गुरूवार, 26 मार्च 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - NEWS-TICKER - Kumar Vishwas Motivational Speech: ‘मेहनत कम है तो कुछ नहीं चलेगा’

Kumar Vishwas Motivational Speech: ‘मेहनत कम है तो कुछ नहीं चलेगा’

प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास ने सफलता के मंत्र साझा किए: 38 साल के स्टेज अनुभव से बताया कैसे बदलती है किस्मत

The News Air Team by The News Air Team
शुक्रवार, 6 मार्च 2026
A A
0
Kumar Vishwas Motivational Speech
104
SHARES
693
VIEWS
ShareShareShareShareShare
Google News
WhatsApp
Telegram

Kumar Vishwas Motivational Speech : प्रसिद्ध कवि और वक्ता कुमार विश्वास ने हाल ही में एक कॉर्पोरेट कार्यक्रम में ऐसा ओजस्वी भाषण दिया जिसने हर श्रोता के दिल को छू लिया। ‘सर्वोत्तम’ विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में कुमार विश्वास ने अपने 38 साल के स्टेज अनुभव, जिंदगी की कठिनाइयों और सफलता के असली मंत्र को इस तरह साझा किया कि हर बात पत्थर की लकीर बन गई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि प्रतिभा कम हो तो चलेगा, दिशा गलत हो तो चलेगा, लेकिन मेहनत कम है तो कुछ नहीं चलेगा।

17 साल की उम्र में शुरू हुआ सफर, इंजीनियरिंग छोड़ी, कविता चुनी

Kumar Vishwas Motivational Speech में उन्होंने अपनी जिंदगी का वो किस्सा सुनाया जिसने उन्हें आज का कुमार विश्वास बनाया। उन्होंने बताया कि 2 सितंबर 1988 को वे पहली बार 17 साल की उम्र में स्टेज पर चढ़े और तब से लगभग 5000 रातें जागकर 44 देशों में कार्यक्रम कर चुके हैं। 10 फरवरी को बसंत पंचमी के दिन उन्होंने 56 वर्ष पूरे किए।

उन्होंने बताया कि इंजीनियरिंग के पहले साल में ही उनके अंदर से एक आवाज आई कि डायोड-ट्रायोड और चिप्स थ्योरी पढ़ने के लिए वे पैदा नहीं हुए हैं, बल्कि कविता लिखने के लिए पैदा हुए हैं। उन्होंने अपना लोहे का बक्सा उठाया, झेलम एक्सप्रेस में बैठे और घर लौट आए। पिताजी ने भावनात्मक, मानसिक और शारीरिक तीनों तरीकों से समझाने की कोशिश की, लेकिन जब सब फेल हो गया तो कहा कि जो करना है करो, लेकिन अपना पैसा खुद कमाओ।

‘लौटने की ट्रेन का टिकट फाड़ दो, तभी सफलता मिलेगी’

Kumar Vishwas Motivational Speech का सबसे दमदार हिस्सा वह था जब उन्होंने मुंबई के संघर्ष करने वालों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि मुंबई में जो लोग हीरो-हीरोइन बनने आते हैं, उनमें से जो लौटने की ट्रेन का टिकट फाड़ कर फेंक देते हैं वे बन जाते हैं। और जिनके पास लौटने के पैसे बचते हैं, वे कभी नहीं बन पाते। क्योंकि पैसे उन्हें बार-बार कम संघर्ष के लिए प्रेरित करते हैं।

उन्होंने अपना भी यही अनुभव साझा किया। शुरुआत में जब छोटे-छोटे कस्बों की नगरपालिकाओं में कार्यक्रम होते थे तो खुद बस अड्डे पर उतरना, धर्मशाला ढूंढना, स्टेज पर जाना और आखिर में 101 या 201 रुपये लेने के लिए खजांची को ढूंढना पड़ता था जो शराब पीकर सो गया होता था। लेकिन इन्हीं कठिनाइयों ने रोज सिखाया कि अभी कम है, और कम है, और कम है।

