JNU Controversy News : दिल्ली की Jawaharlal Nehru University एक बार फिर विवादों में है। कैंपस में दिल्ली दंगों के आरोपित Umar Khalid और Sharjeel Imam के समर्थन में नारेबाजी हुई। इसी दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah को लेकर भी विवादित नारे लगाए गए। वीडियो सामने आते ही मामला तूल पकड़ गया और जेएनयू प्रशासन ने Delhi Police से एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

कैंपस में क्या हुआ
जेएनयू में यह नारेबाजी उस वक्त हुई जब कुछ छात्र समूह एकत्र हुए थे। नारेबाजी के दौरान न केवल उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन की आवाजें उठीं, बल्कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ भी आपत्तिजनक नारे लगाए गए। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही विश्वविद्यालय फिर से सुर्खियों में आ गया।
प्रशासन का सख्त रुख
मामला बढ़ने पर जेएनयू प्रशासन ने सुरक्षा विभाग के माध्यम से दिल्ली पुलिस को चिट्ठी लिखी। इसमें हॉस्टल के बाहर आपत्तिजनक और उकसाने वाले नारे लगाने के आरोपों का जिक्र करते हुए एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया गया है। प्रशासन ने इसे विश्वविद्यालय की शांति और कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताया है।

राजनीति गरमाई
इस घटना पर सियासत भी तेज हो गई है। Bharatiya Janata Party ने नारेबाजी को लेकर तीखे सवाल उठाए। वहीं Indian National Congress के नेता Rashid Alvi ने बयान दिया कि हो सकता है यह नारेबाजी खुद बीजेपी की साजिश हो। इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई।
पहले भी विवादों में रहा है जेएनयू
यह पहला मौका नहीं है जब जेएनयू विवादों में आया हो। इससे पहले भी विश्वविद्यालय में आपत्तिजनक और देश-विरोधी माने गए नारों को लेकर कई बार हंगामा हो चुका है। 2016 से लेकर बाद के वर्षों तक जेएनयू का नाम बार-बार ऐसे मामलों से जुड़ता रहा है।
आम लोगों पर असर
देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थान में बार-बार ऐसे विवाद सामने आने से आम लोगों में यह सवाल उठता है कि कैंपस की शैक्षणिक पहचान पर इसका क्या असर पड़ेगा। साथ ही, कानून-व्यवस्था और अभिव्यक्ति की सीमा को लेकर भी बहस तेज हो जाती है।

जानें पूरा मामला
जेएनयू में हुई ताजा नारेबाजी के बाद प्रशासन ने दिल्ली पुलिस से एफआईआर दर्ज करने को कहा है। मामले की जांच और आगे की कार्रवाई अब पुलिस के हाथ में है, जबकि राजनीतिक दल अपने-अपने आरोप और दलीलें सामने रख रहे हैं।









