NITI Aayog Governing Council Meeting 2025 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने शनिवार को नीति आयोग (NITI Aayog) की 10वीं शासी परिषद (Governing Council) की बैठक को संबोधित करते हुए भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए ‘टीम इंडिया’ (Team India) की भावना से काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारें मिलकर एकजुट होकर कार्य करें, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। इस बैठक का मुख्य विषय था – ‘2047 में विकसित भारत के लिए विकसित राज्य’।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर ज़ोर दिया कि देश को तेज़ी से विकास की ओर बढ़ना होगा और हर राज्य को अपने स्तर पर वैश्विक मानकों के अनुरूप बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के साथ कम से कम एक टूरिज्म डेस्टिनेशन (tourism destination) विकसित करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “एक राज्य: एक वैश्विक गंतव्य” (One State: One Global Destination) का विजन लेकर राज्यों को आगे बढ़ना होगा। इससे संबंधित शहरों के आर्थिक विकास को भी बल मिलेगा।
शहरीकरण और भविष्य की तैयारी पर जोर
बैठक में पीएम मोदी ने तेजी से हो रहे शहरीकरण (urbanization) की चर्चा करते हुए कहा कि भारत (India) को भविष्य के लिए अपने शहरों को तैयार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नवाचार (innovation), विकास (growth) और स्थिरता (sustainability) को शहरों के विकास का मुख्य आधार बनाना होगा। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि भविष्य के भारत की संरचना स्मार्ट, टिकाऊ और सभी के लिए सुलभ होनी चाहिए।
कौन-कौन रहा बैठक में शामिल
नीति आयोग की इस शीर्ष बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री (Chief Ministers), केंद्रशासित प्रदेशों (Union Territories) के उपराज्यपाल (Lieutenant Governors) और कई केंद्रीय मंत्री (Union Ministers) उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं नीति आयोग के अध्यक्ष (Chairperson of NITI Aayog) हैं। यह बैठक इसलिए भी अहम रही क्योंकि यह पाकिस्तान (Pakistan) में हाल ही में किए गए आतंकवाद विरोधी अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) के बाद सभी मुख्यमंत्रियों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ प्रधानमंत्री मोदी की पहली बड़ी बातचीत थी।
इस उच्च स्तरीय बैठक में भारत के भविष्य, विशेषकर 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य पर गंभीर मंथन हुआ। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि जब तक प्रत्येक राज्य खुद को विकसित करने के लिए ठोस प्रयास नहीं करेगा, तब तक भारत का विकसित राष्ट्र बनने का सपना अधूरा रहेगा। इस दिशा में ‘साझेदारी’, ‘दृष्टिकोण’ और ‘संकल्प’ की आवश्यकता है।