सचिन तेंदुलकर और आशा भोसले से सीखा सर्वोत्तम होने का मतलब

कुमार विश्वास ने अपने भाषण में सचिन तेंदुलकर का वह किस्सा सुनाया जो सर्वोत्तम होने का असली मतलब समझाता है। उन्होंने बताया कि सचिन ने एक बार कहा था कि जब भी वे क्रीज पर जाते हैं और पहली बॉल आती है तो उनकी नाभि के आसपास एक गोल चक्र चलता है। उन्हें ऐसी बेचैनी होती है जैसे पहली बार वानखेड़े में जूनियर टीम के अतिरिक्त खिलाड़ी की तरह उतरे थे। यही क्वेस्ट, यही तड़प अगर आपके काम में नहीं है तो वह आपको महान नहीं बना सकती।

इसी तरह उन्होंने गायिका आशा भोसले का एक अविस्मरणीय किस्सा सुनाया। एक आर्ट फिल्म ‘भैरवी’ के गाने की रिकॉर्डिंग के दौरान जब एक युवा म्यूजिशियन ने 75-80 साल की आशा ताई से कहा कि बहुत अच्छा हो गया, अब बंद करो, तो आशा ताई ने नाराज होकर कहा: “ये जल्दबाजी का काम करना है तो नई लड़कियों से करा ले। मेरे से नहीं होगा। मुझे गाने दे।” तीन घंटे से गा रही थीं, कोई बड़ी फिल्म नहीं थी, ज्यादा पैसा भी नहीं मिला था, लेकिन काम को सही करने की जिद उनमें इतनी थी कि जल्दबाजी बर्दाश्त नहीं हुई। कुमार विश्वास ने कहा: “इसे कहते हैं सर्वोत्तम होना। इसे कहते हैं पुरुषोत्तम होना।”

एपीजे अब्दुल कलाम: ऋषि कैसे होते हैं, ऐसे होते हैं

Kumar Vishwas Motivational Speech में एक बेहद भावुक प्रसंग तब आया जब उन्होंने बताया कि स्विट्जरलैंड के जर्मेट में अपनी छोटी बेटी को हिंदी की किताब पढ़ा रहे थे। किताब में लिखा था “एक समय में एक जंगल में एक महान ऋषि रहते थे।” बेटी ने पूछा: “बाबा, ऋषि क्या होते हैं?” कुमार विश्वास ने मोबाइल खोला, एपीजे अब्दुल कलाम का चेहरा दिखाया और कहा: “ऋषि ऐसे होते हैं।”

उन्होंने कलाम साहब के जीवन को ऋषि तुल्य बताते हुए कहा कि एक मछुआरे के घर में पैदा हुए, मुअज्जिन के बेटे थे, वहां से राष्ट्रपति तक पहुंचे। साइंटिस्ट रहे तो पार एक्सीलेंस, राष्ट्रपति रहे तो अभूतपूर्व। और विदा कैसे हुए: शिलांग के आईआईएम में भाषण दे रहे थे, स्टेज पर खड़े होकर बोले “दिस इज कॉल्ड लाइफ”, लाइफ कहा और नीचे झुके, माथा डायस पर चला गया। जिंदगी भर काम किया, मुल्क के लिए, मनुष्यता के लिए, और हंसते हुए, बोलते हुए, अपना काम करते हुए चले गए।

रामायण से सीखी टीम बिल्डिंग: स्किल नहीं, सत्य चुनो

कुमार विश्वास ने रामायण से टीम बिल्डिंग का अनूठा पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि भगवान राम के सामने दो भाइयों में से एक को चुनना था: बाली या सुग्रीव। बाली का सीवी शानदार था, वह सात बार रावण को पराजित कर चुका था। सुग्रीव ने तो रावण देखा भी नहीं था। लेकिन राम ने स्किल सेट नहीं चुना, सत्य का रास्ता चुना। सत्य सुग्रीव के साथ था क्योंकि उसके साथ धोखा किया गया था। राम ने देखा कि क्वेस्ट, अपना वंचित अधिकार पाने की आग किसके अंदर है।

