IMD Weather Forecast के अनुसार भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शनिवार 28 मार्च 2026 को जारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में देश भर के लिए एक विस्तृत मौसम चेतावनी जारी की है। IMD ने स्पष्ट किया है कि उत्तर-पश्चिम भारत में इस पूरे सप्ताह बारिश का दौर जारी रहेगा और इसकी तीव्रता 29 और 30 मार्च को चरम पर होगी। कश्मीर घाटी में 30 मार्च को छिटपुट भारी वर्षा और हिमपात की संभावना जताई गई है। वहीं पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में इस सप्ताह व्यापक बारिश के साथ गरज, बिजली और तेज हवाएं चलने का अनुमान है और 28 मार्च को पूर्वी भारत में ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी गई है।

पिछले 24 घंटों में मेघालय में बहुत भारी बारिश, ओडिशा में 94 किमी प्रति घंटा तेज हवाएं
IMD Weather Forecast की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 28 मार्च को सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में खतरनाक मौसमी घटनाएं दर्ज की गई हैं। मेघालय में कुछ स्थानों पर 7 से 20 सेंटीमीटर तक भारी से बहुत भारी बारिश हुई है, जिसमें मिनेंग में सबसे ज्यादा 13 सेमी और धुबरी में 9 सेमी वर्षा दर्ज की गई। सिक्किम और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में भी कुछ जगहों पर 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई।
उत्तराखंड और बिहार में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की सूचना मिली है। इसके अलावा उत्तराखंड, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, हरियाणा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, मध्य प्रदेश, विदर्भ, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और मणिपुर में कई जगहों पर 30 से 80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज और तूफान आया।
सबसे तेज हवाएं ओडिशा के मयूरभंज में 94 किमी प्रति घंटा और झारसुगुड़ा में 83 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दर्ज की गईं। असम के बक्सा में भी 93 किमी प्रति घंटा और बिहार के IIT पटना में 80 किमी प्रति घंटा तेज हवाएं चलीं। गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में गंगासागर में 76 किमी और अमता में 67 किमी प्रति घंटा की तेज हवाओं ने तबाही मचाई।
तापमान: कुर्नूल में 41.5°C सबसे गर्म, भटिंडा में 10°C सबसे ठंडा
IMD Weather Forecast में तापमान की स्थिति पर विस्तृत जानकारी दी गई है। पिछले 24 घंटों में देश के मैदानी इलाकों में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 41.5°C आंध्र प्रदेश के कुर्नूल में दर्ज किया गया। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात राज्य में कई जगहों पर अधिकतम तापमान 37°C से 41°C के बीच रहा। ओडिशा, पश्चिम बंगाल और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में भी कुछ जगहों पर पारा इसी सीमा में दर्ज किया गया।
वहीं देश के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.0°C पंजाब के भटिंडा में दर्ज किया गया। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, असम, केरल और तमिलनाडु में न्यूनतम तापमान 12 से 18°C की सीमा में रहा, जबकि देश के बाकी मैदानी हिस्सों में यह 18 से 25°C के बीच रहा।
जम्मू-कश्मीर में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1°C या उससे अधिक ऊपर रहा, जो काफी असामान्य है। पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में रात का तापमान भी सामान्य से काफी अधिक (3.1°C से 5.0°C ज्यादा) दर्ज किया गया।
उत्तर-पश्चिम भारत: 29-30 मार्च को बारिश चरम पर, ओलावृष्टि की भी चेतावनी
IMD Weather Forecast के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में इस सप्ताह बारिश का जोरदार दौर जारी रहने वाला है। 28 से 31 मार्च के दौरान जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में, 28 से 30 मार्च और 2-3 अप्रैल को हिमाचल प्रदेश में, और 29 से 31 मार्च के दौरान उत्तराखंड में काफी बड़े इलाके में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। कुछ जगहों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटा की तेज हवाएं चल सकती हैं जो 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती हैं।
30 मार्च को कश्मीर घाटी में कुछ जगहों पर भारी बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है, जो इस सप्ताह की सबसे गंभीर मौसमी घटना हो सकती है।
28 से 30 मार्च के दौरान पंजाब में, 29 से 31 मार्च के दौरान हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी छिटपुट हल्की से मध्यम बारिश होगी।
ओलावृष्टि का खतरा भी कई राज्यों पर मंडरा रहा है। 29 मार्च को जम्मू-कश्मीर और पश्चिमी राजस्थान में, 29 और 30 मार्च को हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में, और 30 मार्च को उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
