Indians in Ukraine: ‘दो दिनों तक बर्फ में खड़े रहे, खाना तक…

The News Air -रोहतक : हरियाणा के रोहतक का एक छात्र यूक्रेन से लौट आया है। वह यूक्रेन में बिताए गए बीते कुछ दिनों की भयावह क्षणों को याद करके सिहर उठता है। एक मेडिकल कॉलेज के चौथे वर्ष के छात्र नमन अत्री ने बताया कि उसने युद्धक्षेत्र में बिना भोजन के दो बर्फीली रातें बिताईं। अत्री ने कहा कि भारतीय छात्रों को रोमानियाई सीमा पर खुद ही पहुंचने को कहा जा रहा है। छात्र वहां खुद से पहुंच रहे हैं लेकिन भारतीय दूतावास से कोई अधिकारी उन्हें भोजन और आश्रय प्रदान करने के लिए वहां नहीं होता।नमन ने बताया, ‘हमें अपने दम पर बस टिकट खरीदना पड़ा, और युद्ध क्षेत्र से भागने के बाद भी, रोमानियाई पोस्ट पर हमें भोजन, पानी या मोबाइल-रिचार्जिंग पोर्ट उपलब्ध कराने के लिए कोई नहीं था। भूखे-प्यासे, मैंने दो बर्फीली रातें खुले में खड़े रहकर बिताईं। मेरे पैर सुन्न हो गए थे।’

‘भूखे-प्यासे बिताए दिन-रात’

नमन ने मंजर बयां करते हुए बताया कि बर्फीली रातों में कोई व्यवस्था नहीं था। हम लोगों को खाने और पीने को भी नहीं मिला। कई छात्र तो कड़ाके की ठंड और भूख-प्यास से बेहोश हो गए। उन्हें कोई चिकित्सा सहायता तक उपलब्ध नहीं कराई गई। वहां मौजूद छात्रों ने ही किसी तरह एक दूसरे की मदद की और उन्हें संभाला।

‘यूक्रेनी सैनिकों ने तानी बंदूक’

सीमा पर यूक्रेनी सैनिक हमें बंदूकों से डराते थे और हमें तब तक पार नहीं करने देते जब तक कि दूतावास से कोई नहीं आता। उन्होंने कुछ लड़कियों को धक्का भी दिया और बाल पकड़कर खींचे।

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