हनुमान का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि हनुमान की वंश परंपरा शानदार थी, वायुपुत्र थे, पंचकन्याओं में से अंजनी के पुत्र, ब्रह्मा और शंकर उनके गुरु, रुद्रावतार। लेकिन जब सीता ने पूछा कि तू कौन है तो उन्होंने यह नहीं कहा कि मैं वायुपुत्र हूं, अंजनी का बेटा हूं। उनका एक लाइन का परिचय था: “राम दूत मैं मात जानकी।” यानी संस्थान के प्रति समर्पण ही सबसे बड़ी पहचान है।

150 करोड़ सपने: भारत की आर्थिक तरक्की की असली ताकत

Kumar Vishwas Motivational Speech में उन्होंने भारत की आर्थिक तरक्की पर गहरी बात कही। उन्होंने कहा कि कैंसर शरीर में नहीं, सेल में होता है और इम्यूनिटी भी शरीर में नहीं, सेल में होती है। हिंदुस्तान की आर्थिक तरक्की के शरीर की मजबूत सेल में से एक आप हैं, यह सदा महसूस करिए।

उन्होंने कहा कि भारत की तरक्की किसी एक सरकार की वजह से नहीं हो रही, बल्कि 150 करोड़ लोगों के सपनों से हो रही है। जो पैदल चल रहा है उसे साइकिल का सपना है, साइकिल वाले को मोटरसाइकिल का, मोटरसाइकिल वाले को कार का, और यह सिलसिला मर्सिडीज से लेकर चार्टर प्लेन तक जाता है। इन सारे सपनों को जब पंख दिए जाते हैं तो उसका नाम हिंदुस्तान है, उसका नाम भारत है।

उन्होंने यह भी कहा कि हम छोटे-छोटे देशों से अपनी तुलना करते हैं। सिंगापुर में 80 लाख लोग हैं, न्यूजीलैंड में 48 लाख। 150 करोड़ यात्रियों का इतना बड़ा जहाज चुनौतियों के सागर में इतनी तेजी से कभी नहीं दौड़ा जितना भारत आज दौड़ रहा है।

धर्म का असली मतलब: न पूजा, न नमाज, न गिरजाघर

कुमार विश्वास ने भारतीय दर्शन से जीवन के चार हेतु समझाए: धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष। उन्होंने कहा कि दुनिया में अकेला देश भारत है जिसने अर्थ को जीवन के हेतु में गिना, बाकी दुनिया ने इसे रेगुलेशन ऑफ लाइफ माना। लेकिन सबसे पहले उन्होंने धर्म की परिभाषा समझाई जो शायद ज्यादातर लोग पहली बार सुन रहे थे।

उन्होंने कहा कि धर्म का मतलब घंटी बजाना नहीं, नमाज पढ़ना नहीं, गिरजाघर जाना नहीं। ये धार्मिक क्रियाएं हैं, धर्म नहीं। किसी भी पदार्थ, व्यक्ति, समाज या देश का वह मूल गुण जिसके न होने पर वह वैसा न कहलाए, वह धर्म है। जैसे आंख का मूल धर्म देखना है, जो आंख देखे नहीं वह आंख नहीं। पानी का मूल धर्म प्यास बुझाना है। तो मनुष्य का धर्म क्या है? मनुष्यता। अगर आपके अंदर ह्यूमैनिटी नहीं है तो आप धार्मिक नहीं हैं, चाहे किसी भी धर्म के हों।

