LPG Cylinder Theft Jhansi : मिडिल ईस्ट में चल रही ईरान-इजराइल जंग के कारण पूरे भारत में LPG संकट गहराता जा रहा है और ठीक इसी बीच उत्तर प्रदेश के झांसी से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है। सीपरी बाजार थाना क्षेत्र से रसोई गैस सिलेंडरों से भरा एक ट्रक चोरी हो गया, जिसमें करीब 524 भरे हुए LPG गैस सिलेंडर लोड थे। इन सिलेंडरों की कीमत लगभग ₹18 लाख बताई जा रही है। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और खाली ट्रक तो बरामद हो गया है, लेकिन एक भी सिलेंडर अब तक नहीं मिला है।
कैसे हुई LPG Cylinder Theft: होली की छुट्टी बनी चोरों के लिए मौका
LPG Cylinder Theft Jhansi का पूरा मामला बेहद चौंकाने वाला है। ट्रक मालिक ने पुलिस को बताया कि उनका ट्रक, जिसका नंबर UP 93 BT 341 है, झांसी के करारी स्थित भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL) के प्लांट से जुड़ा हुआ है। 2 मार्च को इस प्लांट से 524 रसोई गैस सिलेंडर ट्रक में लोड किए गए थे, जिन्हें कानपुर देहात के गजनेर भेजा जाना था।
लेकिन होली के त्यौहार की वजह से ट्रक चालक राजकुमार ने ट्रक को प्लांट के बाहर ही खड़ा करके छोड़ दिया और छुट्टी पर चला गया। बस यहीं से चोरों को सुनहरा मौका मिल गया। करीब चार दिन तक ₹18 लाख कीमत के 524 सिलेंडरों से भरा ट्रक बिना किसी निगरानी के प्लांट के बाहर खड़ा रहा।
चार दिन बाद मिला खाली ट्रक: GPS भी तोड़ डाला चोरों ने
6 मार्च को सूचना मिली कि ट्रक झांसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र में पारछा के पास हाईवे किनारे खाली खड़ा हुआ है। जब ट्रक मालिक मौके पर पहुंचा तो उसके होश उड़ गए। ट्रक में एक भी गैस सिलेंडर नहीं बचा था: सभी 524 सिलेंडर गायब थे। चोर इतने शातिर थे कि उन्होंने गाड़ी का GPS सिस्टम भी तोड़ दिया ताकि ट्रक की लोकेशन ट्रेस न की जा सके।
पुलिस ने ट्रक मालिक की शिकायत पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने ट्रक तो बरामद कर लिया है लेकिन चोरी हुए 524 गैस सिलेंडरों की तलाश के लिए विशेष टीम लगाई गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों का पता लगाकर बड़ी कार्रवाई की जाएगी और सिलेंडर बरामद किए जाएंगे।
LPG संकट के बीच ब्लैक मार्केट में पहुंचे सिलेंडर? सवाल गंभीर
LPG Cylinder Theft Jhansi का यह मामला इसलिए और भी गंभीर हो जाता है क्योंकि यह चोरी ठीक उस वक्त हुई है जब मिडिल ईस्ट में चल रहे ईरान-इजराइल संघर्ष के कारण पूरे भारत में LPG की सप्लाई प्रभावित हो रही है। देश के कई शहरों में कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतें ₹1,400 से ₹1,500 तक पहुंच गई हैं और ब्लैक मार्केट में घरेलू सिलेंडर भी ₹1,000 से कम में नहीं मिल रहा है।
ऐसे हालात में 524 सिलेंडरों की चोरी कोई मामूली वारदात नहीं है। यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या ये सिलेंडर ब्लैक मार्केट में बेचने के लिए चुराए गए हैं? जिस समय पूरा देश LPG संकट से जूझ रहा है, उस समय इतनी बड़ी संख्या में सिलेंडरों की चोरी जमाखोरी और कालाबाजारी की आशंकाओं को और मजबूत करती है।
केंद्र सरकार के आपातकालीन कदम: ESMA लागू, रिफिल साइकिल 25 दिन
LPG Cylinder Theft Jhansi की घटना ऐसे वक्त में सामने आई है जब विदेशों से कम LPG गैस की आपूर्ति की वजह से केंद्र सरकार ने कई आपातकालीन कदम उठाए हैं। सरकार ने LPG के कमर्शियल इस्तेमाल को नियंत्रित कर दिया है और रिफाइनरियों को LPG का उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
जमाखोरी रोकने के लिए घरेलू गैस की रिफिल का समय बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है, जो पहले 15 दिन था। कमर्शियल सेक्टर के लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के तीन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स की एक बड़ी कमेटी बनाई गई है। सरकार हॉस्पिटल और शिक्षण संस्थानों को गैस आवंटन में प्राथमिकता दे रही है।
इसके साथ ही सरकार ने देश में घरेलू कुकिंग गैस की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए जरूरी वस्तु कानून (Essential Commodities Act) लागू कर दिया है। सरकारी आदेश के अनुसार कुछ सेक्टर्स को नेचुरल गैस की सप्लाई प्राथमिकता के आधार पर दी जाएगी, जिनमें घरेलू PNG सप्लाई, ट्रांसपोर्ट के लिए CNG, LPG पाइपलाइन, कंप्रेसर फ्यूल और आवश्यक पाइपलाइन ऑपरेशन शामिल हैं।
BPCL प्लांट की सुरक्षा पर उठे सवाल: बिना निगरानी कैसे खड़ा रहा ट्रक?