पूर्वोत्तर भारत में सप्ताह भर भारी बारिश, 60 किमी प्रति घंटा तक तेज हवाओं का अनुमान
IMD Weather Forecast में पूर्वोत्तर भारत के लिए भी गंभीर चेतावनी जारी की गई है। अरुणाचल प्रदेश में 28 मार्च से 3 अप्रैल तक, और असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 28 मार्च से 1 अप्रैल तक छिटपुट से लेकर व्यापक स्तर पर हल्की से मध्यम बारिश, गरज, बिजली और 30 से 60 किमी प्रति घंटा तक तेज हवाएं चलने की संभावना है।
अरुणाचल प्रदेश में 28, 29 और 31 मार्च से 3 अप्रैल के दौरान, असम और मेघालय में 28, 29, 31 मार्च और 1 अप्रैल को, मिजोरम में 29 मार्च को और त्रिपुरा में 28 और 29 मार्च को छिटपुट भारी वर्षा की संभावना है। यह स्थिति इस क्षेत्र के निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का कारण बन सकती है।
पूर्वी भारत में ओलावृष्टि और 70 किमी प्रति घंटा तक आंधी का खतरा
IMD Weather Forecast के अनुसार पूर्वी भारत में 28 मार्च का दिन सबसे खतरनाक हो सकता है। 28 और 31 मार्च को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और बिहार में गरज के साथ 50 से 60 किमी प्रति घंटा की आंधी आने की संभावना है, जिसके झोंके 70 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं। 28 मार्च को गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में भी यही स्थिति रहेगी।
28 मार्च को पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, झारखंड और ओडिशा में छिटपुट ओलावृष्टि की भी संभावना है। 28 से 31 मार्च के दौरान बिहार में, 28, 29 मार्च और 31 मार्च से 2 अप्रैल तक झारखंड में, और 28 मार्च से 1 अप्रैल तक ओडिशा में छिटपुट से मध्यम बारिश के साथ गरज और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
आम लोगों के लिए यह चेतावनी बेहद जरूरी है क्योंकि 70 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाएं पेड़ उखाड़ सकती हैं, बिजली-संचार लाइनों को नुकसान पहुंचा सकती हैं और कमजोर ढांचों को गिरा सकती हैं।
मध्य और पश्चिमी भारत में भी बारिश और ओलावृष्टि का अनुमान
IMD Weather Forecast में मध्य भारत के लिए भी चेतावनी जारी की गई है। 29 मार्च से 1 अप्रैल तक पश्चिमी मध्य प्रदेश में, 30 मार्च से 1 अप्रैल तक पूर्वी मध्य प्रदेश में, 30 मार्च से 3 अप्रैल तक विदर्भ में और अगले 7 दिनों तक छत्तीसगढ़ में छिटपुट बारिश के साथ गरज, बिजली और 40 से 60 किमी प्रति घंटा तक तेज हवाएं चलने की संभावना है। 30 मार्च को पश्चिमी मध्य प्रदेश और विदर्भ में ओलावृष्टि भी हो सकती है।
पश्चिमी भारत में मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 29 मार्च से 1 अप्रैल तक, गुजरात में 29 और 30 मार्च को, और तटीय महाराष्ट्र में 31 मार्च से 1 अप्रैल तक छिटपुट बारिश होगी। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 30 और 31 मार्च को ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।
दक्षिण भारत में गरज-बिजली के साथ बारिश, केरल और कर्नाटक में बिजली गिरने का खतरा
IMD Weather Forecast के अनुसार दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में भी इस सप्ताह छिटपुट बारिश के साथ गरज, बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना है। केरल और माहे में 28 और 30 मार्च को, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक में 28 मार्च से 1 अप्रैल तक 30 से 60 किमी प्रति घंटा तक तेज हवाओं के साथ बारिश होगी।
तमिलनाडु में 29 मार्च को और तटीय कर्नाटक, केरल और माहे में 30 मार्च से 1 अप्रैल के दौरान बिजली गिरने की संभावना है, जो खुले में काम करने वाले लोगों के लिए खतरनाक हो सकता है।
दिल्ली-NCR: 29 मार्च से बदलेगा मौसम, आंधी-तूफान की चेतावनी
IMD Weather Forecast में दिल्ली-NCR के लिए 28 से 31 मार्च तक का अलग से विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों में दिल्ली में न्यूनतम तापमान 1 से 2°C और अधिकतम तापमान 1 से 3°C तक गिरा है। अधिकतम तापमान 31 से 33°C और न्यूनतम तापमान 17 से 19°C के बीच रहा।
28 मार्च (शनिवार): आसमान आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 32°C से 34°C के बीच रहेगा। उत्तर-पश्चिमी दिशा से 16 किमी प्रति घंटा तक हवा चलेगी।
29 मार्च (रविवार): आसमान आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। सुबह से दोपहर और दोपहर से शाम तक हल्की बारिश के दो दौर आने की संभावना है, जिसके साथ गरज-बिजली और 20 से 30 किमी प्रति घंटा की तेज हवाएं चलेंगी जो झोंकों में 40 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती हैं। अधिकतम तापमान 30 से 32°C और न्यूनतम 20 से 22°C रहेगा।
30 मार्च (सोमवार): बादलों से घिरा आसमान रहेगा। गरज-बिजली के साथ हल्की बारिश की संभावना है। अधिकतम तापमान 31 से 33°C और न्यूनतम 20 से 22°C रहेगा।
31 मार्च (मंगलवार): बादलों से घिरा आसमान रहेगा और हल्की बारिश-बूंदाबांदी होगी। अधिकतम तापमान 29 से 31°C तक गिर जाएगा और न्यूनतम 19 से 21°C रहेगा। उत्तर-पश्चिम से 20 किमी प्रति घंटा तक हवा चलेगी।
