LIVE | ...
गुरूवार, 13 अगस्त 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - कभी खिलजी ने फुंकवाया था नालंदा विवि, हफ्तों जलती रही थीं किताबें…

कभी खिलजी ने फुंकवाया था नालंदा विवि, हफ्तों जलती रही थीं किताबें…

पीएम ने राष्ट्र को समर्पित किया नया कैंपस

The News Air Team by The News Air Team
बुधवार, 19 जून 2024
in Breaking News, NEWS-TICKER, राष्ट्रीय
A A
0
लंदा यूनिवर्सिटी
104
SHARES
690
VIEWS
ShareShareShareShareShare

PM Modi to inaugurate New Nalanda University Campus: पीएम मोदी बुधवार को नालंदा यूनिवर्सिटी का राजगीर कैंपस राष्ट्र को समर्पित किया. उनके साथ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेनकर के साथ ही 17 देशों के राजदूत और नालंदा विश्विद्यालय के छात्र भी मौजूद रहे. इस दौरान प्रधानमंत्री पहली बार प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहर का अवलोकन भी करेंगे. इस मौके पर आइए जान लेते हैं क्या है नालंदा विश्वविद्यालय का गौरवमय इतिहास.

केंद्र में तीसरी बार सरकार बनाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पहली बार बिहार पहुंचे. उन्होंने नालंदा यूनिवर्सिटी का राजगीर कैंपस राष्ट्र को समर्पित किया. उनके साथ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेनकर के साथ ही 17 देशों के राजदूत और नालंदा विश्विद्यालय के छात्र भी मौजूद रहे. इस दौरान प्रधानमंत्री पहली बार प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहर का अवलोकन भी करेंगे. इस मौके पर आइए जान लेते हैं क्या है नालंदा विश्वविद्यालय का गौरवमय इतिहास.

नालंदा शब्द संस्कृत के तीन शब्दों ना +आलम +दा की संधि से बना है. इसका अर्थ ही है ज्ञान रूपी उपहार पर किसी तरह का प्रतिबंध न रखना. इसी उद्देश्य से बिहार के राजगीर में आज से कई सौ साल पहले सन् 450 ईस्वी में नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना गुप्त वंश के शासक कुमारगुप्त प्रथम ने की थी. तब यह भारत में उच्च शिक्षा का सबसे महत्वपूर्ण और दुनिया भर में प्रसिद्ध केंद्र था.

यह भी पढे़ं 👇

Historical

13 अगस्त का इतिहास: Berlin Wall से Manhattan Project तक, जानें इस दिन की अहम घटनाएं

गुरूवार, 13 अगस्त 2026
Breaking News Live Updates

Breaking News Live Updates: आज की हर बड़ी खबर, हर पल अपडेट

गुरूवार, 13 अगस्त 2026
Red Alert

मानसून में मौत का तांडव: Odisha-West Bengal में Red Alert, IMD ने जारी की चेतावनी

गुरूवार, 13 अगस्त 2026
Breaking News Live Updates 13

Breaking News Live Updates 13 अगस्त 2026: Top Alerts, हर खबर सबसे पहले

गुरूवार, 13 अगस्त 2026

अपनी स्थापना के बाद लगभग 700-800 सालों तक प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय देश-दुनिया में ज्ञान की अलख जगाता रहा. शिक्षा के इस मंदिर को महान सम्राट हर्षवर्द्धन के साथ ही पाल शासकों का भी संरक्षण मिलता रहा.

दुनिया का पहला आवासीय विश्वविद्यालय था

दरअसल, इस विश्वविद्यालय की स्थापना का उद्देश्य यह था कि ध्यान और अध्यात्म के लिए एक स्थान हो, जहां ज्ञान भी मिले. बताया जाता है कि भगवान गौतम बुद्ध ने कई बार नालंदा की यात्रा की और यहां पर ध्यान भी लगाया था. मठ की तर्ज पर बना यह विश्वविद्यालय ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और यूरोप की सबसे पुरानी बोलोग्ना यूनिवर्सिटी से भी 500 साल से ज्यादा पुराना था. तक्षशिला के बाद नालंदा को ही दुनिया का दूसरा सबसे प्राचीन विश्वविद्यालय माना जाता है. आवासीय सुविधा वाला यह दुनिया का पहला विश्वविद्यालय था.