LPG Cylinder Theft Jhansi का यह मामला भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के करारी प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। ₹18 लाख कीमत के 524 गैस सिलेंडरों से भरा ट्रक चार दिनों तक प्लांट के बाहर बिना किसी सुरक्षा या निगरानी के खड़ा रहा और किसी को कानोकान खबर तक नहीं हुई। न प्लांट प्रशासन ने ध्यान दिया, न ड्राइवर ने किसी को सूचित किया कि ट्रक खड़ा छोड़कर जा रहा है।
जिस दौर में पूरा देश LPG संकट से जूझ रहा है, उस दौर में इतनी बड़ी लापरवाही चिंताजनक है। यह सवाल भी उठता है कि क्या BPCL और अन्य ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के प्लांट्स और ट्रांसपोर्ट सिस्टम में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं? अगर एक ट्रक चार दिन तक बिना निगरानी खड़ा रह सकता है और 524 सिलेंडर चोरी हो सकते हैं तो यह पूरे सिस्टम की खामी की ओर इशारा करता है।
ऊर्जा संकट का असर: जमाखोरी और चोरी दोनों बढ़ रही हैं
मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष का असर अब सिर्फ LPG की कीमतों पर ही नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था पर भी दिखने लगा है। जब बाजार में किसी चीज की कमी होती है और कीमतें बेतहाशा बढ़ती हैं तो चोरी, जमाखोरी और कालाबाजारी जैसी वारदातें बढ़ जाती हैं। झांसी की यह घटना इसी बात का सबूत है।
जब तक मिडिल ईस्ट में यह संघर्ष जारी रहेगा, तब तक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल बनी रहेगी और भारत को इसके दूरगामी असर झेलने पड़ सकते हैं। सरकार ने जो भी कदम उठाए हैं वो तात्कालिक हैं, लेकिन अगर यह संकट लंबे समय तक जारी रहा तो आम आदमी की रसोई से लेकर उद्योगों तक सब प्रभावित होंगे। अब देखना यह है कि झांसी पुलिस 524 चोरी हुए सिलेंडरों को कितनी जल्दी बरामद कर पाती है और आरोपियों तक पहुंच पाती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- झांसी के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र से524 LPG गैस सिलेंडरों से भरा ट्रक चोरी हुआ, जिनकी कीमत लगभग ₹18 लाख है। पुलिस ने खाली ट्रक बरामद किया, सिलेंडरों की तलाश जारी।
- BPCL के करारी प्लांट से 2 मार्च को लोड हुआ ट्रक होली की छुट्टी में बिना निगरानी खड़ा रहा, चोरों ने GPS तोड़कर सिलेंडर उड़ाए, 6 मार्च को पारछा के पास खाली ट्रक मिला।
- ईरान-इजराइल जंग के कारण LPG संकट के बीच सरकार ने जरूरी वस्तु कानून लागू किया, कमर्शियल LPG नियंत्रित किया और घरेलू रिफिल साइकिल 25 दिन की गई।
- हॉस्पिटल और शिक्षण संस्थानों को गैस आवंटन में प्राथमिकता दी जा रही है, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के तीन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स की विशेष कमेटी गठित।







