India-US Trade Deal Farmers: पूर्व शिक्षा मंत्री और कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने शनिवार, 14 मार्च 2026 को मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार अपने मतलब के लिए भारतीय खेती की बलि देने को तैयार है और देश के अन्नदाताओं के साथ धोखा कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने किसानों से जुड़े कई गंभीर सवाल पूछे हैं, लेकिन भाजपा सरकार एक भी सवाल का जवाब देने की बजाय बच रही है।
C2+50% MSP का वादा कब होगा पूरा: राहुल गांधी का सवाल अनुत्तरित
परगट सिंह ने बताया कि राहुल गांधी ने साल 2021 में लोकसभा में पूछा था कि किसानों से किया गया C2+50% लीगल MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) का वादा अभी तक लागू क्यों नहीं किया गया। C2+50% का मतलब है कि किसानों को उनकी फसल की कुल उत्पादन लागत (जिसमें जमीन का किराया और खुद की पूंजी पर ब्याज भी शामिल हो) से 50 प्रतिशत अधिक दाम मिले।
परगट सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने इस सवाल का सीधा जवाब देने के बजाय सिर्फ अपनी पुरानी MSP नीति दोहरा दी। इससे भी चौंकाने वाली बात यह है कि सरकार ने स्वीकार किया कि उसने राज्यों पर MSP बोनस खत्म करने का दबाव डाला, जिसे ‘नेशनल प्रायोरिटीज़’ के नाम पर बिना किसी ठोस कारण के सही ठहराया गया।
India-US Trade Deal: ‘Non-Trade Barrier’ कम करने का मतलब MSP खत्म करना?
परगट सिंह ने बताया कि राहुल गांधी ने एक और गंभीर सवाल पूछा है। उन्होंने पूछा कि अमेरिका के साथ ट्रेड एग्रीमेंट में ‘नॉन-ट्रेड बैरियर’ (Non-Trade Barrier) कम करने की बात हो रही है। क्या इसका मतलब MSP और सरकारी खरीद को कमजोर करना है?
यह सवाल इसलिए बेहद गंभीर है क्योंकि अमेरिका लंबे समय से भारत की MSP व्यवस्था और सरकारी अनाज खरीद पर आपत्ति जताता रहा है। अमेरिका इसे ‘नॉन-ट्रेड बैरियर’ मानता है, यानी ऐसी सरकारी नीति जो मुक्त व्यापार में बाधा डालती है। अगर भारत-अमेरिका ट्रेड डील में इन बैरियर्स को कम किया जाता है, तो इसका सीधा असर भारतीय किसानों की आजीविका पर पड़ सकता है। लेकिन मोदी सरकार ने अभी तक इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया है।
‘तीन काले कानूनों से लेकर ट्रेड डील तक, BJP हमेशा किसान विरोधी’
परगट सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार शुरू से ही किसानों के खिलाफ रही है। उन्होंने कहा कि चाहे वह किसानी को लेकर पास किए गए तीन काले कृषि कानून हों, जिनके खिलाफ किसानों को दिल्ली की सीमाओं पर महीनों धरना देना पड़ा, या फिर अब यह भारत-अमेरिका व्यापार समझौता हो, भाजपा सरकार की नीतियां हमेशा किसान विरोधी साबित हुई हैं।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने लोकसभा में हर बार देश के किसानों और खेतीबाड़ी को लेकर जो सवाल पूछे, वह देश के लिए बेहद जरूरी हैं और भाजपा सरकार को इनका जवाब देना चाहिए।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ देश भर में कांग्रेस का आंदोलन जारी
परगट सिंह ने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा किसानों के हित में रही है और किसानों के मुद्दों पर आवाज बुलंद करती रही है। उन्होंने बताया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ देश भर में कांग्रेस का आंदोलन चलाया जा रहा है।
परगट सिंह ने कहा कि देश की खेती को बर्बाद करने और किसानों को सड़क पर लाने वाली इस डील को रद्द करवाने के लिए आंदोलन जारी रखा जाएगा। उन्होंने किसानों के इस मुद्दे पर देश भर के लोगों से कांग्रेस के साथ खड़े होने की अपील की।
क्यों अहम है यह मुद्दा
भारत-अमेरिका ट्रेड डील का मामला सिर्फ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप नहीं है। पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्य के लिए यह अस्तित्व का सवाल है। पंजाब के लाखों किसान गेहूं और धान की MSP पर निर्भर हैं। अगर अमेरिका के दबाव में MSP व्यवस्था कमजोर होती है या सरकारी खरीद कम होती है, तो पंजाब के किसानों की कमर टूट सकती है। यही कारण है कि AAP, कांग्रेस और किसान संगठन सभी इस मुद्दे पर एकजुट दिख रहे हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने कहा: राहुल गांधी के किसानों से जुड़े गंभीर सवालों का जवाब देने से भाग रही मोदी सरकार।
- C2+50% MSP का वादा अभी तक अधूरा, सरकार ने माना कि राज्यों पर MSP बोनस खत्म करने का दबाव डाला।
- India-US Trade Deal में ‘Non-Trade Barrier’ कम करने का मतलब MSP और सरकारी खरीद कमजोर करना: परगट सिंह।
- कांग्रेस का भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ देश भर में आंदोलन जारी रहेगा।







