Iran War Escalation Cluster Bomb Israel 2026 : अमेरिका और इजराइल ने जो आग ईरान में लगाने की कोशिश की थी, वो अब खुद उन्हीं को जलाने लगी है। ईरान ने साफ कर दिया है कि अब तक जो हुआ वो महज एक ट्रेलर था, असली पिक्चर अभी बाकी है। इजराइल पर क्लस्टर बम युक्त बैलेस्टिक मिसाइलें दागी जा चुकी हैं, खाड़ी देश अमेरिका से नाराज हैं, नेपाल में युवाओं ने राजनीति पलट दी है और भारत-कनाडा यूरेनियम डील ने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है।
‘क्लस्टर बमों का खौफ: एक मिसाइल, 20 तबाही’
ईरान ने इजराइल पर बीती रात कई बैलेस्टिक मिसाइलें दागीं जिनमें क्लस्टर बम लगे थे। टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक इन मिसाइलों का वॉरहेड हवा में ही खुल जाता है और करीब 20 छोटे बम अलग-अलग जगहों पर बिखर जाते हैं। हर छोटे बम में करीब ढाई किलो विस्फोटक होता है और ये करीब 8 किलोमीटर के दायरे में तबाही मचा सकते हैं।
इसी के साथ लेबनान से हिजबुल्ला भी लगातार इजराइल पर हमले कर रहा है। घिरे हुए इजराइल के वित्त मंत्री बेज़लेल स्मोट्रिच ने धमकी दी है कि बेरुत को गाजा जैसी तबाही का सामना करना होगा। लेकिन लेबनान में पहले से ही मानवीय संकट गहरा चुका है और हजारों लेबनानी जान बचाने के लिए सीरिया में शरण ले रहे हैं।
‘ईरान का चैलेंज: “प्लान A फेल, प्लान B और बड़ी गलती होगी”‘
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरावची ने खुलकर ट्रंप को ललकारा। उन्होंने कहा: “मिस्टर प्रेसिडेंट, आपका एक साफ और तेज सैन्य जीत का प्लान A फेल हो गया। प्लान B और भी बड़ी विफलता होगी। इजराइल फर्स्ट का मतलब हमेशा अमेरिका लास्ट होता है। अगर जंग जमीनी स्तर तक पहुंची तो नतीजे अमेरिकी सेना के लिए आपदा होंगे।”
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने भी साफ कर दिया है कि ईरान लंबे समय की जंग के लिए पूरी तरह तैयार है। फार्स न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक 28 फरवरी को शुरू हुई इस जंग में ईरान अब तक 2000 से अधिक ड्रोन लॉन्च कर चुका है। IRGC ने यह भी कहा कि उनके पास ऐसे उन्नत हथियार हैं जिनका इस्तेमाल अभी तक नहीं हुआ।
‘इजराइल-US का अगला स्टेज: जमीनी हमले की तैयारी?’
इजराइल के सेना प्रमुख याल ज़मीर ने कहा है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई अब अगले स्टेज में प्रवेश कर रही है। माना जा रहा है कि अमेरिका जल्द ही ईरान में जमीनी ऑपरेशन शुरू कर सकता है। इसकी एक वजह यह भी बताई जा रही है कि अमेरिका के पास मिसाइलों का स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है।
वहीं अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दबाव बनाते हुए कहा कि अगर ईरान समझता है कि अमेरिका यह जंग जारी नहीं रख सकता तो वो बड़ी गलती कर रहा है। लेकिन ट्रंप के तमाम अधिकारियों का भगवान से प्रार्थना करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसे देखकर दुनिया भर में अमेरिकी दावों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
‘नए सर्वोच्च नेता पर ट्रंप की हुकुमत: “बिना अमेरिका के मत चुनो”‘
ईरान में आयतुल्लाह खामेनेई की मौत के बाद नए सर्वोच्च नेता के चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। माना जा रहा है कि खामेनेई के बेटे मुज्तबा खामेनेई यह पद संभाल सकते हैं। लेकिन ट्रंप का कहना है कि ईरान को अमेरिका की भागीदारी के बिना नया नेता नहीं चुनना चाहिए। यानी ट्रंप खुलकर ईरान में अपनी पसंद की सरकार बनवाने की मंशा जता रहे हैं।
‘खाड़ी देशों का गुस्सा: “अमेरिका ने हमें खुद के हाल पर छोड़ा”‘
इस पूरी जंग में एक बड़ा बदलाव यह हो रहा है कि खाड़ी देश अमेरिका से सीधे नाराज हो गए हैं। इन देशों का कहना है कि उन्हें अमेरिका-इजराइल के हमले की पहले से जानकारी नहीं दी गई और अब उन पर ईरानी ड्रोन और मिसाइलों की बौछार हो रही है। उनके इंटरसेप्टर का स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है और अमेरिका सिर्फ अपने सैनिकों और इजराइल की सुरक्षा पर ध्यान दे रहा है।
अज़रबैजान ने अपने क्षेत्र में ड्रोन हमलों पर जवाबी कार्रवाई की कसम खाई है जिससे जंग का दायरा तेजी से बढ़ता दिख रहा है। सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने क्षेत्र के कई नेताओं को फोन करके चेतावनी दी है कि छोटी सी गलती भी पूरे खाड़ी क्षेत्र को भीषण युद्ध की चपेट में ले सकती है। कतर के पूर्व प्रधानमंत्री हमद बिन जसीम ने भी कहा कि गल्फ देशों को ईरान से सीधे टकराव से बचना चाहिए।
‘श्रीलंका की मानवता: डूबते ईरानी नाविकों को दिया सहारा’
हिंद महासागर में श्रीलंका के पास अमेरिका ने ईरानी युद्धपोत IRIS Dena पर हमला कर 87 सैनिकों की जान ले ली। बचे हुए नाविकों को श्रीलंकाई नौसेना ने बचाकर मेडिकल सहायता दी। इसके बाद ईरान का दूसरा युद्धपोत IRIS Bushire भी उसी क्षेत्र में पहुंचा और श्रीलंका ने उसे भी शरण दे दी। श्रीलंका ने कहा: “हम तटस्थ हैं, लेकिन मानवीय भी हैं।” इससे दुनिया में ईरान के प्रति सहानुभूति बढ़ती नजर आ रही है।
‘नेपाल में युवा क्रांति: Balen Shah की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी तूफान की तरह आगे’
नेपाल में एक बड़ा राजनीतिक बदलाव होता दिख रहा है। आम चुनाव में करीब 60% वोटिंग हुई और शुरुआती रुझानों में काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) बाकी सभी पार्टियों को पीछे छोड़ती हुई 80 सीटों पर आगे चल रही है।
केपी शर्मा ओली की CPN-UML सात सीटों पर, शेर बहादुर देउबा की नेपाली कांग्रेस 10 सीटों पर और पुष्प दहल प्रचंड की CPN माओवादी पाँच सीटों पर आगे है। नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष गगन थापा खुद पीछे चल रहे हैं। यह चुनाव उस युवा आंदोलन का नतीजा है जिसने 6 महीने पहले ओली सरकार को उखाड़ फेंका था। सोशल मीडिया पर बेहद लोकप्रिय बालेन शाह नेपाल के नए PM बनते दिख रहे हैं।
‘भारत-कनाडा यूरेनियम डील से बौखलाया पाकिस्तान’
हाल ही में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी के भारत दौरे पर भारत ने कनाडाई कंपनी Cameco के साथ 2.6 अरब कनाडियन डॉलर का समझौता किया। इस डील के तहत 2027 से 2035 के बीच भारत को 10,000 टन यूरेनियम की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस डील पर आपत्ति जताते हुए कहा कि भारत ने अपनी परमाणु सुविधाओं को IAEA के सुरक्षा उपायों के दायरे में नहीं रखा है और कई सुविधाएं अंतर्राष्ट्रीय निरीक्षण से बाहर हैं। पाकिस्तान ने चिंता जताई कि इस डील से भारत तेजी से अपनी परमाणु क्षमताएं बढ़ा सकता है। पाकिस्तान की यह बौखलाहट इसलिए भी समझ आती है क्योंकि पहले भारत और कनाडा के बीच कड़वाहट थी और अब दोनों की दोस्ती गहरी हो रही है जिससे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की साख और मजबूत हो रही है।
‘आज 24 घंटे हैं, पहले सिर्फ 21 थे: जानिए कैसे बदला दिन का हिसाब’
एक हालिया वैज्ञानिक अध्ययन ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। आज से करीब 60 करोड़ साल पहले पृथ्वी पर एक दिन 24 नहीं बल्कि 21 घंटे का होता था। वजह यह थी कि पृथ्वी उस वक्त बहुत तेजी से घूमती थी। समय के साथ चाँद और सूरज के गुरुत्वाकर्षण ने समुद्र में ज्वारभाटा पैदा करके इस रफ्तार पर लगाम लगाई, जिससे पृथ्वी का घूमना हर 100 साल में करीब 1.8 मिलीसेकंड धीमा होता गया। इसी तरह करोड़ों वर्षों में दिन में 3 घंटे जुड़ गए।
दिलचस्प बात यह है कि 2020 में वैज्ञानिकों ने देखा कि पृथ्वी अचानक तेज घूमने लगी और पिछले 50 सालों में यह सबसे तेज रफ्तार है। इसकी संभावित वजह उत्तरी ध्रुव के ग्लेशियरों का पिघलना या पृथ्वी के अंदरूनी हिस्सों में हलचल हो सकती है। हालाँकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी अस्थायी है। GPS, स्मार्टफोन और सैटेलाइट जैसे सटीक प्रणालियाँ नैनोसेकंड के हिसाब से काम करती हैं, इसलिए इस बदलाव पर उनकी नजर रहती है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- ईरान ने इजराइल परक्लस्टर बम युक्त बैलेस्टिक मिसाइलें दागीं, 8 किलोमीटर के दायरे में तबाही फैलाने में सक्षम हैं और IRGC ने चेतावनी दी कि असली हथियार अभी तक इस्तेमाल नहीं हुए।
- खाड़ी देश अमेरिका से खफा हैं, सऊदी क्राउन प्रिंस MBS ने गल्फ देशों से संयम बरतने की अपील की, और श्रीलंका ने ईरानी नाविकों को बचाकर मानवता की मिसाल पेश की।
- नेपाल में बालेन शाह की RSP 80 सीटों पर आगे, युवा आंदोलन से उठी लहर ने पुराने दिग्गजों को किनारे किया।
- भारत-कनाडा यूरेनियम डील
(2.6 अरब कनाडियन डॉलर, 10,000 टन यूरेनियम) से पाकिस्तान बौखलाया, परमाणु क्षमता बढ़ने की जताई चिंता।








