Laljit Singh Bhullar Arrested: DM Suicide Case Punjab में आज 23 मार्च 2026 को सबसे बड़ा एक्शन हुआ, जब पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के सीधे हुक्म पर पंजाब पुलिस ने पूर्व मंत्री और AAP विधायक लालजीत सिंह भुल्लर को गिरफ्तार कर लिया। भुल्लर पर पंजाब राज्य भंडारण निगम (PSWC) अमृतसर और तरनतारन के जिला प्रबंधक डॉ. गगनदीप सिंह रंधावा को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का गंभीर आरोप है। इस गिरफ्तारी ने पंजाब की राजनीति में भूचाल ला दिया है।
दो दिन पहले सलफास की गोलियां खाकर DM ने दी थी जान
दो दिन पहले अमृतसर में वेयरहाउस के जिला प्रबंधक डॉ. गगनदीप सिंह रंधावा ने सलफास (Sulphas) की गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली थी। मरने से पहले डॉ. रंधावा ने एक वीडियो बनाई थी, जिसमें उन्होंने अपनी मौत का सीधा जिम्मेदार पंजाब सरकार के तत्कालीन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को बताया था।
यह वीडियो सामने आते ही पूरे पंजाब में हड़कंप मच गया। एक सरकारी अधिकारी द्वारा मरने से पहले सत्ताधारी पार्टी के मंत्री पर इस तरह के गंभीर आरोप लगाना अपने आप में एक अभूतपूर्व घटना थी।
CM भगवंत मान ने उसी दिन लिया था इस्तीफा, Chief Secretary को सौंपी थी जांच
मामला सामने आते ही मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लालजीत सिंह भुल्लर का मंत्री पद से इस्तीफा उसी दिन स्वीकार कर लिया था। इसके साथ ही पूरे मामले की जांच के आदेश चीफ सेक्रेटरी को दिए गए।
मृतक की पत्नी के बयानों के आधार पर पुलिस ने लालजीत सिंह भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर, उनके पीए बाघा और तीन अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली थी। लेकिन गिरफ्तारी में देरी को लेकर विपक्ष और आम जनता में भारी गुस्सा था।
टेंडर के लिए दबाव, कुटाई और पिस्तौल की नोक पर जबरन वीडियो
इस पूरे मामले की जड़ में वेयरहाउस का एक टेंडर है। आरोप है कि लालजीत सिंह भुल्लर ने अपने पिता सुखदेव सिंह भुल्लर को वेयरहाउस का टेंडर दिलवाने के लिए डॉ. गगनदीप सिंह पर भारी दबाव डाला था।
जब डॉ. गगनदीप ने टेंडर देने से इनकार किया तो भुल्लर ने उन्हें अपने घर बुलाकर बुरी तरह पिटाई की। इतना ही नहीं, आरोप यह भी है कि भुल्लर ने अपनी पिस्तौल की नोक पर डॉ. गगनदीप से जबरदस्ती एक वीडियो भी बनवाई। विपक्षी दलों ने इस वीडियो का हवाला देते हुए सरेआम भुल्लर पर ये आरोप लगाए हैं।
एक सरकारी अधिकारी के साथ इस स्तर की बर्बरता और दबंगई ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को हिलाकर रख दिया है। यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति की मौत का नहीं, बल्कि सत्ता के दुरुपयोग और अफसरों पर राजनीतिक दबाव की एक भयावह तस्वीर पेश करता है।
चंडीगढ़ में विपक्ष का रोष प्रदर्शन, लंबे संघर्ष का ऐलान
इस मुद्दे पर शिरोमणि अकाली दल, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के नेताओं ने चंडीगढ़ में जोरदार रोष प्रदर्शन किया। तीनों विपक्षी दलों ने एकजुट होकर लालजीत सिंह भुल्लर की गिरफ्तारी की मांग की और लंबे संघर्ष का ऐलान भी किया।
पंजाब की राजनीति में यह बेहद दुर्लभ दृश्य था जब अकाली दल, बीजेपी और कांग्रेस एक साथ एक मंच पर खड़े दिखे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस मामले ने राज्य की राजनीति को कितना गहरा झटका दिया है।
आखिर गिरफ्तारी पर क्यों मजबूर हुई AAP सरकार?
