LPG Price Hike का असर अब सीधे घर की रसोई पर पड़ने लगा है। पश्चिमी एशिया में जारी युद्ध के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर जो दबाव बना है, वह अब भारत में एलपीजी की भारी किल्लत के रूप में सामने आ रहा है। शनिवार को कीमतों में बढ़ोतरी और नया नियम लागू होते ही गैस एजेंसियों के बाहर दोपहर तक लंबी कतारें लग गईं और आम उपभोक्ता बेहाल नजर आए।
‘एक महीने से लग रही हैं लंबी कतारें’
भले ही नए नियम अभी-अभी लागू हुए हों, लेकिन हकीकत यह है कि पिछले करीब एक महीने से ही विभिन्न गैस वितरण केंद्रों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। पहले जहां बुकिंग के बाद दो से तीन दिनों के भीतर वेंडर सिलेंडर घर तक पहुंचा देते थे, वहीं अब एजेंसी में खुद जाकर बुकिंग कराने के बाद भी एक से दो सप्ताह तक इंतजार करना पड़ रहा है और तब भी मुश्किल से सिलेंडर मिल पाता है।
‘शादियों का मौसम नहीं, फिर भी गहरी किल्लत’
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि अभी शादी-विवाह का सीजन भी नहीं है, जब गैस की मांग स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है। इसके बावजूद लोगों को गैस सिलेंडर के लिए एजेंसियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। खुद एजेंसी कर्मचारियों का कहना है कि तीन-चार महीने पहले तक सिलेंडर से भरी गाड़ियां नियमित रूप से आती थीं, लेकिन अब कई-कई दिनों के इंतजार के बाद महज एक या दो गाड़ियां ही पहुंच रही हैं। इसके कारण नियमित सप्लाई पूरी तरह चरमरा गई है और अग्रिम बुकिंग के बावजूद उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे।
‘रेवाड़ी में 3 लाख उपभोक्ता परेशान’
यह संकट किसी एक एजेंसी या एक इलाके तक सीमित नहीं है। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी लोग गैस सिलेंडर के लिए इसी तरह भटक रहे हैं। रेवाड़ी जिले में विभिन्न एजेंसियों के जरिए करीब 3 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की आपूर्ति होती है। एक तरफ ऊपर से नियमित सप्लाई नहीं आ रही, तो दूसरी तरफ सप्लाई करने वाले कर्मचारियों की लापरवाही ने भी हालात को और बिगाड़ दिया है।
‘होली के बाद से और गहराई किल्लत’
होली के बाद से गैस एजेंसियों में भरे हुए सिलेंडरों की कमी अचानक और तेज हो गई है। बुकिंग के बावजूद समय पर सिलेंडर न मिलने से लोगों को बार-बार एजेंसियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इससे न सिर्फ उनका समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि रोजाना की रसोई पर भी सीधा असर पड़ रहा है।
‘अब 25 दिन में मिलेगा एक सिलेंडर’
LPG Price Hike के साथ-साथ शनिवार से एक नया नियम भी लागू हुआ है, जो हर उपभोक्ता की जेब और रसोई पर सीधी चोट करेगा। नए नियम के तहत अब एक सिलेंडर खाली होने के बाद दूसरा सिलेंडर लेने के लिए 25 दिनों का इंतजार करना होगा। इससे पहले यह सीमा 15 दिन की थी। बड़े परिवारों के लिए यह बदलाव खासी मुश्किल खड़ी कर सकता है, क्योंकि 25 दिन में रसोई चलाना उनके लिए और मुश्किल हो जाएगा।
‘कालाबाजारी का बाजार भी गर्म’
जहां सरकारी आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ा रही है, वहीं कुछ लोग इस मौके का भरपूर फायदा उठाने में लगे हैं। चोरी-छिपे सिलेंडर रिफिल कर गैस बेचने वाले अब मनमाने दाम वसूल रहे हैं। इतना ही नहीं, कुछ वेंडर भी मांग बढ़ने का हवाला देकर उपभोक्ताओं से 50 से 100 रुपये तक अतिरिक्त वसूल रहे हैं। यह कालाबाजारी पहले से परेशान आम उपभोक्ता के लिए दोहरी मार बन गई है।
‘रसोई की आग पर वैश्विक युद्ध का साया’
पश्चिमी एशिया का युद्ध अब सिर्फ समाचारों की सुर्खी नहीं रहा, वह भारत के करोड़ों घरों की रसोई तक पहुंच गया है। LPG Price Hike और 25 दिन के नए नियम ने मिलकर आम गृहस्थी की मुश्किलें दोगुनी कर दी हैं। ऊपर से आपूर्ति की कमी, कर्मचारियों की लापरवाही और कालाबाजारी ने इस संकट को और गहरा बना दिया है। जब तक सरकार और तेल कंपनियां सप्लाई चेन को दुरुस्त नहीं करतीं, यह किल्लत लाखों परिवारों की रोज की परेशानी बनी रहेगी।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- LPG Price Hike के साथ शनिवार से नया नियम लागू, अब 25 दिनों में मिलेगा एक सिलेंडर, पहले 15 दिन में मिलता था।
- पश्चिमी एशिया में युद्ध के कारण एलपीजी आपूर्ति बाधित, गैस एजेंसियों के बाहर एक महीने से लंबी कतारें।
- रेवाड़ी जिले में 3 लाख से अधिक उपभोक्ता प्रभावित, शहर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में सिलेंडर की भारी किल्लत।
- कालाबाजारी में वेंडर 50 से 100 रुपये तक अतिरिक्त वसूल रहे, होली के बाद से सप्लाई और बिगड़ी।








