Jalandhar Clash: पंजाब के जालंधर में शुक्रवार (3 अक्टूबर) को धार्मिक नारेबाजी के चलते बड़ा तनाव फैल गया। मामला उस समय भड़क गया जब मुस्लिम संगठन पुलिस कमिश्नर को मेमोरेंडम देने पहुंचे और वहां “अल्लाह हू अकबर” के नारे लगे। इसी बीच शाम करीब 4 बजे एक स्कूटी सवार युवक ने “जय श्रीराम” का नारा लगाना शुरू कर दिया।
इस पर मुस्लिम युवकों ने उसे रोक लिया और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। युवक का आरोप है कि उसकी स्कूटी की चाबी छीन ली गई और उसे “अल्लाह हू अकबर” का नारा लगाने के लिए मजबूर किया गया। इसके बाद वहां मौजूद हिंदू संगठनों के सदस्य भी मौके पर पहुंचे और देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
सड़क पर जय श्रीराम बनाम अल्लाह हू अकबर
जैसे ही विवाद बढ़ा, दोनों पक्षों में जोरदार नारेबाजी शुरू हो गई। हिंदू संगठन जय श्रीराम के नारे लगा रहे थे तो मुस्लिम संगठन अल्लाह हू अकबर का उद्घोष कर रहे थे। शुरुआत में प्रेस क्लब चौक पर जाम लगाया गया, लेकिन हालात बिगड़ते देख हिंदू संगठनों ने जालंधर के सबसे व्यस्त बीएमसी चौक को पूरी तरह जाम कर दिया।
हनुमान चालीसा का पाठ, पुलिस से धक्का-मुक्की
बीएमसी चौक पर भाजपा नेता केडी भंडारी, शीतल अंगुराल और शिवसेना नेता इशांत शर्मा समेत कई हिंदू नेता पहुंचे। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सड़क के बीचों-बीच बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करना शुरू कर दिया। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई।
पुलिस की कार्रवाई, FIR दर्ज
तनाव बढ़ते देख DCP नरेश डोगरा और ACP संदीप शर्मा ने फोर्स तैनात कर दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुस्लिम नेता अयूब खान, नमीन खान समेत 2 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पीड़ित युवक का बयान
स्कूटी सवार योगेश ने आरोप लगाया कि मुस्लिम समुदाय के लोग “सर तन से जुदा” के नारे लगा रहे थे। जब उसने जय श्रीराम बोला तो उसे पीटा गया और धमकी दी गई कि “अल्लाह हू अकबर” बोलो वरना जान से मार देंगे। योगेश का कहना है कि पुलिस के सामने भी उसके साथ मारपीट हुई लेकिन किसी ने रोकने की कोशिश नहीं की।
मुस्लिम पक्ष का पलटवार
वहीं, मुस्लिम संगठनों ने इन आरोपों से इनकार किया। ऑल इंडिया उलेमा के चेयरमैन मोहम्मद अकबर अली ने कहा कि वे सिर्फ भेदभाव के खिलाफ कमिश्नर को मेमोरेंडम देने गए थे। उनके मुताबिक, स्कूटी की चाबी बाद में लौटा दी गई और उन पर लगे मारपीट के आरोप पूरी तरह झूठे हैं।
मामले की पृष्ठभूमि
पंजाब जैसे संवेदनशील राज्य में धार्मिक मुद्दे अक्सर राजनीतिक रंग ले लेते हैं। बीते कुछ वर्षों में “जय श्रीराम” और “अल्लाह हू अकबर” जैसे नारे कई बार विवाद की जड़ बन चुके हैं। जालंधर जैसी जगह, जहां दोनों समुदायों की बड़ी आबादी है, वहां जरा-सी चिंगारी भी बड़े तनाव में बदल सकती है। यह घटना उस स्थिति का ताजा उदाहरण है, जिसमें पुलिस को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा ताकि हालात बेकाबू न हों।
Key Points (मुख्य बातें):
जालंधर में धार्मिक नारेबाजी से हिंदू-मुस्लिम तनाव बढ़ा।
स्कूटी सवार युवक ने जय श्रीराम बोला, मुस्लिम पक्ष ने रोका।
BMC चौक पर हिंदू संगठनों ने जाम लगाकर हनुमान चालीसा का पाठ किया।
पुलिस ने मुस्लिम नेताओं पर FIR दर्ज की, इलाके में भारी फोर्स तैनात।








