Iran USA War में अमेरिका ने दशकों की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती के साथ ईरान पर हमला किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लगातार धमकियों को हकीकत में बदलते हुए Pentagon ने Operation Epic Fury के तहत अपने सबसे उन्नत हथियारों, विमानवाहक पोतों, स्टेल्थ बॉम्बर, क्रूज मिसाइलों, ड्रोन और बहुस्तरीय मिसाइल रक्षा प्रणाली को एक साथ मोर्चे पर उतार दिया।
‘B2 Stealth Bomber: ईरान के बंकर तोड़ने वाला हथियार’
Iran USA War में सबसे पहला और सबसे खतरनाक नाम आता है B-2 Spirit Stealth Bomber का। अमेरिकी वायुसेना का यह सबसे उन्नत बमवर्षक विमान स्टेल्थ तकनीक से लैस है, यानी दुश्मन का रडार इसे पकड़ नहीं सकता। चार जेट इंजनों वाला यह विमान अंतरमहाद्वीपीय दूरी तक उड़ान भर सकता है और पारंपरिक तथा परमाणु दोनों प्रकार के हथियार ले जाने में सक्षम है।
इस अभियान में B2 से 30,000 पाउंड के Massive Ordnance Penetrator (MOP) बमों से ईरान के भूमिगत ठिकानों पर प्रहार किया गया। साथ ही 2,000 पाउंड के बमों से बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया गया। यह बम इतना शक्तिशाली है कि जमीन के अंदर गहरे बने बंकर भी इसकी मार से नहीं बच सकते।
‘LOCAAS Drone: सस्ता लेकिन घातक एकतरफा हमलावर’
Iran USA War में दूसरा बड़ा हथियार रहा LOCAAS यानी Low-Cost Unmanned Combat Attack System। यह कम लागत में बनाया गया बिना पायलट का ड्रोन सिस्टम है जो अपने लक्ष्य से सीधे टकराकर विस्फोट करता है। यह वन-वे अटैक ड्रोन है — यानी एक बार भेजो तो वापस नहीं आता।
LOCAAS ड्रोन की खासियत यह है कि इन्हें बड़ी संख्या में एक साथ भेजा जा सकता है। कम लागत होने की वजह से दुश्मन की महंगी एयर डिफेंस प्रणाली को इन्हीं सस्ते ड्रोन से थका दिया जाता है। Iran USA War में इन ड्रोन ने ईरानी रक्षा प्रणाली पर भारी दबाव बनाया।
‘USS Abraham Lincoln और Gerald Ford: समुद्र में चलता-फिरता एयरबेस’
Iran USA War के दौरान समुद्र में अमेरिका की ताकत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दो विशालकाय विमानवाहक पोत एक साथ तैनात किए गए। USS Abraham Lincoln अरब सागर में और USS Gerald R. Ford भूमध्य सागर में मोर्चा संभाले हुए था।
ये विमानवाहक पोत समुद्र में चलते-फिरते एयरबेस की तरह काम करते हैं और लंबे समय तक लगातार हवाई अभियान चलाने में सक्षम होते हैं। इन पोतों से FA-18 और अत्याधुनिक F-35 जैसे लड़ाकू विमानों ने उड़ानें भरीं और ईरानी ठिकानों पर हमले किए।
‘Arleigh Burke Destroyers: TOMAHAWK से लंबी दूरी का वार’
Iran USA War में मिडिल ईस्ट के समुद्री क्षेत्र में तैनात Arleigh Burke श्रेणी के अमेरिकी युद्धपोतों से लंबी दूरी तक मार करने वाली Tomahawk Cruise Missiles दागी गईं। यह क्रूज मिसाइल सैकड़ों किलोमीटर दूर से सटीक निशाने पर वार करती है और दुश्मन को संभलने का मौका नहीं देती।
Arleigh Burke श्रेणी के विध्वंसक पोत Iran USA War में समुद्र से जमीन पर हमला करने की अमेरिका की सबसे मजबूत कड़ी साबित हुए।
‘Operation Epic Fury: दशकों की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती’
Iran USA War के तहत चलाए गए Operation Epic Fury को अमेरिका की दशकों की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती माना जा रहा है। B2 Stealth Bomber, LOCAAS Drone, दो विमानवाहक पोत और Arleigh Burke विध्वंसकों का एक साथ इस्तेमाल यह दिखाता है कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी पूरी सैन्य क्षमता एक साथ मैदान में उतार दी।
यह तैनाती सिर्फ एक सैन्य अभियान नहीं, बल्कि दुनिया को यह संदेश भी है कि अमेरिका किसी भी देश पर एक साथ कितने मोर्चों से वार कर सकता है — हवा से, समुद्र से और जमीन के अंदर बने बंकरों तक।
‘क्या है पूरी पृष्ठभूमि’
Iran USA War की पृष्ठभूमि में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मिडिल ईस्ट में उसके बढ़ते प्रभाव को लेकर अमेरिका और इजराइल की पुरानी चिंताएं हैं। 28 फरवरी को शुरू हुए इन हमलों में अमेरिका ने अपनी सबसे उन्नत सैन्य तकनीक का पहली बार इतने बड़े पैमाने पर एक साथ इस्तेमाल किया। ईरान ने जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं और यह टकराव अब पूरे मिडिल ईस्ट को अपनी चपेट में लेता जा रहा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- Pentagon के Operation Epic Fury में B2 Stealth Bomber से 30,000 पाउंड के बमों से ईरान के भूमिगत बंकर तोड़े गए।
- LOCAAS वन-वे अटैक ड्रोन ने ईरान की मिसाइल डिफेंस प्रणाली पर दबाव बनाया।
- USS Abraham Lincoln और USS Gerald R. Ford — दो विमानवाहक पोतों से FA-18 और F-35 विमानों ने उड़ानें भरीं।
- Arleigh Burke श्रेणी के युद्धपोतों से Tomahawk Cruise Missiles दागकर लंबी दूरी के ठिकानों को निशाना बनाया गया।








