LPG Crisis India: ईरान पर अमेरिका–इजराइल हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध की वजह से भारत में एलपीजी गैस की आपूर्ति बुरी तरह चरमरा गई है। भारत अपनी 60% एलपीजी जरूरतें आयात से पूरी करता है और इसका 90% हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरता है, जो अब युद्ध की वजह से लगभग बंद है। इस संकट ने घरेलू रसोई से लेकर होटल, रेस्टोरेंट और उद्योगों तक को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सरकार ने अब लोगों से पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पर तेजी से स्विच करने का निर्देश दिया है।
पीएम मोदी की अहम बैठक, PNG पर स्विच करने का निर्देश
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेल आपूर्ति और गैस संकट पर कई बड़े नेताओं और अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में एलपीजी सप्लाई, पीएनजी ट्रांजिशन और ऊर्जा सुरक्षा पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके बाद सरकार ने साफ तौर पर लोगों से कहा है कि जहां भी पीएनजी की सुविधा उपलब्ध है, वहां एलपीजी के बजाय ज्यादा से ज्यादा पीएनजी का इस्तेमाल करें।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने राज्यों के साथ बैठक में प्रेजेंटेशन दी, जिसमें पीएनजी को बढ़ावा देने के लिए कई ठोस कदम सुझाए गए। सरकार का लक्ष्य है कि जहां पीएनजी उपलब्ध है, वहां घरेलू और व्यावसायिक दोनों तरह के उपभोक्ता जल्द से जल्द एलपीजी से पीएनजी पर स्विच कर लें।
33 करोड़ LPG यूजर्स बनाम सिर्फ 1 करोड़ PNG उपभोक्ता
भारत में एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 33 करोड़ है, जबकि सक्रिय पीएनजी उपभोक्ता सिर्फ करीब 1 करोड़ हैं। यह अंतर बताता है कि भारत कितना ज्यादा एलपीजी पर निर्भर है। सरकार का मानना है कि करीब 60 लाख परिवार ऐसे हैं जो आसानी से पीएनजी पर स्विच कर सकते हैं क्योंकि उनके इलाकों में पहले से पीएनजी की पाइपलाइन बिछी हुई है। इन परिवारों को बस कनेक्शन लेने की जरूरत है।
कई सीजीडी (सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन) कंपनियां इस संकट के बीच उपभोक्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए फ्री रजिस्ट्रेशन, कनेक्शन चार्ज माफी जैसे ऑफर दे रही हैं। सरकार ने 14 मार्च 2026 से एक नया आदेश भी जारी किया है: जिन लोगों के पास पहले से पीएनजी कनेक्शन है, वे अब नया घरेलू एलपीजी कनेक्शन नहीं ले सकते और उन्हें अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना अनिवार्य होगा।
पाइपलाइन बिछाने में तेजी: 24 घंटे में मंजूरी का आदेश
सरकार ने पीएनजी नेटवर्क के तेजी से विस्तार के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। शहर गैस वितरण (CGD) पाइपलाइन बिछाने के सभी लंबित आवेदनों के लिए डीम्ड परमिशन जारी की जा रही है। सभी नए सीजीडी परमिशन 24 घंटे के भीतर मंजूर करने का निर्देश दिया गया है। राज्य या स्थानीय निकायों द्वारा लगाए जाने वाले रोड रेस्टोरेशन और परमिशन चार्जेस माफ कर दिए गए हैं। काम के घंटों में भी छूट दी गई है ताकि तेजी से काम पूरा हो सके।
इसके साथ ही पेट्रोलियम और नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (PNGRB) ने शहर गैस कंपनियों, शिपर्स और उपभोक्ताओं के लिए असंतुलन चार्जेस माफ कर दिए हैं। यह असाधारण परिस्थितियों की वजह से दी गई अस्थायी राहत है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग बिना किसी अतिरिक्त बोझ के पीएनजी से जुड़ सकें।