तीन सौ कमरों वाले विश्वविद्यालय में नौमंजिला पुस्तकालय था

इतिहासकार बताते हैं कि नालंदा विश्वविद्यालय के अवशेषों से पता चलता है कि यह स्थापत्य कला का एक अद्भुत नमूना था. इसमें 300 कमरे और सात बड़े-बड़े कक्ष थे. इसमें काफी बड़ा पुस्तकालय था, जिसका नाम धर्म गूंज था, जिसका मतलब है सत्य का पर्वत. नौ मंजिला इस पुस्तकालय में तीन हिस्से थे, जिन्हेंरत्नरंजक, रत्नोदधि, और रत्नसागर नामों से जाना जाता था. यहां पर एक समय में तीन लाख से भी अधिक किताबें होती थीं.

Nalanda University Picture

नालंदा विश्वविद्यालय का इतिहास सबसे पहले चीन के यात्री ह्वेनसांग और इत्सिंग ने खोजा था. फोटो- B P S Walia/IndiaPictures/Universal Images Group via Getty Images

रहना-खाना और पढ़ना, सबकुछ मुफ्त था

इस विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों का चयन मेरिट के जरिए होता था और उनका रहना-खाना और पढ़ाई सबकुछ निशुल्क होती थी. एक समय में यहां 10 हजार से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ाई करते थे, जिनके लिए 2700 से ज्यादा अध्यापक नियुक्त रहते थे. यहां भारत के अलावा कोरिया, जापान, तिब्बत, चीन, ईरान, इंडोनेशिया, ग्रीस, मंगोलिया समेत कई अन्य देशों के छात्र भी पढ़ने के लिए आते थे. यहां साहित्य, ज्योतिष शास्त्र, साइकोलॉजी, एस्ट्रोनॉमी, कानून, विज्ञान, युद्धकौशल, इतिहास, गणित, आर्किटेक्टर, लैंग्वेज साइंस, इकोनॉमिक, मेडिसिन समेत कई विषयों की पढ़ाई होती थी. इसके पूर्व छात्रों में इतिहास की कई हस्तियां शामिल हैं, जिनमें महान स्रमाट हर्षवर्धन, पाल वंश के शासक धर्मपाल, वसुबन्धु, धर्मकीर्ति, आर्यवेद और नागार्जुन के नाम शामिल हैं.

ह्वेनसांग और इत्सिंग ने खोजा था इतिहास

नालंदा विश्वविद्यालय का इतिहास सबसे पहले चीन के यात्री ह्वेनसांग और इत्सिंग ने खोजा था. ये दोनों सातवीं शताब्दी में भारत के दौरे पर आए थे और अपने देश लौटने के बाद नालंदा विश्वविद्यालय के बारे में विस्तार से लिखा. इन दोनों चीनी यात्रियों ने नालंदा को विश्व का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय बताया था. इस विश्वविद्यालय की खासियत थी कि यहां पर सभी काम लोकतान्त्रिक प्रणाली से होता था. हर फैसला सभी की सहमति से लिया जाता था, जिसके लिए सन्यासियों के साथ शिक्षक और छात्र भी अपने विचार रखते थे.

Nalanda University New Campus

ऐसा दिखता है नालंदा यूनिवर्सिटी का नया कैंपस

बख्तियार खिलजी ने आक्रमण कर लगा दी थी आग

इतिहास के जानकार बताते हैं कि साल 1193 में बख्तियार खिलजी ने नालंदा विश्वविद्यालय पर आक्रमण किया और यहां पर आग लगवा दी थी. तब नालंदा विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में रखी किताबें ही कई सप्ताह तक जलती रहीं और आग नहीं बुझ पाई थी. इस आक्रमण के दौरान नालंदा में काम करने वाले कई धर्माचार्यों और बौद्ध भिक्षुओं को भी मार डाला गया था.