डेस्टिनी और लक में फर्क: किस्मत बदली जा सकती है

Kumar Vishwas Motivational Speech में उन्होंने डेस्टिनी (प्रारब्ध) और लक (भाग्य) का अंतर बेहद सरल तरीके से समझाया। उन्होंने कहा कि डेस्टिनी वह है जो बदल नहीं सकते, जैसे किन मां-बाप के घर पैदा हुए, किस शहर में जन्म लिया। लेकिन लक (भाग्य) बदला जा सकता है।

उन्होंने कहा कि लक थोड़े दिन कोशिश करता है आपकी जिंदगी में रुकावट डालने की। लेकिन अगर आप इतनी मेहनत करो कि रुकने का नाम ही न लो, तो लक को बहुत सारे लोगों का काम देखना है। वह आपका केस छोड़कर दूसरी तरफ चला जाता है और कहता है: “भैया तू माफ कर, तू जा पहले।” भाग्य परिवर्तनशील है, प्रारब्ध नहीं।

सर्चलाइट का सिद्धांत: सफलता आती है, ठहरती नहीं

कुमार विश्वास ने सफलता को समझाने के लिए सर्चलाइट का शानदार उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जैसे आर्मी में सर्चलाइट ऊपर लगी होती है और घूमती रहती है, वैसे ही ईश्वर की एक सर्चलाइट है जो घूमती रहती है। आप अपनी जगह पर खड़े हैं, धीमे-धीमे वह सर्चलाइट आपके ऊपर आती है और आपको गलतफहमी हो जाती है कि मेरे होने से हो रहा है।

लेकिन वह सर्चलाइट घूमती रहती है और एक दिन पड़ोस में खड़े उस आदमी पर पहुंच जाती है जिसे आपने कभी गिना भी नहीं था। दिलजीत दोसांझ का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने बीच में कोई नया गाना नहीं गाया, वही पुराने गाने थे, फिर भी अचानक 4-6 लाख के टिकट बिकने लगे। यह सर्चलाइट का कमाल था।

इसमें बने रहने का एक ही तरीका है: अपनी एक्सिस्टेंस को उस सर्चलाइट की स्पीड के साथ सिंक कर लो। वह जिधर जा रही है उधर चलो। आखिरी सांस तक सर्चलाइट में रहोगे।

1000 साल की गुलामी ने बदला हमारा DNA

कुमार विश्वास ने एक बेहद दिलचस्प बात कही जब उन्होंने बताया कि केरल की यात्रा से लौटने पर उनकी छोटी बेटी ने पूछा कि केरल के लोग इतने हंबल और कल्चरल कैसे हैं, जबकि वेस्टर्न यूपी में लोग इतने रिएक्टिव क्यों हैं। कुमार विश्वास ने समझाया कि 1000 साल में दो-दो बार वैकेशन पर लोग आए उत्तर भारत को लूटने के लिए: शक, हूण, कुषाण, यवन, चंगेज, पठान, तुर्क, तातार, मंगोल, डच, फ्रांसीसी, पुर्तगाली, रुहेले, खिलजी। हर बार कोई ऊंट या घोड़े पर चढ़कर रात को लूटने आ जाता था। यह रिएक्शन DNA में चला गया।

सौभाग्य से यह आतंक दक्षिण भारत में नहीं पहुंचा। इसीलिए आज भी दक्षिण में कला, संस्कृति, सभ्यता बहुत अच्छी है। लोग अच्छे से बात करते हैं, उनमें श्रद्धा और समर्पण बहुत ज्यादा है।

‘आपका होना इतना महत्वपूर्ण हो कि जाने के बाद भी वह होता रहे’

Kumar Vishwas Motivational Speech का सबसे गहरा संदेश यह था कि मरने के बाद कौन बचेगा यह पता नहीं, लेकिन जो कुछ होना है आपके होने पर होना है। और आपका होना इतना महत्वपूर्ण होना चाहिए कि आपके जाने के बाद भी वह होता रहे।

