Magh Mela Prayagraj : प्रयागराज, माघ मेले में अमेठी से आए रुद्राक्ष वाले बाबा यानी Shivayogi Abhay Chaitanya Brahmachari Mauni Maharaj श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। उन्होंने संगम लोअर मार्ग पर अपने शिविर का विधि-विधान से भूमि पूजन किया। मौनी महाराज ने बताया कि वे 15 फरवरी महाशिवरात्रि के स्नान पर्व तक राष्ट्र रक्षा और समाज से जुड़े बड़े संकल्पों के साथ विशेष अनुष्ठान करेंगे।

संगम लोअर मार्ग पर भूमि पूजन
Prayagraj के माघ मेले में मौनी महाराज ने अपने शिविर का भूमि पूजन किया। इसी शिविर से उनके सभी धार्मिक अनुष्ठान और कठिन परिक्रमा की शुरुआत हुई, जो मकर संक्रांति से महाशिवरात्रि तक चलती रहेगी।
5 करोड़ 51 लाख रुद्राक्षों से शिवलिंग
मौनी महाराज ने बताया कि उनके शिविर में 11 फीट ऊंचा भगवान शिव का दिव्य शिवलिंग बनाया जाएगा, जो 5 करोड़ 51 लाख रुद्राक्षों से निर्मित होगा। इसे सर्व कामना सिद्धि के लिए स्थापित किया जाएगा।
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महामंत्र जाप, दीप प्रज्ज्वलन और हवन
इस अनुष्ठान के दौरान 12 करोड़ 51 लाख महामंत्रों का जाप किया जाएगा। इसके साथ सवा 11 लाख दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे और 101 कुंतल हवन सामग्री से विशाल हवन किया जाएगा।
आतंकवाद विनाश के लिए त्रिशूल स्थापना
मौनी महाराज ने बताया कि आतंकवाद के विनाश के संकल्प के तहत 11 हजार काले त्रिशूलों की स्थापना की जाएगी। यह अनुष्ठान राष्ट्र रक्षा के भाव के साथ किया जा रहा है।
काशी-मथुरा और हिंदू राष्ट्र का संकल्प
मौनी महाराज ने कहा कि वे काशी और मथुरा में भव्य मंदिर निर्माण, भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने और गंगा को अविरल-निर्मल रखने जैसे संकल्पों के साथ यह साधना कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन संकल्पों के लिए उन्हें न शरीर की चिंता है, न प्राणों की।
42-43 किलो रुद्राक्ष धारण
मौनी महाराज ने बताया कि वे अपने शरीर पर 33 हजार से भी अधिक रुद्राक्ष धारण करते हैं, जिनका कुल वजन करीब 42-43 किलो है। इनमें एक मुख से लेकर 26 मुख तक के दुर्लभ रुद्राक्ष शामिल हैं, जो उन्हें नेपाल नरेश से प्राप्त हुए थे।

विश्लेषण: आस्था, संकल्प और संदेश
माघ मेले में मौनी महाराज का यह अनुष्ठान केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था और राष्ट्र से जुड़े विचारों का सार्वजनिक संदेश भी है। भारी संख्या में रुद्राक्ष, विशाल शिवलिंग और कठिन परिक्रमा श्रद्धालुओं को आस्था से जोड़ते हुए माघ मेले की रौनक को और बढ़ा रहे हैं।
जानें पूरा मामला
प्रयागराज के माघ मेले में शिवयोगी अभय चैतन्य ब्रह्मचारी मौनी महाराज ने संगम लोअर मार्ग पर भूमि पूजन कर महाशिवरात्रि तक चलने वाले विशेष अनुष्ठानों की शुरुआत की है, जिसमें राष्ट्र और समाज से जुड़े कई संकल्प शामिल हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- संगम लोअर मार्ग पर मौनी महाराज का भूमि पूजन
- 5 करोड़ 51 लाख रुद्राक्षों से 11 फीट ऊंचा शिवलिंग
- 12 करोड़ 51 लाख महामंत्रों का जाप और सवा 11 लाख दीप
- राष्ट्र रक्षा और आतंकवाद विनाश के संकल्प
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न