विशाल दीवार से घिरा था पूरा परिसर

प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के अवशेषों से पता चलता है कि पूरा परिसर एक विशाल दीवार से घिरा था. इसमें प्रवेश के लिए एक मेन गेट था. इसके भीतर उत्तर से दक्षिण की ओर कतार में मठ थे और उनके सामने कई भव्य स्तूप और मंदिर बनाए गए थे. इन मंदिरों में भगवान बुद्ध की सुंदर मूर्तियां स्थापित थीं, जो नष्ट हो चुकी हैं. खास बात यह है कि नालंदा विश्वविद्यालय के संस्थापक कुमारगुप्त हिंदू थे, फिर भी नालंदा में बौद्ध धर्म को परिश्रय मिला था.

Nalanda University New Campus Picture

नालंंदा यूनिवर्सिटी का नया कैंपस.

दीवारों के अवशेष पर चल सकता है ट्रक

बिहार में पटना से करीब 90 किलोमीटर और बिहार शरीफ से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर दक्षिण में आज भी इस प्राचीन बौद्ध विश्वविद्यालय के खंडहर पाए जाते हैं. राजगीर जिले में स्थित इस विश्वविद्यालय की दीवारों के अवशेष ही इतने चौड़े हैं कि इन पर ट्रक तक चलाया जा सकता है. वैसे खुदाई में यहां 1.5 लाख वर्ग फुट में नालंदा विश्वविद्यालय के निशान मिले हैं पर माना जाता है कि यह पूरे विश्वविद्यालय का केवल 10 प्रतिशत हिस्सा ही है.

संयुक्त राष्ट्र घोषित कर चुका है विरासत

अब नालंदा की तर्ज पर ही राजगीर में नया नालंदा विश्वविद्यालय बनाया गया है. आधिकारिक रूप से इसकी स्थापना 25 नवंबर 2010 को ही हो गई थी. इससे पहले नालंदा विश्वविद्यालय के फिर से उद्धार का प्रस्ताव तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने साल 2006 में बिहार की विधानसभा में रखा था. साल 2016 में ही प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहरों को संयुक्त राष्ट्र विरासत स्थल घोषित किया जा चुका है.

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

पंजाब में 10 हजार पुलिसकर्मियों की होगी भर्ती, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने की घोषणा

Next Post

विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

Historical

13 अगस्त का इतिहास: Berlin Wall से Manhattan Project तक, जानें इस दिन की अहम घटनाएं

गुरूवार, 13 अगस्त 2026
Breaking News Live Updates

Breaking News Live Updates: आज की हर बड़ी खबर, हर पल अपडेट

गुरूवार, 13 अगस्त 2026
Red Alert

मानसून में मौत का तांडव: Odisha-West Bengal में Red Alert, IMD ने जारी की चेतावनी

गुरूवार, 13 अगस्त 2026
Breaking News Live Updates 13

Breaking News Live Updates 13 अगस्त 2026: Top Alerts, हर खबर सबसे पहले

गुरूवार, 13 अगस्त 2026
Daily Horoscope 13 August 2026

आज का राशिफल 13 अगस्त 2026: सिंह राशि में चंद्रमा का गोचर, जानें सभी 12 राशियों का हाल

गुरूवार, 13 अगस्त 2026
Helium Crisis

Helium Crisis: China Export Ban से India पर खतरा, 100% Import Dependent

बुधवार, 12 अगस्त 2026
Next Post
लंदा यूनिवर्सिटी

विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका

Yoga Day

International Yoga Day 2024: योग बदल देता है सेहत और व्यक्तित्व को, जानें कैसे

Bhagwant Mann

मुख्यमंत्री ने शहीद के परिवार को वित्तीय सहायता के तौर पर एक करोड़ रुपए का चैक सौंपा

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।