Indore Water Contamination Death : इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में बीते दिनों जो हुआ, उसने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है। मध्यप्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 से अधिक लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। बीमार पड़ने वालों में उल्टी, दस्त और कमजोरी के गंभीर लक्षण सामने आ रहे हैं। यह सिलसिला 25 दिसंबर से शुरू हुआ और हर दिन हालात और बिगड़ते चले गए।

25 दिसंबर से शुरू हुआ बीमारी का कहर
भागीरथपुरा बस्ती में सबसे पहले 25 दिसंबर को लोगों की तबीयत बिगड़नी शुरू हुई। शुरुआत में दो अस्पतालों में 18 मरीज भर्ती किए गए, लेकिन इसके बाद मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ती चली गई।
मौतों का आंकड़ा कैसे बढ़ता गया
28 दिसंबर को स्वास्थ्य विभाग की टीम और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मरीजों से मिलने अस्पताल पहुंचे। 29 दिसंबर को डायरिया से पहली मौत की पुष्टि हुई, जो शाम तक चार हो गई। 30 दिसंबर को यह सामने आया कि पिछले चार दिनों से लगातार मौतें हो रही थीं और मृतकों की संख्या 14 से अधिक पहुंच चुकी थी।

अस्पतालों में हालात बेहद गंभीर
फिलहाल 200 से ज्यादा मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें से करीब 30 मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार कई मरीजों में संक्रमण और डिहाइड्रेशन खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है।
साफ पानी के नाम पर जंग लगे टैंकर
दूषित पानी से मौतों के बाद प्रशासन ने टैंकरों से पानी सप्लाई शुरू कराई। लेकिन इन टैंकरों की हालत खुद चिंता बढ़ाने वाली है।
नगर निगम के कई टैंकर जर्जर हालत में हैं, जिन पर बाहर से ही जंग साफ नजर आती है। ऐसे टैंकरों से मिलने वाला पानी कितना सुरक्षित है, यह सवाल अब लोग खुलकर पूछ रहे हैं।
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आम लोगों पर सीधा असर
यह मामला अब सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं रह गया है। यह सीधे लोगों की जिंदगी और उनके भरोसे से जुड़ा संकट बन चुका है।इलाके में डर, गुस्सा और असहायता का माहौल है।
क्या है पृष्ठभूमि
भागीरथपुरा इलाके में लंबे समय से पानी की सप्लाई और पाइपलाइन को लेकर शिकायतें थीं। दिसंबर के आखिरी हफ्ते में हालात अचानक बिगड़े और दूषित पानी ने पूरे इलाके को स्वास्थ्य आपदा में बदल दिया।
मुख्य बातें (Key Points)
- इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 15 मौतें
- 200 से ज्यादा मरीज अस्पतालों में भर्ती
- करीब 30 मरीजों की हालत गंभीर
- जंग लगे टैंकरों से पानी सप्लाई पर सवाल








