Iran Russia Joint Naval Drills: अमेरिका (USA) और ईरान (Iran) के बीच तनाव दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है, और अब इस तनाव ने एक नया मोड़ ले लिया है। अमेरिकी हमलों की आशंकाओं के बीच ईरान ने रूस (Russia) के साथ मिलकर संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि दोनों देशों की नौसेना ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) और उत्तरी हिंद महासागर (Northern Indian Ocean) में उतर गई है और एक संयुक्त ड्रिल (जॉइंट ड्रिल) कर रही है।
यह अभ्यास ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका ने अपने विशाल विमानवाहक पोत यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड (USS Gerald R. Ford) को मध्य पूर्व में तैनात कर दिया है। इससे पहले यूएसएस अब्राहम लिंकन (USS Abraham Lincoln) भी इस क्षेत्र में मौजूद है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत के लिए 10 से 15 दिन का अल्टीमेटम दे दिया है और चेतावनी दी है कि अगर यह समय सीमा समाप्त हुई, तो बहुत बुरी चीजें हो सकती हैं।
वीडियो में दिखा ताकत का संगम
ईरान की समाचार एजेंसी के मुताबिक, इस संयुक्त अभ्यास में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) और रूस की स्पेशल ऑपरेशन टीमों ने हिस्सा लिया। ड्रिल के दौरान एक हाईजैक किए गए जहाज को छुड़ाने का ऑपरेशन भी किया गया। इस अभ्यास में ईरान का अलबंड डिस्ट्रॉयर (Alborz destroyer), मिसाइल लॉन्च करने वाले युद्धपोत, हेलीकॉप्टर, स्पेशल ऑपरेशन टीम, लैंडिंग क्राफ्ट और कॉम्बैट स्पीड बोट शामिल थे।
यह एक्सरसाइज इसी हफ्ते की शुरुआत में होर्मूज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में IRGC की ड्रिल के बाद हुई है। बताया जा रहा है कि इस दौरान रणनीतिक जलमार्ग को कुछ समय के लिए बंद भी कर दिया गया था।
क्यों अहम है यह संयुक्त अभ्यास?
दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता (न्यूक्लियर टॉक्स) एक बार फिर गतिरोध पर पहुंच गई है। ट्रंप प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगर ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर कोई समझौता नहीं करता है, तो सैन्य कार्रवाई के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान पर हमले की पूरी योजना बना ली है और राष्ट्रपति ट्रंप के एक सलाहकार ने संकेत दिया है कि अगर बातचीत नाकाम रही तो कुछ हफ्तों के अंदर हमले की 90 प्रतिशत संभावना है।
ऐसे में ईरान का रूस के साथ मिलकर यह संयुक्त सैन्य अभ्यास अमेरिका को एक सीधा संदेश है। ईरान यह दिखाना चाहता है कि वह अकेला नहीं है और उसके पास शक्तिशाली सहयोगी हैं। रूस के साथ यह ड्रिल ईरान के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली है और अमेरिका के लिए एक नई चुनौती पेश करती है।
ट्रंप का अल्टीमेटम और अमेरिकी तैयारियां
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मुझे लगता है कि यह काफी समय होगा।” उन्होंने ईरान को बातचीत के लिए 10 से 15 दिन का समय दिया है। इसी के साथ उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड को मध्य पूर्व में तैनात करने का आदेश दिया है। यह कदम इस इलाके में पहले से मौजूद यूएसएस अब्राहम लिंकन और उसके साथ के गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर को और मजबूती देगा। हाल के दिनों में मध्य पूर्व में अमेरिकी वायु और नौसैनिक शक्ति में काफी इजाफा हुआ है।
वहीं, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि वे पलटवार करना जानते हैं और किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देंगे।
विश्लेषण: क्या ट्रंप की चेतावनी सिर्फ दबाव की रणनीति है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह 15 दिन का अल्टीमेटम और ईरान द्वारा रूस के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास ने मध्य पूर्व में युद्ध की आशंकाओं को और बढ़ा दिया है। हालांकि, कयास यह भी लगाए जा रहे हैं कि ट्रंप की यह चेतावनी सिर्फ ईरान पर दबाव बनाने और बातचीत की मेज पर लाने की एक रणनीति हो सकती है। लेकिन दूसरी ओर, अमेरिकी सेना की बढ़ती तैनाती और ईरान-रूस की बढ़ती सैन्य साझेदारी से संकेत मिलता है कि स्थिति बेहद नाजुक है। अगले 15 दिन यह तय करेंगे कि मध्य पूर्व में शांति बनी रहेगी या एक और विनाशकारी युद्ध छिड़ जाएगा। दुनिया की निगाहें अब वाशिंगटन, तेहरान और मॉस्को पर टिकी हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
ईरान (Iran) और रूस (Russia) ने ओमान की खाड़ी और उत्तरी हिंद महासागर में संयुक्त नौसैन्य अभ्यास शुरू किया।
यह अभ्यास अमेरिकी हमले की आशंकाओं के बीच किया गया, जिसमें हाईजैक जहाज छुड़ाने का ऑपरेशन भी शामिल रहा।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान को परमाणु वार्ता के लिए 10-15 दिन का अल्टीमेटम दिया है।
अमेरिका ने यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड सहित अतिरिक्त सैन्य शक्ति मध्य पूर्व में तैनात की है।
ईरान के सुप्रीम लीडर ने किसी भी हमले का जवाब देने की चेतावनी दी है।