लालजीत सिंह भुल्लर की गिरफ्तारी कई कारणों से अपरिहार्य हो चुकी थी। एक तरफ मृतक डॉ. गगनदीप की वीडियो में सीधे आरोप, दूसरी तरफ उनकी पत्नी के बयान पर दर्ज FIR, तीसरी तरफ खाद्य खरीद एजेंसियों के अधिकारियों द्वारा पंजाब भर में दफ्तर बंद करके विरोध, और चौथी तरफ विपक्ष का तीखा हमला और संसद में गृह मंत्री अमित शाह द्वारा CBI जांच का सशर्त प्रस्ताव। इन सबके बीच AAP सरकार के लिए गिरफ्तारी टालना राजनीतिक रूप से असंभव हो चुका था।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सीधे हुक्म देकर पंजाब पुलिस को कार्रवाई का आदेश दिया, जिसके बाद भुल्लर को गिरफ्तार कर लिया गया। यह कदम AAP सरकार के लिए राजनीतिक रूप से बेहद कठिन रहा होगा, क्योंकि भुल्लर उनकी अपनी पार्टी के विधायक और हाल तक मंत्री थे।
आम अधिकारियों के लिए क्या संदेश जाता है?
डॉ. गगनदीप सिंह रंधावा का यह मामला सिर्फ पंजाब तक सीमित नहीं है। यह पूरे देश के उन सरकारी अधिकारियों के लिए एक दर्दनाक आईना है जो रोजाना राजनीतिक दबाव, अपमान और प्रताड़ना झेलते हैं लेकिन अपनी आवाज नहीं उठा पाते। अगर एक जिला प्रबंधक स्तर के अधिकारी को इतनी बर्बरता झेलनी पड़ सकती है तो निचले स्तर के कर्मचारियों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
भुल्लर की गिरफ्तारी एक सही कदम है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या इस मामले में अंत तक सख्त कार्रवाई होगी और क्या ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस व्यवस्था बनाई जाएगी।
क्या है पूरे मामले की पृष्ठभूमि?
पंजाब राज्य भंडारण निगम (PSWC) के अमृतसर और तरनतारन के जिला प्रबंधक डॉ. गगनदीप सिंह रंधावा ने दो दिन पहले सलफास की गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले उन्होंने एक वीडियो में AAP विधायक और तत्कालीन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को जिम्मेदार ठहराया। आरोप है कि भुल्लर ने अपने पिता को वेयरहाउस का टेंडर दिलवाने के लिए डॉ. गगनदीप पर दबाव डाला, कुटाई की और पिस्तौल की नोक पर जबरन वीडियो बनवाई। CM भगवंत मान ने उसी दिन भुल्लर का इस्तीफा लिया, चीफ सेक्रेटरी को जांच सौंपी और मृतक की पत्नी के बयान पर FIR दर्ज हुई। विपक्ष ने चंडीगढ़ में प्रदर्शन किया, खाद्य खरीद एजेंसियों के अधिकारियों ने दफ्तर बंद किए और संसद में भी मामला गूंजा। अंततः 23 मार्च 2026 को CM के हुक्म पर पंजाब पुलिस ने भुल्लर को गिरफ्तार कर लिया।
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मुख्य बातें (Key Points)
- CM भगवंत मान के सीधे हुक्म पर पंजाब पुलिस ने सांबक मंत्री और AAP विधायक लालजीत सिंह भुल्लर को DM Suicide Case Punjab में गिरफ्तार किया।
- डॉ. गगनदीप सिंह रंधावा ने मरने से पहले वीडियो में भुल्लर को जिम्मेदार ठहराया था; आरोप है कि टेंडर न देने पर भुल्लर ने कुटाई की और पिस्तौल की नोक पर जबरन वीडियो बनवाई।
- FIR में भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर, PA बाघा और 3 अज्ञात व्यक्ति नामजद हैं।
- अकाली दल, BJP और कांग्रेस ने चंडीगढ़ में संयुक्त विरोध प्रदर्शन कर लंबे संघर्ष का ऐलान किया था।








