Kangana Ranaut defamation case : 15 जनवरी को बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा सांसद Kangana Ranaut की बठिंडा कोर्ट में पेशी तय है। अदालत ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है, जबकि उन्होंने कोर्ट में हाजिरी से छूट के लिए अर्जी दायर की थी। यह मामला किसान आंदोलन के दौरान एक बुजुर्ग महिला पर की गई कथित गलत टिप्पणी से जुड़ा है, जिस पर मानहानि का केस दर्ज हुआ था।
यह पूरा विवाद पंजाब के बठिंडा जिले से सामने आया, जहां बुजुर्ग महिला की शिकायत के आधार पर अदालत ने कंगना को समन जारी किया था। आज की पेशी को इस मामले में अहम मोड़ माना जा रहा है।
किस टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद
किसान आंदोलन के दौरान कंगना रनोट ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की थी, जिसमें आंदोलन में शामिल एक बुजुर्ग महिला को लेकर टिप्पणी की गई। पोस्ट में महिला का मजाक उड़ाया गया और आंदोलन को लेकर आपत्तिजनक बात कही गई। इसी टिप्पणी को बुजुर्ग महिला ने अपनी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाला बताया।
महिंदर कौर ने क्यों दर्ज कराया केस
बठिंडा के गांव बहादुरगढ़ की रहने वाली 81 वर्षीय Mahinder Kaur ने 4 जनवरी 2021 को कंगना रनोट के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया था। उनका कहना था कि सोशल मीडिया पोस्ट से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है और उन्हें अपमानित किया गया।

कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक की कानूनी लड़ाई
करीब 13 महीने तक चली सुनवाई के बाद बठिंडा की अदालत ने कंगना रनोट को पेश होने का आदेश दिया। इसके बाद कंगना ने राहत के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया, लेकिन वहां से उन्हें कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद मामला Supreme Court of India तक पहुंचा, जहां से भी उनकी याचिका खारिज कर दी गई।
पहले भी हो चुकी है पेशी
यह पहला मौका नहीं है जब कंगना रनोट इस मामले में अदालत पहुंची हों। इससे पहले 27 अक्टूबर को वह बठिंडा कोर्ट में पेश हो चुकी हैं। अब एक बार फिर अदालत ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से हाजिर रहने को कहा है।
बुजुर्ग महिला का पलटवार
कंगना की टिप्पणी के बाद महिंदर कौर ने मीडिया से बातचीत में कड़ा पलटवार किया था। उन्होंने कहा था कि खेती की मेहनत क्या होती है, यह वही जानता है जो खेतों में पसीना बहाता है। उन्होंने 100 रुपए वाली टिप्पणी को पूरी तरह गलत और अपमानजनक बताया था।
आम लोगों पर असर
यह मामला सिर्फ एक कानूनी लड़ाई नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर सार्वजनिक बयानबाजी की सीमाओं पर भी सवाल खड़े करता है। आम लोगों के लिए यह संदेश है कि सार्वजनिक मंच पर कही गई बातें कानूनी दायरे में भी जांची जा सकती हैं।

क्या है पृष्ठभूमि
किसान आंदोलन के दौरान की गई एक सोशल मीडिया टिप्पणी से शुरू हुआ यह विवाद अब अदालतों तक पहुंच चुका है। बुजुर्ग महिला की शिकायत, अदालत के समन और उच्च न्यायालयों से राहत न मिलने के बाद मामला आज बठिंडा कोर्ट में अहम चरण में है।
मुख्य बातें (Key Points)
- Kangana Ranaut को 15 जनवरी को Bathinda Court में पेश होना है।
- किसान आंदोलन से जुड़ी टिप्पणी पर मानहानि का केस दर्ज है।
- कोर्ट ने व्यक्तिगत पेशी से छूट की अर्जी स्वीकार नहीं की।
- सुप्रीम कोर्ट से भी कंगना को राहत नहीं मिली।








