MGNREGS Evaluation in Punjab पंजाब में चल रहे ग्रामीण रोजगार विवाद के बीच केंद्र सरकार के नीति आयोग ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGS) के मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह अध्ययन जनवरी–फरवरी के दौरान राज्य के आठ जिलों में किया जाएगा, जहां मजदूर VB-G RAM G योजना को लेकर विरोध जता रहे हैं।
पंजाब के गांवों में MGNREGS को लेकर बढ़ते असंतोष के बीच अब केंद्र की सक्रियता ने सियासी और प्रशासनिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। NITI Aayog के तहत आने वाले डेवलपमेंट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन ऑफिस (DMEO) ने इस मूल्यांकन अध्ययन की औपचारिक शुरुआत कर दी है।

किन जिलों में होगा MGNREGS का मूल्यांकन
14 जनवरी 2026 को जारी पत्र के अनुसार, यह सर्वे अमृतसर, फिरोजपुर, फाजिल्का, गुरदासपुर, मोगा, मलेरकोटला, शहीद भगत सिंह नगर और संगरूर जिलों में किया जाएगा। पंजाब में कुल 23 जिले होने के बावजूद फिलहाल केवल आठ जिलों को ही चुना गया है।
किसे सौंपी गई जिम्मेदारी
इस अध्ययन की जिम्मेदारी Deloitte Touche Tohmatsu India LLP को दी गई है, जो ORG India के साथ मिलकर फील्ड सर्वे करेगी। सर्वे के दौरान योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों, स्थानीय संस्थानों और अधिकारियों से सीधे जानकारी ली जाएगी।
जिला प्रशासन को क्या निर्देश
DMEO के आर्थिक सलाहकार S Arputhaswamy ने उपायुक्तों से सहयोग सुनिश्चित करने को कहा है। पत्र में साफ निर्देश दिए गए हैं कि फील्ड टीमों को कार्यालयों, स्थानीय निकायों और लाभार्थियों तक समय पर पहुंच दी जाए।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि रोजगार सहायकों जैसे स्थानीय कर्मचारी केवल सर्वे टीम को लोगों तक पहुंचाने में मदद करेंगे, वे न तो जवाब देंगे और न ही इंटरव्यू के दौरान मौजूद रहेंगे।
विरोध की पृष्ठभूमि में मूल्यांकन
यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब पंजाब के गांवों में मजदूर VB-G RAM G योजना के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। मजदूर संगठनों को आशंका है कि नई योजना मौजूदा MGNREGS ढांचे को कमजोर या खत्म कर सकती है।
राजनीतिक मोर्चे पर भी टकराव
पंजाब में कांग्रेस ने “MGNREGS बचाओ संग्राम” शुरू किया है, जबकि Aam Aadmi Party ने भी VB-G RAM G एक्ट के विरोध में प्रस्ताव पारित किया है। इस राजनीतिक माहौल में शुरू हुआ मूल्यांकन कई सवाल खड़े कर रहा है।
चयनित जिलों पर उठे सवाल
पेंडू मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष Tarsem Peter का कहना है कि जब राज्य विधानसभा पहले ही VB-G RAM G के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर चुकी है, तब ऐसे चयनित मूल्यांकन का क्या औचित्य है। उनका मानना है कि यह अध्ययन पंजाब ही नहीं, बल्कि पूरे देश में ग्रामीण रोजगार नीति की दिशा तय कर सकता है।
आम मजदूरों पर असर
गांवों में काम करने वाले मजदूरों के लिए MGNREGS रोज़गार का मुख्य सहारा है। ऐसे में मूल्यांकन और नई योजना को लेकर फैली अनिश्चितता ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। पारदर्शिता और स्पष्ट जानकारी की मांग अब तेज होती जा रही है।
विश्लेषण
MGNREGS का यह मूल्यांकन केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह आने वाले समय में ग्रामीण रोजगार नीति का संकेतक बन सकता है। विरोध के बीच चयनित जिलों में सर्वे यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार जमीनी हालात को परखना चाहती है, लेकिन समय और तरीके को लेकर सवाल भी उतने ही गंभीर हैं।
जानें पूरा मामला
पंजाब में VB-G RAM G योजना के विरोध के बीच नीति आयोग ने MGNREGS का मूल्यांकन कराने का फैसला लिया है। जनवरी–फरवरी में होने वाला यह सर्वे आठ जिलों तक सीमित रहेगा और इसके निष्कर्ष भविष्य की ग्रामीण रोजगार नीतियों को प्रभावित कर सकते हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब के 8 जिलों में MGNREGS का मूल्यांकन शुरू
- NITI Aayog के DMEO की निगरानी में सर्वे
- Deloitte और ORG India को जिम्मेदारी
- VB-G RAM G के खिलाफ मजदूरों का विरोध जारी
- राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज








