Indore Water Contamination : इंदौर में दूषित पानी पीने से हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। भागीरथपुरा इलाके से 38 नए मरीज अस्पताल में भर्ती हुए हैं, जिनमें 15 की हालत नाजुक है और वे ICU में हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक 421 लोग बीमार हो चुके हैं और 10 लोगों की मौत हो चुकी है। यह संकट इंदौर से निकलकर गुजरात के गांधीनगर और ओडिशा तक फैलता दिख रहा है।
भागीरथपुरा में सबसे ज्यादा तबाही
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी ने सबसे ज्यादा कहर बरपाया है। यहां से 38 नए मरीज अस्पताल पहुंचे, जबकि कुल 421 लोग बीमार हो चुके हैं। इनमें से 110 अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि 15 मरीज ICU में जिंदगी से जूझ रहे हैं।

‘सबसे साफ शहर’ की छवि पर सवाल
इंदौर को कागजों में देश का सबसे साफ शहर बताया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर दिखा रही है। साफ पानी की गुहारें लंबे समय से अनसुनी रहीं और प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा 10 मौतों के रूप में सामने आया।
लीकेज के दावे, मरीजों के आंकड़ों के सामने फेल
प्रशासन ने पाइपलाइन लीकेज बंद करने के कई दावे किए, लेकिन मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती रही। दूषित पानी से प्रभावित इलाकों में सर्वे के लिए 200 टीमें बनाई गईं, ताकि हालात पर काबू पाया जा सके।
केंद्र सरकार और ICMR की एंट्री
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार एक्शन में आई। Indian Council of Medical Research के 600 कर्मचारी डिजिटल डाटा तैयार कर रहे हैं। कोबो ऐप के जरिए घर-घर सर्वे शुरू हुआ है, ताकि बीमारों, मौतों और दवाइयों का पूरा रिकॉर्ड एक ही प्लेटफॉर्म पर मौजूद रहे।
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नाले के बीच से आ रहा पीने का पानी
इंदौर के सोनिया गांधी नगर में हालात और भी बदतर हैं। यहां नाले के बीच से गुजरती पाइपलाइन से घरों में पीने का पानी पहुंच रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे 6–7 साल से इसी पानी को पीने को मजबूर हैं और बार-बार शिकायत के बावजूद न तो नेता आए और न ही नगर निगम ने सुध ली।
इंदौर से गांधीनगर तक फैली बीमारी
यह संकट सिर्फ इंदौर तक सीमित नहीं है। Gandhinagar में दूषित पानी की वजह से टाइफाइड के 100 से ज्यादा मरीज सामने आए हैं। फिलहाल 113 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें 104 बच्चे शामिल हैं। प्रशासन का दावा है कि 17 जगहों पर लीकेज बंद किए गए हैं और 3000 घरों में सर्वे किया गया है।
ओडिशा के नवोदय विद्यालय में जॉन्डिस का कहर
Odisha के एक नवोदय विद्यालय में सैकड़ों छात्र जॉन्डिस की चपेट में आ गए। पिछले तीन दिनों में 150 से 200 छात्र बीमार हुए और एक शिक्षक भी संक्रमित पाया गया। हालात बिगड़ने पर 100 से 130 छात्र हॉस्टल छोड़कर घर लौट गए। माना जा रहा है कि स्कूल की पानी की टंकी का दूषित पानी इसकी वजह बना।

आम लोगों पर सीधा असर
दूषित पानी ने आम लोगों की जिंदगी को सीधे खतरे में डाल दिया है। अस्पतालों में भीड़ बढ़ रही है, बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक बीमार पड़ रहे हैं और भरोसा टूट रहा है कि नल से आने वाला पानी सुरक्षित है।
जानें पूरा मामला
इंदौर के कई इलाकों में पाइपलाइन लीकेज के कारण पीने का पानी दूषित हो गया। इसका असर भागीरथपुरा और सोनिया गांधी नगर में सबसे ज्यादा दिखा, जहां 10 मौतें और सैकड़ों बीमार सामने आए। बाद में यही संकट गुजरात के गांधीनगर और ओडिशा के एक नवोदय विद्यालय तक पहुंच गया, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा दबाव बना।
मुख्य बातें (Key Points)
- इंदौर में दूषित पानी से 10 लोगों की मौत, 421 बीमार
- भागीरथपुरा से 38 नए मरीज, 15 ICU में
- सोनिया गांधी नगर में नाले के बीच से आ रहा पीने का पानी
- गांधीनगर में टाइफाइड और ओडिशा में जॉन्डिस का प्रकोप








