फर्टीलाइजर, केमिकल और टेक्सटाइल के कच्चे माल पर घट सकती है इंपोर्ट ड्यूटीः सूत्र

अगले महीने पेश होने वाले बजट में मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की झलक फिर से देखने को मिल सकती है। सरकार द्वारा मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने के लिए लगातार कदम उठाती रहती है। इस संबंध में सीएनबीसी आवाज़ को एक्सक्लूसिव जानकारी मिली है। इस जानकारी के मुताबिक फर्टीलाइजर सेक्टर में उपयोग होने वाले कच्चे माल पर सरकार द्वारा इंपोर्ट ड्यूटी घटाई जा सकती है। इसके साथ ही केमिकल और टेक्सटाइल जैसे सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर इंपोर्ट ड्यूटी घट सकती है। रॉक फॉस्फेट और सल्फर पर इंपोर्ट ड्यूटी घट सकती है। रॉक फॉस्फेट का इस्तेमाल DAP में होता है।

इस पर विस्तृत जानकारी देते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के लक्ष्मण रॉय ने कहा कि अबकी बार पेश होने वाले बजट में कच्चा माल सस्ता हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक फर्टीलाइजर सेक्टर को इससे बड़ी राहत मिल सकती है। इतना ही नहीं केमिकल और टेक्सटाइल सेक्टर को अबकी बार बजट में राहत मिल सकती है।

सूत्रों के अनुसार फर्टीलाइजर के कच्चे माल पर इंपोर्ट ड्यूटी घट सकती है। DAP में इस्तेमाल होने वाले रॉक फॉस्फेट, सल्फर पर इंपोर्ट ड्यूटी घट सकती है। बता दें कि अभी रॉक फॉस्फेट, सल्फर दोनों पर 2.5% की इंपोर्ट ड्यूटी​ लगती है। फॉस्फेरिक एसिट और अमोनिया पर इंपोर्ट ड्यूटी घट सकती है। अभी फॉस्फेरिक एसिट और अमोनिया पर 5% की इंपोर्ट ड्यूटी लगती है।

गौरतलब हैं कि GSFC, Chambal फर्टिलाइजर, RCF सबसे ज्यादा DAP बनाने वाली कंपनियों में शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक केमिकल और टेक्सटाइल के कच्चे माल पर इंपोर्ट ड्यूटी घट सकती है। सूत्रों ने बताया कि प्रस्ताव पर संबंधित मंत्रालय, उद्योग मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के बीच बैठक हो चुकी है। लिहाजा माना जा रहा है अबकी बार केमिकल, फर्टिलाइजर्स और टेक्सटाइल सेक्टर के लिए बजट में अच्छी खबर मिल सकती है।

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