Israel-Iran War के बीच दुनिया के दूसरे कोने से भी एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। उत्तर कोरिया (North Korea) ने एक-दो नहीं बल्कि 10 मिसाइलें दागी हैं, जो जापान की दिशा में फायर की गईं। यह घटना ठीक उस वक्त हुई जब अमेरिका और साउथ कोरिया की सेनाएं संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रही थीं। मिडिल ईस्ट में इजराइल और ईरान के बीच जंग का 14वां दिन चल रहा है और अब एशिया में भी तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।
अल अरबिया ने की पुष्टि: 10 मिसाइलें दागीं नॉर्थ कोरिया ने
अल अरबिया न्यूज एजेंसी के मुताबिक North Korea ने 10 मिसाइलें दागी हैं। साउथ कोरिया के जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ ने बयान जारी करते हुए बताया कि ये मिसाइलें राजधानी प्योंगयांग के पास के इलाके से दोपहर करीब 1:20 बजे देश के पूर्वी तट से सटे समुद्र की ओर दागी गईं। जापान के रक्षा मंत्रालय ने इसे संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण बताया है। निक्केई एशिया ने सूत्रों के हवाले से जानकारी दी कि ये मिसाइलें जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के बाहर जाकर गिरीं, हालांकि किसी तरह के नुकसान की कोई सूचना फिलहाल सामने नहीं आई है।
किम जोंग उन ने चुना सबसे संवेदनशील समय
किम जोंग उन ने मिसाइलें दागने के लिए जिस समय को चुना, वह बेहद संवेदनशील है। अमेरिका ने हाल ही में दक्षिण कोरिया में तैनात अपने THAAD (थाड) एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम के कुछ हिस्सों को मिडिल ईस्ट में ट्रांसफर करने का फैसला किया है। ऐसे में जब साउथ कोरिया की मिसाइल रक्षा प्रणाली कमजोर हुई है, ठीक उसी वक्त नॉर्थ कोरिया ने यह आक्रामक कदम उठाया। इससे सियोल में चिंता काफी बढ़ गई है। साउथ कोरिया और अमेरिकी सेनाओं ने इसी हफ्ते अपने सालाना बड़े सैन्य अभ्यास की शुरुआत की है, जिसमें अमेरिका के करीब 28,500 सैनिक और लड़ाकू विमानों के कई स्क्वाड्रन तैनात हैं।
इससे पहले भी जापान सागर में दाग चुका है मिसाइलें
यह पहली बार नहीं है जब North Korea ने इस तरह की उकसाने वाली कार्रवाई की हो। इससे पहले 27 जनवरी को भी उत्तर कोरिया ने जापान सागर की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं, जिनके बारे में आकलन किया गया था कि वे भी जापान के EEZ के बाहर गिरी थीं। लगातार हो रहे इन मिसाइल परीक्षणों से पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा हो गई है।
Israel-Iran War का 14वां दिन: मिडिल ईस्ट में हालात गंभीर
Israel-Iran War की बात करें तो यह जंग अपने 14वें दिन में पहुंच चुकी है। इस युद्ध की शुरुआत बीते महीने 28 फरवरी को हुई थी, जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर सीधा हमला कर दिया था। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने भी ताबड़तोड़ हमले शुरू किए। इस दौरान ईरान के सुप्रीम लीडर आयातुल्लाह अली खामनेई की मौत की खबर भी सामने आई और कई अन्य बड़े नेता भी इस हमले में मारे गए। मौजूदा वक्त में मिडिल ईस्ट में स्थिति लगातार बेहद गंभीर बनी हुई है और दोनों पक्षों की तरफ से लगातार हमले जारी हैं।
Strait of Hormuz बंद होने से दुनिया में तेल संकट
ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बंद कर दिया है, जो दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग माना जाता है। इसकी वजह से दुनियाभर में तेल संकट पैदा होता हुआ दिख रहा है। हालांकि भारत के लिए राहत की बात यह है कि इस बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान से बातचीत की, जिसके बाद संकेत मिले कि भारत के लिए स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खोला जा सकता है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट से आयातित तेल से पूरा करता है, इसलिए यह बातचीत आम भारतीयों के लिए सीधे तौर पर अहम है।
दो अलग-अलग मोर्चों पर दुनिया की बढ़ी मुश्किलें
एक तरफ मिडिल ईस्ट में Israel-Iran War भीषण रूप ले चुकी है और दूसरी तरफ एशिया में North Korea की मिसाइल कार्रवाई ने हालात को और जटिल बना दिया है। किम जोंग उन को चीन और रूस का करीबी माना जाता है, जबकि साउथ कोरिया लंबे समय से अमेरिका का सहयोगी रहा है। ऐसे में जब अमेरिका अपनी सैन्य ताकत मिडिल ईस्ट में झोंक रहा है, तो एशिया में उसके सहयोगी देश सुरक्षा को लेकर असहज महसूस कर रहे हैं। जापान ने बयान तो जारी किया है, लेकिन आगे क्या एक्शन लिया जाएगा यह अभी देखना बाकी है। दुनिया इस वक्त दो अलग-अलग मोर्चों पर एक साथ गंभीर संकट का सामना कर रही है, जिसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल कीमतों और आम लोगों की जिंदगी पर सीधे पड़ रहा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- North Korea ने 10 मिसाइलें दागीं, जो जापान के EEZ के बाहर गिरीं; किसी नुकसान की खबर नहीं।
- मिसाइलें ठीक उस वक्त दागी गईं जब अमेरिका-साउथ कोरिया संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रहे थे और अमेरिका ने THAAD सिस्टम मिडिल ईस्ट ट्रांसफर किया।
- Israel-Iran War 14वें दिन में पहुंची, ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामनेई की मौत हुई, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद।
- भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान से बातचीत की, भारत के लिए स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खोलने के संकेत मिले।








