Jalandhar School Bomb Threat: पंजाब के जालंधर शहर में एक बार फिर स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इस बार निशाने पर हैं पंजाब आर्म्ड पुलिस (PAP) कैंपस में स्थित पुलिस DAV स्कूल और रामामंडी स्थित APJ स्कूल की ब्रांच। दोनों स्कूलों को धमकी भरी ईमेल मिली, जिसके बाद पुलिस, स्निफर डॉग और बम निरोधक दस्ता तत्काल मौके पर पहुंच गया।
अभी तक की जांच में बम जैसा कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। पुलिस की जांच जारी है और धमकी भरी मेल का स्रोत पता लगाने के लिए तकनीकी टीमों को भी लगाया गया है। स्कूल प्रशासन ने पैनिक से बचने के लिए बच्चों को छुट्टी देने से फिलहाल इनकार किया है।
‘धमकी मिली, पर स्कूल खुले रहे’
स्कूलों को जैसे ही धमकी भरी ईमेल की सूचना मिली, प्रशासन ने तुरंत पुलिस को अलर्ट किया। पुलिस बल स्निफर डॉग और बम निरोधक दस्ते के साथ दोनों स्कूल परिसरों में पहुंची और पूरी इमारत की बारीकी से तलाशी ली। हालांकि, अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।
स्कूल प्रशासन का कहना है कि अनावश्यक दहशत फैलने से बचने के लिए बच्चों को घर नहीं भेजा गया। पुलिस का कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं होती, चौकसी बनाए रखी जाएगी।
‘1 फरवरी को PM मोदी के दौरे से पहले भी मिली थी धमकी’
यह पहली बार नहीं है जब जालंधर के स्कूलों को इस तरह की धमकी मिली हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे से ठीक एक दिन पहले 1 फरवरी को भी जालंधर के 6 स्कूलों में बम ब्लास्ट की धमकी मिली थी। उस वक्त भी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई थीं और सर्च ऑपरेशन चलाया गया था। जांच में कुछ नहीं मिला था।
उस ईमेल में लिखा था कि PM मोदी के दौरे को लेकर 3-4 स्कूलों में बम धमाका करवाया जाएगा। मेल ‘बिल्ली हाल’ के नाम से भेजी गई थी। उस दिन श्री गुरु रविदास महाराज जी की जयंती पर शोभायात्रा के चलते स्कूलों में पहले से छुट्टी थी।
’25 दिसंबर को भी आई थी धमकी’
इससे भी पहले 25 दिसंबर को जालंधर के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। यानी पिछले कुछ महीनों में यह तीसरा मौका है जब जालंधर के स्कूलों को इस तरह की धमकियां मिली हैं।
‘मेल में निज्जर और डेरा बल्लां का जिक्र’
1 फरवरी को मिली धमकी भरी मेल की भाषा बेहद उकसावे वाली थी। उसमें लिखा था: “हम श्री गुरु रविदास जी की रिस्पेक्ट करते हैं। निज्जर की मौत का जिम्मेदार कौन है… बदला… बदला… बदला। निशाने पर डेरा बल्लां।” यह भाषा साफ संकेत देती है कि इन धमकियों के पीछे कोई संगठित सांप्रदायिक या अलगाववादी मानसिकता काम कर रही है।
‘बार-बार की धमकियां: खतरा है या मनोवैज्ञानिक दबाव?’
जालंधर के स्कूलों पर बार-बार आ रही बम धमकियां एक गंभीर चिंता का विषय हैं। चाहे यह धमकियां असली हों या न हों, इनका सबसे बड़ा असर उन बच्चों और अभिभावकों पर पड़ता है जो हर बार डर और अनिश्चितता में जीने पर मजबूर होते हैं। यह धमकियां जिस तरह बार-बार दोहराई जा रही हैं, वह बताती है कि इसके पीछे एक सोची-समझी रणनीति है, जिसका मकसद समाज में भय और अस्थिरता फैलाना है। पुलिस को इस साइबर आतंकी मानसिकता की जड़ें खोजनी होंगी।
‘क्या है पृष्ठभूमि’
जालंधर पंजाब का एक प्रमुख शहर है जहां बड़ी संख्या में स्कूल और शैक्षणिक संस्थान हैं। पिछले कुछ महीनों से इस शहर के स्कूलों को बार-बार धमकी भरी ईमेल मिल रही है। 25 दिसंबर, 1 फरवरी और अब एक बार फिर: यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। हर बार पुलिस सर्च ऑपरेशन चलाती है, कुछ नहीं मिलता, लेकिन डर का माहौल जरूर बनता है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- जालंधर के पुलिस DAV और APJ स्कूल ब्रांच को बम से उड़ाने की धमकी भरी ईमेल मिली।
- पुलिस, स्निफर डॉग और बम निरोधक दस्ते ने दोनों स्कूलों में सर्च ऑपरेशन चलाया, अब तक कुछ नहीं मिला।
- पैनिक से बचने के लिए स्कूल प्रशासन ने बच्चों को छुट्टी नहीं दी।
- इससे पहले 25 दिसंबर और 1 फरवरी को भी जालंधर के स्कूलों को धमकियां मिल चुकी हैं।
- तकनीकी टीम ईमेल का स्रोत ट्रेस करने में जुटी है।