उन्होंने रोहित शर्मा और विराट कोहली का उदाहरण देते हुए कहा कि जब भारत ने हाल ही में एक मैच जीता तो खेलने वाले नए बच्चों के उतने पोस्टर नहीं थे जितने न खेलने वाले इन दो खिलाड़ियों के। हर जगह “मिसिंग रोहित, मिसिंग विराट” के पोस्टर थे। क्यों? क्योंकि उनका होना महत्वपूर्ण था।

भगवान राम के साथ लड़ने के लिए सैकड़ों वानर गए, लेकिन उल्लेखनीय दो-चार ही बचे। और उनमें से एक ऐसा उल्लेखनीय हो गया कि आज किसी गांव में राम का मंदिर न हो, लेकिन ऐसा गांव हिंदुस्तान में नहीं है जहां बजरंगबली न बैठे हों।

‘काम रिजल्ट के लिए नहीं, काम के लिए हो रहा है’

कुमार विश्वास ने लक्ष्मी मित्तल का एक किस्सा सुनाया। सिमी ग्रेवाल के शो में जब लक्ष्मी मित्तल से पूछा गया “व्हाट डज मनी मीन्स टू लक्ष्मी मित्तल?” तो एक सेकंड के सौवें हिस्से में उन्होंने कहा: “नथिंग।” फिर वह आदमी क्यों कमा रहा है? क्योंकि अब काम रिजल्ट के लिए नहीं हो रहा, काम के लिए हो रहा है।

उन्होंने कहा कि जिस दिन आप यह सोचकर काम करना शुरू कर दें कि मेरा यही जीना-मरना है, मुझे यही आता है, यही मैं सबसे अच्छा कर सकता हूं, उस दिन काम आपको रिवार्ड देना शुरू कर देगा। काम आपको रिकॉग्नाइज करना शुरू कर देगा।

मनुष्य की जिजीविषा: कमजोर जानवर से पृथ्वी का मालिक

कुमार विश्वास ने मनुष्य के विकास की कहानी बेहद रोचक तरीके से सुनाई। उन्होंने कहा कि लाखों वर्ष पहले कमजोर स्किन, कमजोर दांत, कमजोर उंगलियों वाले एक जानवर ने सोचा कि जंगल की भीड़ में मैं कैसे बचूंगा। उसने पिछले पैरों पर खड़ा होना शुरू किया, पेड़ पर चढ़ना शुरू किया, पत्थरों को घिसना शुरू किया। अपने स्किल सेट को इस तरह इंप्रोवाइज किया कि उसके DNA में यह इंप्रोवाइजेशन आ गया।

यह भी पढे़ं 👇

Breaking News Live Updates 26 March 2026

Breaking News Live Updates 26 March 2026: Today Big Updates, हर पल खबर

गुरूवार, 26 मार्च 2026
Today in History 26 March

Today in History 26 March: बांग्लादेश की आजादी से लेकर पाकिस्तान का परमाणु परीक्षण, जानें आज का इतिहास

गुरूवार, 26 मार्च 2026
IMD Weather

IMD Weather Forecast: दो पश्चिमी विक्षोभ से 31 मार्च तक भारी बारिश, आंधी-तूफान का अलर्ट

गुरूवार, 26 मार्च 2026
Aaj Ka Rashifal 26 March 2026

Aaj Ka Rashifal 26 March 2026: रामनवमी पर इन राशियों का चमकेगा भाग्य, जानें राशिफल

गुरूवार, 26 मार्च 2026

आज सबसे कमजोर जानवर होने के बावजूद वह दुनिया के सारे जानवरों पर राज करता है। यहां तक कि पंच तत्वों: क्षिति, जल, पावक, गगन, समीर पर भी उसने अधिकार कर लिया है। पवित्र कुरान उसे अशरफुल मख्लूकात कहती है, बाइबल कहती है “आई एम द डिवाइन फ्लेम” और वेद कहते हैं “अहम ब्रह्मास्मि”।

