमतें बढ़ सकती हैं।
भारत ऑस्ट्रेलिया से चना और मसूर दाल का आयात करता है जो अरब सागर के रास्ते से आती है। जंग के कारण इस रूट पर बाधा आने से इन दालों की कीमतें तेजी से ऊपर जा सकती हैं। थाली में दाल भी महंगी हो जाए तो आम परिवारों की मुश्किलें और बढ़ेंगी।
‘Swiggy से खाना मंगाना भी होगा महंगा’
Middle East War का एक और असर उन लोगों पर पड़ेगा जो भागदौड़ भरी जिंदगी में बाहर के खाने पर निर्भर हैं। गैस सिलेंडर के दाम बढ़े तो रेस्तरां और फूड डिलीवरी का खर्च सीधे बढ़ जाएगा। Swiggy और Zomato जैसे प्लेटफॉर्म पर खाना ऑर्डर करना भी पहले से महंगा हो जाएगा।
यानी Middle East War का असर घर के किचन से लेकर ऑफिस के लंच तक, हर जगह महसूस होगा।
‘सरकार कर रही है उच्च स्तरीय बैठकें’
Middle East War से पैदा हुए इस ऊर्जा संकट को देखते हुए भारत सरकार स्थिति का आकलन करने के लिए उच्च स्तरीय बैठकें कर रही है। नए वैकल्पिक स्रोतों की तलाश की जा रही है ताकि देशवासियों को कम से कम परेशानी हो और महंगाई को काबू में रखा जा सके।
लेकिन असली सवाल यह है कि विकल्प कितनी जल्दी मिलेंगे? और जब तक मिलेंगे, तब तक आम आदमी की जेब पर कितनी मार पड़ेगी?
‘जब विदेश की जंग घर की रसोई में घुस आए’
Middle East War की सबसे बड़ी त्रासदी यह है कि इसमें सीधे शामिल न होने के बावजूद भारत के करोड़ों परिवारों को इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है। गैस सिलेंडर, दाल, बाहर का खाना — ये सब आम जीवन की जरूरतें हैं। जब तक Strait of Hormuz पर तनाव है और कतर का LNG उत्पादन बंद है, तब तक यह संकट भारतीय रसोई को छूता रहेगा।
‘क्या है पूरी पृष्ठभूमि’
28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के हमलों के बाद ईरान ने Strait of Hormuz बंद करने का ऐलान किया। इस जलमार्ग से दुनिया की 20% तेल सप्लाई गुजरती है। भारत अपनी LPG का 80-85% अरब देशों से इसी रास्ते मंगाता है। कतर का LNG उत्पादन रुकने से संकट और गहरा गया है। ऑस्ट्रेलिया से आने वाली दालें भी अरब सागर के रास्ते आती हैं, इसलिए दालों पर भी खतरा मंडरा रहा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- भारत अपनी LPG सप्लाई का 80-85% अरब देशों से Strait of Hormuz के रास्ते मंगाता है, जो अब बंद है।
- कतर ने ईरानी हमले के बाद LNG उत्पादन रोका, LNG और LPG दोनों पर संकट।
- ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष ने मसूर-चना दाल के महंगे होने की चेतावनी दी।
- गैस सिलेंडर के दाम बढ़े तो रेस्तरां और Swiggy-Zomato पर खाना भी महंगा हो जाएगा।