सिलेंडर ₹60 महंगा, कालाबाजारी और पैनिक बुकिंग का माहौल
मार्च 2026 में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹60 की बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में 14.2 किलो का घरेलू सिलेंडर अब ₹913 का हो गया है, जबकि मुंबई में ₹912.50, कोलकाता में ₹939, चेन्नई में ₹928.50 और पटना में तो ₹1002.50 तक पहुंच गया है। कॉमर्शियल 19 किलो सिलेंडर भी ₹114.50 की बढ़ोतरी के साथ दिल्ली में ₹1,883 हो गया है।
मार्च के पहले हफ्ते में सरकारी ईंधन रिटेलरों की एलपीजी बिक्री में भारी गिरावट दर्ज हुई। कई शहरों में सिलेंडर डिलीवरी में भारी देरी हो रही है। लोग शिकायत कर रहे हैं कि ऐप पर डिलीवरी दिखाई जाती है लेकिन सिलेंडर नहीं मिलता। पैनिक बुकिंग और कालाबाजारी की शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं। सरकार ने 12,000 से अधिक छापेमारी कर 15,000 से ज्यादा सिलेंडर जब्त किए हैं।
होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर, चाय तक नहीं मिल रही
व्यावसायिक एलपीजी की किल्लत का सबसे बुरा असर होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री पर पड़ रहा है। कई रेस्टोरेंट अपना मेन्यू छोटा कर रहे हैं, गर्म भोजन बंद कर रहे हैं या काम के घंटे कम कर रहे हैं। कुछ जगहों पर तो चाय तक बंद हो गई है। व्यावसायिक एलपीजी की भारी कमी से कई प्रतिष्ठान बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं।
होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने महाराष्ट्र सरकार से वार्षिक लाइसेंस फीस में छूट या किश्तों में भुगतान की मांग की है। वहीं गुजरात के मोरबी में 450 से ज्यादा सिरेमिक यूनिट्स कम से कम तीन हफ्ते के लिए बंद हो गई हैं, क्योंकि गैस की कमी से उत्पादन पूरी तरह ठप पड़ गया है। यह संकट सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं है, बल्कि लाखों लोगों की आजीविका और रोजगार पर सीधा असर डाल रहा है।
अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
सरकार ने कड़ी चेतावनी दी है कि जो लोग गैस सिलेंडर को लेकर अफवाह फैला रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जमाखोरी से बचें। सरकार ने होर्डिंग रोकने के लिए 25 दिन की अनिवार्य इंटर-बुकिंग अवधि भी लागू कर दी है। इसके अलावा घरेलू उत्पादन में 40% की बढ़ोतरी की गई है और अमेरिका समेत अन्य देशों से वैकल्पिक आयात चैनल भी शुरू किए गए हैं।
आम आदमी पर कितना भारी पड़ रहा यह संकट
यह संकट आम भारतीय परिवारों की रसोई को सीधे प्रभावित कर रहा है। जहां पहले सिलेंडर बुक करने के एक-दो दिन में डिलीवरी हो जाती थी, वहां अब हफ्ते भर से ज्यादा का इंतजार करना पड़ रहा है। कीमतें बढ़ रही हैं, सप्लाई कम हो रही है और विकल्प सीमित हैं। भारत की एलपीजी स्टोरेज क्षमता सिर्फ दो हफ्ते की राष्ट्रीय खपत के बराबर है, जो इस संकट को और गंभीर बनाती है। ऐसे में सरकार का पीएनजी पर जोर देना एक दीर्घकालिक रणनीति जरूर है, लेकिन करोड़ों ऐसे परिवार जहां पीएनजी पहुंचना अभी संभव नहीं, उनके लिए राहत का इंतजार बेसब्री से जारी है।
मुख्य बातें (Key Points)
- ईरान युद्ध से होर्मुज जलडमरूमध्य बंद, भारत का 90% एलपीजी आयात प्रभावित।
- सरकार ने PNG पर स्विच करने का निर्देश दिया, 60 लाख परिवार तुरंत स्विच कर सकते हैं।
- घरेलू सिलेंडर ₹60 महंगा, दिल्ली में ₹913 हुआ; 12,000+ छापेमारी में 15,000+ सिलेंडर जब्त।
- गुजरात में 450+ सिरेमिक यूनिट्स बंद, होटल-रेस्टोरेंट मेन्यू छोटा कर रहे या बंद हो रहे।







