Mallikarjun Kharge vs Neeraj Shekhar: राज्यसभा (Rajya Sabha) में एक बार फिर गरमा-गरम बहस देखने को मिली जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) और बीजेपी सांसद नीरज शेखर (Neeraj Shekhar) के बीच तीखी बहस हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि खरगे ने गुस्से में असंसदीय भाषा का प्रयोग कर दिया, जिससे बीजेपी सांसदों ने जमकर विरोध किया।
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— Srinivas BV (@srinivasiyc) February 3, 2025
राज्यसभा में क्या हुआ?
दरअसल, संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा (Rajya Sabha) में मल्लिकार्जुन खरगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) पर टिप्पणी कर रहे थे। इसी दौरान बीजेपी सांसद नीरज शेखर (Neeraj Shekhar) ने कोई टिप्पणी कर दी, जिससे खरगे भड़क गए। गुस्से में उन्होंने कहा:
“तेरे बाप का भी साथी था… तू क्या बोलता है… चुप, चुप, चुप बैठ…“
उनका यह बयान सुनते ही सदन में हंगामा मच गया। बीजेपी के सांसदों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और माफी की मांग की। राज्यसभा में माहौल काफी गर्म हो गया और सभापति जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) को हस्तक्षेप करना पड़ा।
कौन हैं नीरज शेखर और क्यों हुआ विवाद?
नीरज शेखर (Neeraj Shekhar) पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर (Chandra Shekhar) के बेटे हैं और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद हैं। इससे पहले वे समाजवादी पार्टी (SP) में थे, लेकिन 2019 में उन्होंने बीजेपी जॉइन कर ली थी। संसद में हमेशा अपनी बेबाकी के लिए पहचाने जाने वाले नीरज शेखर ने जब खरगे के बयान पर प्रतिक्रिया दी, तो कांग्रेस अध्यक्ष अपना आपा खो बैठे और यह विवाद बढ़ गया।
बीजेपी सांसदों का विरोध, क्या खरगे को माफी मांगनी चाहिए?
बीजेपी सांसदों का कहना था कि खरगे का बयान असंसदीय और अनुचित था। उन्होंने मांग की कि मल्लिकार्जुन खरगे को अपने शब्दों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने इस विवाद को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की और इसे पीएम मोदी पर चर्चा से ध्यान भटकाने की साजिश बताया।
सभापति जगदीप धनखड़ ने किया हस्तक्षेप
राज्यसभा में बढ़ते हंगामे को देखते हुए सभापति जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) ने हस्तक्षेप किया और सांसदों से संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सदन में गरिमा बनाए रखना सभी सांसदों की जिम्मेदारी है।
क्या होगा इस विवाद का असर?
इस विवाद के बाद विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच टकराव और बढ़ सकता है। संसद सत्र के दौरान विपक्ष के नेता अक्सर सरकार को घेरने की कोशिश करते हैं, लेकिन इस बार मल्लिकार्जुन खरगे के बयान ने कांग्रेस को ही बैकफुट पर ला दिया है। देखना दिलचस्प होगा कि क्या खरगे अपने बयान पर सफाई देते हैं या मामला और तूल पकड़ता है।








