India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच हुई ताजा व्यापारिक डील से आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ने वाला है। जहां एक तरफ लैपटॉप, मोबाइल, फ्रिज जैसे सामान सस्ते हो सकते हैं, वहीं दूसरी तरफ स्टील, ज्वेलरी और कुछ ऑटो पार्ट्स महंगे होने की आशंका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत के बाद यह डील हुई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने भारतीय सामान पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया है। वहीं, भारत ने अमेरिकी उत्पादों पर व्यापारिक बाधाएं कम करने का फैसला किया है। इस समझौते में भारत द्वारा रूस से तेल की खरीद कम करने और अमेरिका तथा संभवतः वेनेजुएला से तेल आयात बढ़ाने की बात भी शामिल है।
ये सामान होंगे सस्ते
इस डील के बाद कई रोजमर्रा के सामानों की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है। खासतौर से टेक्नोलॉजी और कृषि उत्पादों में राहत मिल सकती है।
टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक्स:
- लैपटॉप
- मोबाइल गैजेट्स
- कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स
- कंपोनेंट पार्ट्स
- टेक हार्डवेयर
घरेलू उपकरण:
- फ्रिज
- वाशिंग मशीन
- अन्य घरेलू उपकरण
खाद्य सामग्री:
- दालें
- डेयरी प्रोडक्ट्स (बटर, मिल्क)
- प्रोसेस्ड फूड
- पैकेज्ड सामान
- कंज्यूमर प्रोडक्ट्स
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन उत्पादों पर लगने वाला आयात शुल्क घटने से कम इंपोर्ट खर्च की वजह से दाम कम हो सकते हैं। खासतौर से दालों और डेयरी प्रोडक्ट्स के सस्ते होने से बढ़ती खाद्य महंगाई के दबाव को कुछ हद तक कम करने में मदद मिल सकती है।
ये सामान होंगे महंगे
लेकिन डील का दूसरा पहलू यह है कि कुछ उत्पाद महंगे भी हो सकते हैं, जिससे भारत को झटका लगने की उम्मीद है।
धातु और रसायन:
- स्टील पर 50% तक ड्यूटी
- एल्युमिनियम पर 50% तक ड्यूटी
- कॉपर पर 50% तक ड्यूटी
- केमिकल्स
आभूषण:
- जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर पर भारी ड्यूटी
ऑटोमोबाइल:
- विशेषज्ञों के अनुसार कुछ ऑटोमोबाइल पार्ट्स पर नई ट्रेड डील के बाद भी ज्यादा टैरिफ लग सकते हैं
टेक्सटाइल सेक्टर को राहत
भारत-अमेरिका ट्रेड डील दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के बीच व्यापार के तरीके को नया रूप दे सकती है। इससे भारत के टेक्सटाइल और रेडीमेड कपड़ा सेक्टर को टैरिफ कटौती का फायदा मिल सकता है।
पिछले कई महीनों से टेक्सटाइल सेक्टर भारी दबाव में था। अमेरिका के 50% टैरिफ से इस सेक्टर में हजारों मजदूर बेरोजगार हो रहे थे। अब 18% टैरिफ से इस सेक्टर को कुछ राहत मिल सकती है।
रूस से तेल का विवाद
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस समझौते में भारत द्वारा रूस से तेल की खरीद कम करने और अमेरिका और संभवतः वेनेजुएला से तेल आयात बढ़ाने की बात भी शामिल है।
हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने बयान में ना तो रूस के तेल का जिक्र किया है और ना ही वेनेजुएला से तेल खरीदने की बात कही है। उन्होंने सिर्फ इस बात पर खुशी जाहिर की है कि अमेरिका ने भारत पर जो 50% टैरिफ था, उसे घटाकर 18% कर दिया है और यह खुशी की बात है। जिसके लिए उन्होंने भारत की जनता को बधाई भी दी है।
लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने Truth Social पोस्ट में साफ-साफ लिखा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने रूस से तेल की खरीद बंद करने पर सहमति जताई है और भारत अब अमेरिका से ज्यादा तेल खरीदेगा।
देखना होगा कितनी सच्चाई
अब देखना होगा कि जिस तरीके से अमेरिका दावा कर रहा है कि भारत पूरी तरह से रूस से तेल खरीदना बंद करेगा, उस दावे में कितनी सच्चाई है और भारत सरकार इस पर क्या कुछ कहती है।
यह भी देखना होगा कि सस्ते होने वाले सामानों से आम आदमी को कितना फायदा पहुंचता है और महंगे होने वाले सामानों से कितना नुकसान।
स्टील, एल्युमिनियम और कॉपर पर 50% तक ड्यूटी लगने से निर्माण क्षेत्र पर भारी असर पड़ सकता है। इससे घर बनाने की लागत बढ़ सकती है। ज्वेलरी सेक्टर पर भी असर पड़ेगा।
वहीं, लैपटॉप और मोबाइल जैसे गैजेट्स के सस्ते होने से युवाओं और पढ़ाई करने वाले छात्रों को फायदा हो सकता है। दालों और डेयरी प्रोडक्ट्स के सस्ते होने से आम आदमी की रसोई पर असर पड़ेगा।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह फायदे वाकई आम आदमी तक पहुंचेंगे या केवल कागजों पर रह जाएंगे?
मुख्य बातें (Key Points)
- India-US Trade Deal से लैपटॉप, मोबाइल, फ्रिज, वाशिंग मशीन जैसे टेक्नोलॉजी उत्पाद सस्ते हो सकते हैं
- दालें, डेयरी प्रोडक्ट्स और प्रोसेस्ड फूड के दाम कम होने से खाद्य महंगाई में कुछ राहत मिल सकती है
- स्टील, एल्युमिनियम, कॉपर पर 50% तक ड्यूटी लगने से ये सामान महंगे होंगे, निर्माण क्षेत्र पर असर पड़ेगा
- जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर पर भारी ड्यूटी, कुछ ऑटो पार्ट्स भी महंगे हो सकते हैं
- टेक्सटाइल और रेडीमेड कपड़ा सेक्टर को टैरिफ कटौती से फायदा मिलेगा
- रूस से तेल खरीद बंद करने का दावा अमेरिका कर रहा है, लेकिन PM मोदी ने अपने बयान में इसका जिक्र नहीं किया







