Iran Israel War Share Market Impact: ईरान और इजराइल के बीच जारी जंग ने अब भारत की जेब पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। MCX (Multi Commodity Exchange) पर सोना एक ही दिन में 5000 रुपये से ज्यादा उछलकर 10 ग्राम के लिए 1,67,000 रुपये के पार पहुंच गया। चांदी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 85,000 रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर छू लिया। वहीं Sensex 2743 अंक यानी 3.38% टूटकर 78,543 पर खुला।
यह सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है। यह उस आम भारतीय की थाली, पेट्रोल पंप और बचत खाते पर सीधी चोट है जिसका इस जंग से कोई लेना-देना नहीं।
‘शेयर बाजार में भूचाल: निवेशकों के लाखों करोड़ डूबे’
बाजार खुलते ही तबाही का मंजर था। Sensex 2743 अंक (3.38%) टूटकर 78,543 पर आ गया। Nifty 50 519 अंक (2.06%) गिरकर 24,659 पर खुला। Bank Nifty में 1300 से ज्यादा अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई।
BSE का मार्केट कैप जो शुक्रवार को 463.5 लाख करोड़ रुपये था, वह घटकर 457.50 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। यानी एक ही झटके में निवेशकों की संपत्ति में 6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की सीधी कमी आई।
‘सोना रिकॉर्ड ऊंचाई पर: 10 ग्राम के लिए चुकाने होंगे 1.67 लाख’
युद्ध के डर में सोना हमेशा सुरक्षित निवेश माना जाता है और यही हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार (Comex) में सोने की कीमतें $5400 प्रति औंस तक पहुंच गई हैं जो 2.5% से ज्यादा की बढ़त है। भारत में MCX पर सोना 5000 रुपये से ज्यादा उछला और 1,67,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार निकल गया।
शादी-ब्याह के सीजन में यह उछाल आम परिवारों पर भारी बोझ डालेगा।
‘चांदी में रॉकेट: ₹85,000 प्रति किलो, रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड’
चांदी ने तो सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। MCX पर चांदी की कीमत 3.64% यानी 12,000 रुपये से ज्यादा चढ़ी और 85,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी में 2% से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई। बाजार खुलते ही चांदी में आई इस रॉकेट जैसी तेजी ने खरीदारों और निवेशकों दोनों को चौंका दिया।
‘कच्चा तेल: अभी राहत पर आगे खतरा’
एक राहत की खबर यह है कि इस वक्त कच्चे तेल के दाम में 10% से ज्यादा की गिरावट आई है। लेकिन विशेषज्ञ चेता रहे हैं कि यह राहत अस्थायी है। ईरान दुनिया के बड़े कच्चे तेल सप्लायर्स में से एक है। अगर यह जंग लंबी खिंची और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (समुद्री मार्ग जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल पाता है) प्रभावित हुआ, तो कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि युद्ध बढ़ने पर कच्चा तेल और ऊंचे स्तर पर पहुंच सकता है जिससे पूरी दुनिया में महंगाई बेकाबू होगी।
‘भारत पर क्यों ज्यादा असर: तेल आयात की निर्भरता’
भारत आज भी ईरान से बड़े पैमाने पर कच्चा तेल खरीदता है। अगर यह आपूर्ति प्रभावित हुई तो सबसे पहले पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ेंगे। और जब तेल महंगा होता है, तो माल ढुलाई महंगी होती है। माल ढुलाई महंगी होने पर बाजार में हर चीज की कीमत बढ़ती है: सब्जी से लेकर अनाज तक।
यानी ईरान-इजराइल की लड़ाई आखिरकार एक भारतीय आम आदमी की रसोई तक अपना असर पहुंचाएगी।
‘क्या है पृष्ठभूमि’
ईरान-इजराइल युद्ध में अयातुल्लाह अली खामेनेई का निधन हो चुका है। इसके बाद ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर लगातार मिसाइल हमले किए हैं। ईरान की साफ चेतावनी है कि जब तक अमेरिका पीछे नहीं हटता, कार्रवाई जारी रहेगी। इस अनिश्चितता का असर वैश्विक बाजारों पर पड़ रहा है और भारत जैसे तेल आयातक देश को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- MCX पर सोना 5000+ रुपये उछलकर 1,67,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंचा।
- चांदी 3.64% उछलकर 85,000 रुपये प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंची।
- Sensex 2743 अंक (3.38%) गिरकर 78,543 और Nifty 519 अंक (2.06%) गिरकर 24,659 पर खुला।
- BSE Market Cap में 6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की गिरावट, निवेशकों को भारी नुकसान।
- कच्चे तेल में अभी गिरावट, लेकिन युद्ध लंबा खिंचा तो भारत में महंगाई का बड़ा खतरा।








