Iran Protest Flag – ईरान में कई हफ्तों से चल रहे विरोध प्रदर्शनों ने एक बार फिर देश की सियासत और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को केंद्र में ला दिया है। इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच संभावित सैन्य टकराव टल गया, जब आधी रात को अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से ईरानी नेतृत्व तक संदेश पहुंचाया गया। सड़कों से लेकर दूतावासों तक एक ऐतिहासिक झंडा—शेर और सूर्य का प्रतीक—इस्लामिक शासन के विरोध का सबसे बड़ा संकेत बनकर उभरा है।

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच घटनाक्रम ने अचानक रुख बदला। Donald Trump की ओर से आधी रात को ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei तक संदेश भेजा गया, जिसके बाद संभावित हमले को टाल दिया गया। कूटनीतिक स्तर पर Saudi Arabia, Qatar और Oman की कोशिशों को अहम माना जा रहा है।
सड़कों पर उतरा शेर-सूर्य का झंडा
ईरान में हजारों-लाखों प्रदर्शनकारी इस्लामिक शासन को हटाने की मांग के साथ सड़कों पर उतरे। उनके हाथों में जो झंडा दिखा, वह आधी सदी से आधिकारिक पहचान से बाहर रहा शेर-सूर्य वाला ऐतिहासिक ध्वज है। प्रदर्शनकारियों के लिए यह झंडा किसी सरकार का नहीं, बल्कि “ईरान” की असली पहचान का प्रतीक बन गया।
दूतावासों तक पहुंचा विरोध
लंदन में ईरान के दूतावास की दीवार पर चढ़कर एक प्रदर्शनकारी ने इस्लामिक गणराज्य का झंडा हटाकर शेर-सूर्य वाला ध्वज लगा दिया। यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ और खुद Donald Trump ने इसे साझा किया। इसके बाद दूतावास राष्ट्रीय पहचान को लेकर प्रतीकात्मक संघर्ष का मैदान बन गया।
विदेशों में रहने वाले ईरानियों की भूमिका
अमेरिका में रह रहे Reza Pahlavi ने विदेशों में बसे ईरानियों से दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में इस्लामिक ध्वज बदलने का आह्वान किया। इसके बाद कैनबरा, स्टॉकहोम, ओस्लो, रोम, म्यूनिख और हैम्बर्ग जैसे शहरों से ऐसे ही दृश्य सामने आए।

क्यों खास है शेर-सूर्य का प्रतीक
यह ऐतिहासिक झंडा राजशाही से कम और इस्लामिक गणराज्य से दूरी बनाने की भावना से ज्यादा जुड़ा माना जा रहा है। हरा-सफेद-लाल तिरंगा ईरान की 20वीं सदी की संवैधानिक क्रांति के दौरान अपनाया गया था—हरा जीवन और भूमि, सफेद शांति और लाल बलिदान का प्रतीक है। आज वही प्रतीक शासन-विरोध का सबसे सशक्त संकेत बन गया है।
आम ईरानी पर असर
प्रदर्शनकारियों के लिए यह झंडा केवल एक निशान नहीं, बल्कि आज़ादी और वैकल्पिक भविष्य की उम्मीद है। यह दिखाता है कि स्थानीय विरोध अब व्यापक राष्ट्रीय आंदोलन का रूप ले चुका है।
जानें पूरा मामला
अमेरिका-ईरान टकराव के बीच कूटनीतिक हस्तक्षेप से युद्ध टल गया, लेकिन ईरान के भीतर उभरा शेर-सूर्य का झंडा इस्लामिक शासन की अस्वीकृति और नई पहचान की तलाश का प्रतीक बन चुका है। दूतावासों से लेकर सड़कों तक फैले ये दृश्य आने वाले दिनों में ईरान की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- अमेरिका-ईरान के बीच संभावित सैन्य टकराव आख़िरी वक्त पर टला
- सऊदी अरब, क़तर और ओमान की कूटनीतिक कोशिशें अहम
- ईरान में शेर-सूर्य का ऐतिहासिक झंडा विरोध का प्रतीक बना
- दूतावासों और विदेशी शहरों तक फैला प्रतीकात्मक संघर्ष