तापमान का पूर्वानुमान: उत्तर भारत में उतार-चढ़ाव, मध्य भारत में स्थिर
IMD Weather Forecast के अनुसार अगले 24 घंटों में उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 2 से 4°C बढ़ेगा, लेकिन 29 और 30 मार्च को 3 से 4°C की गिरावट आएगी और 31 मार्च से 3 अप्रैल तक फिर 2 से 4°C की वृद्धि होगी। उत्तर प्रदेश में 28 और 29 मार्च को तापमान 3 से 5°C बढ़ेगा, लेकिन 30 और 31 मार्च को इतनी ही गिरावट आएगी।
मध्य भारत में 31 मार्च तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन 1 से 3 अप्रैल के दौरान 2 से 3°C की गिरावट संभव है। पूर्वी भारत में 28 और 29 मार्च को तापमान 2 से 4°C गिरेगा और 30 मार्च से 3 अप्रैल तक 3 से 5°C बढ़ेगा।
मछुआरों के लिए चेतावनी: बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में न जाएं
IMD Weather Forecast में मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई है। 28 मार्च को बंगाल की खाड़ी में उत्तरी ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के आसपास और उससे दूर मछली पकड़ने न जाने की सलाह दी गई है। अरब सागर में 28 और 29 मार्च को ओमान के तट के आसपास, ओमान की खाड़ी और उत्तर-पश्चिमी अरब सागर के कुछ हिस्सों में भी मछुआरों को न जाने की सलाह है।
किसानों के लिए जरूरी कृषि-मौसम परामर्श
IMD Weather Forecast में किसानों के लिए विस्तृत कृषि-मौसम संबंधी परामर्श भी जारी किया गया है जो इस बदलते मौसम में फसलों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और झारखंड के किसानों को फलों के बगीचों और सब्जियों के पौधों को ओलावृष्टि से बचाने के लिए हेल नेट या हेल कैप का उपयोग करना चाहिए। परिपक्व फसलों की तुरंत कटाई करके उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रख दें।
मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ के किसानों को परिपक्व गेहूं, ज्वार, कुसुम, चना, मक्का, अलसी, फलों और सब्जियों की कटाई करके सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है। उत्तराखंड में परिपक्व सरसों, रैपसीड, मसूर और मटर की फसल जल्द से जल्द काट लें।
पशुपालकों को भारी वर्षा और ओलावृष्टि के दौरान पशुओं को शेड के अंदर रखने और चारे तथा पशुआहार को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।
सावधानी जरूरी: IMD की सुझाई गई सुरक्षा संबंधी कार्रवाई
IMD Weather Forecast में आम लोगों के लिए कई महत्वपूर्ण सुरक्षा सुझाव दिए गए हैं। आंधी-तूफान और बिजली कड़कने के दौरान लोगों को घर के अंदर रहना चाहिए, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखने चाहिए और संभव हो तो यात्रा से बचना चाहिए। पेड़ों के नीचे शरण न लें, कंक्रीट के फर्श पर न लेटें और कंक्रीट की दीवारों के सहारे न खड़े हों। बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें और पानी वाली जगहों से तुरंत बाहर निकल जाएं।
भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में निचले इलाकों और नदी तटों पर जलभराव और बाढ़ की स्थिति बन सकती है। यातायात प्रवाह बाधित हो सकता है और प्रमुख सड़कें तथा स्थानीय ट्रेनें प्रभावित हो सकती हैं। बहुत पुरानी इमारतों और अनुरक्षित न की गई संरचनाओं के लिए खतरा बना रहेगा।
2 अप्रैल से उत्तर-पश्चिम भारत में नया पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना
IMD Weather Forecast में बताया गया है कि मौजूदा मौसमी प्रणालियों में पछुआ हवाओं में एक गर्त लगभग 86° पूर्व देशांतर के अनुदिश स्थित है और पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी ईरान और कैस्पियन सागर के ऊपर स्थित है। मध्य असम, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक के ऊपर भी ऊपरी वायुचक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। 2 अप्रैल 2026 से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के आने की संभावना है, जिसका मतलब है कि अप्रैल की शुरुआत में भी मौसम अस्थिर बना रहेगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- IMD Weather Forecast के अनुसार 29 और 30 मार्च को उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश चरम पर होगी और 30 मार्च को कश्मीर घाटी में भारी बर्फबारी की संभावना है।
- मेघालय में 7 से 20 सेमी बहुत भारी बारिश हुई, ओडिशा में 94 किमी प्रति घंटा तेज हवाएं दर्ज हुईं और आंध्र प्रदेश के कुर्नूल में 41.5°C सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया।
- 28 मार्च को पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, झारखंड और ओडिशा में ओलावृष्टि की चेतावनी है, जबकि 29-30 मार्च को दिल्ली-NCR सहित कई राज्यों में भी ओले गिर सकते हैं।
- दिल्ली-NCR में 29 मार्च से मौसम बदलेगा, 40 किमी प्रति घंटा तक तेज हवाओं के साथ बारिश और 31 मार्च तक तापमान 29-31°C तक गिर जाएगा।








