Iran US War Averted — मध्य-पूर्व एक बड़े सैन्य टकराव के मुहाने पर खड़ा था, लेकिन ऐन वक्त पर हालात पलट गए। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump का आधी रात में भेजा गया संदेश, ईरान में प्रदर्शनकारियों की फांसी पर रोक और सऊदी अरब, क़तर व ओमान की तीव्र कूटनीति ने ईरान–अमेरिका युद्ध को फिलहाल टाल दिया।

तनाव चरम पर, हमला टलना असंभव सा लग रहा था
ईरान और अमेरिका के बीच हालात इस हद तक बिगड़ चुके थे कि सैन्य कार्रवाई तय मानी जा रही थी। तेहरान पर हमले की चेतावनियों और जवाबी धमकियों से पूरा क्षेत्र दहशत में था। खाड़ी देशों को आशंका थी कि किसी भी हमले का असर पूरे मध्य-पूर्व की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
आधी रात का संदेश और निर्णायक शर्त
रिपोर्ट के मुताबिक, Donald Trump ने रात करीब 1 बजे ईरानी नेतृत्व के लिए संदेश भिजवाया। संदेश में कहा गया कि अमेरिका हमला नहीं चाहता, लेकिन शर्त रखी गई कि ईरान में प्रदर्शनकारियों को दी जा रही मौत की सजा रोकी जाए और अमेरिकी हितों को निशाना न बनाया जाए। यह संदेश तुरंत ईरानी सर्वोच्च नेतृत्व Ali Khamenei तक पहुंचा।
सुबह से पहले बदला फैसला
आधी रात के संदेश के बाद, सुबह होते-होते तेहरान से ऐलान हुआ कि प्रदर्शनकारियों की फांसी पर रोक लगाई जा रही है। इसी के साथ अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई से कदम पीछे खींच लिए। यह बैकडोर समझौता युद्ध टालने में निर्णायक साबित हुआ।
खाड़ी देशों की 48 घंटे की कूटनीति
इस पूरे घटनाक्रम में Saudi Arabia, Qatar और Oman की भूमिका अहम रही। इन देशों ने अमेरिका को समझाया कि ईरान पर हमला पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर देगा और उसका असर अंततः अमेरिका तक पहुंचेगा। साथ ही ईरान को चेताया गया कि खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों पर पलटवार से क्षेत्रीय रिश्ते टूट सकते हैं।
सैन्य तैयारियां और खतरे की गंभीरता
हालात इतने गंभीर थे कि क़तर के अल-उदेद एयरबेस से अमेरिकी कर्मियों को हटाना पड़ा। तेहरान की ओर से खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों और जहाजों पर जवाबी हमले की धमकियां दी जा चुकी थीं।
मानवाधिकारों पर सवाल बरकरार
हालांकि जंग टल गई, लेकिन संकट पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि ईरान में दमन जारी है और हजारों लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि इंटरनेट बंद होने से हालात और गंभीर बने हुए हैं।
क्या यह राहत स्थायी है?
फिलहाल साफ है कि आधी रात का संदेश, खाड़ी देशों की कूटनीति और सशर्त समझौते ने युद्ध टाल दिया। लेकिन यह राहत अस्थायी है या किसी बड़े समझौते की शुरुआत—यह आने वाले दिनों में तय होगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- ईरान–अमेरिका युद्ध ऐन वक्त पर टला
- आधी रात के संदेश में फांसी रोकने की शर्त रखी गई
- सऊदी अरब, क़तर और ओमान की कूटनीति निर्णायक रही
- संकट टला, लेकिन क्षेत्रीय तनाव पूरी तरह खत्म नहीं