चुपचाप काम करो, एक दिन दुनिया मानेगी

Kumar Vishwas Motivational Speech का समापन करते हुए उन्होंने कहा कि अगर आप साइलेंस के साथ चुपचाप काम करते रहे तो एक दिन दुनिया मानती है, समय मानता है। लेकिन वक्त लगता है। इसके बीच में आंसुओं भरी रातें होती हैं, उपेक्षा भरे दिन होते हैं, बदला लेने का मन करता है, आग लगा देने का मन करता है।

ऐसे समय में जैसे गैस भरे गुब्बारे को नीचे बैठा एक पत्थर रोक लेता है, वैसे ही आपके अंदर जो आध्यात्मिकता है, जो ईश्वरीय तत्व है, वह आपको रोकता है। वह आपको उसी उड़ान पर रखता है और तब आप आकाश नापते हैं। उन्होंने होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह होली आपके जीवन में प्रगति, भरोसे, विश्वास और स्थायित्व के रंग लाए।

‘मुख्य बातें (Key Points)’
  • कुमार विश्वास ने 38 साल के स्टेज अनुभव से बताया कि प्रतिभा कम हो तो चलेगा, दिशा गलत हो तो चलेगा, लेकिन मेहनत कम है तो कुछ नहीं चलेगा और वह भी सेल्फलेस मैनर में
  • डेस्टिनी (प्रारब्ध) नहीं बदलती, लेकिन लक (भाग्य) बदला जा सकता है: जो लगातार मेहनत करता है उसके रास्ते से किस्मत भी हट जाती है
  • सर्चलाइट सिद्धांत: सफलता की सर्चलाइट घूमती रहती है, उसमें बने रहने का एकमात्र तरीका है अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर लगातार काम करते रहना
  • भारत की ताकत 150 करोड़ सपनों में है: हर व्यक्ति देश की आर्थिक तरक्की की एक मजबूत सेल है, अपने काम पर मुग्ध रहो और संस्थान के प्रति समर्पित रहो
Previous Post

Aaj Ka Rashifal 6 March 2026: इन राशियों को मिलेगा जबरदस्त धन लाभ

Next Post

Breaking News Live 6 March 2026: आज की बड़ी खबरें और ताजा अपडेट

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

Breaking News Live Updates 26 March 2026

Breaking News Live Updates 26 March 2026: Today Big Updates, हर पल खबर

गुरूवार, 26 मार्च 2026
Today in History 26 March

Today in History 26 March: बांग्लादेश की आजादी से लेकर पाकिस्तान का परमाणु परीक्षण, जानें आज का इतिहास

गुरूवार, 26 मार्च 2026
IMD Weather

IMD Weather Forecast: दो पश्चिमी विक्षोभ से 31 मार्च तक भारी बारिश, आंधी-तूफान का अलर्ट

गुरूवार, 26 मार्च 2026
Aaj Ka Rashifal 26 March 2026

Aaj Ka Rashifal 26 March 2026: रामनवमी पर इन राशियों का चमकेगा भाग्य, जानें राशिफल

गुरूवार, 26 मार्च 2026
Punjab AI Hackathon

Punjab AI Hackathon: सरकारी स्कूलों के 1000 छात्रों ने सीखी AI तकनीक, बड़ा कदम

बुधवार, 25 मार्च 2026
Punjab Vigilance Bureau

Punjab Vigilance Bureau: रिश्वत लेते ASI को रंगे हाथों दबोचा, खुला चौंकाने वाला मामला

बुधवार, 25 मार्च 2026
Next Post
Breaking News Live 6 March 2026

Breaking News Live 6 March 2026: आज की बड़ी खबरें और ताजा अपडेट

Sukhoi Su-30MKI Crash Assam

Sukhoi Su-30MKI Crash Assam: दो वीर पायलट वीरगति को प्राप्त, तीसरा बड़ा हादसा!

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

GN Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।