IMD Weather Forecast: भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) ने देश भर में मौसम की स्थिति और 8 से 21 अक्टूबर 2026 तक के विस्तारित पूर्वानुमान पर आधिकारिक रिपोर्ट जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के अधिकांश हिस्सों से तेजी से विदा हो रहा है, जबकि दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में पूर्वोत्तर मानसून (Northeast Monsoon) के आगमन के अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। देखा जाए तो पिछले एक हफ्ते के दौरान पूरे देश में दीर्घावधि औसत (LPA) से 72% कम वर्षा दर्ज की गई है, जिससे मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में शुष्क मौसम बना हुआ है।
🔍 यह भी पढ़ें- IMD Weather Alert: अंडमान में तूफान, उत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट
मानसून विदाई की वर्तमान स्थिति और चक्रवाती हलचल
अगर गौर करें तो 8 अक्टूबर तक दक्षिण-पश्चिम मानसून Maharashtra के शेष भागों, गोवा, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा के कुछ हिस्सों और झारखंड व छत्तीसगढ़ से वापस लौट चुका है। इससे पहले 3 अक्टूबर को यह पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश से पूरी तरह विदा हो चुका था।
दिलचस्प बात यह है कि बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसमी सिस्टम सक्रिय हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 11 अक्टूबर के आसपास अंडमान सागर के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से 13 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) बनेगा, जो उत्तर-पश्चिम दिशा में उत्तरी तमिलनाडु और दक्षिणी आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ेगा।
क्षेत्रवार साप्ताहिक वर्षा स्थिति (01 से 07 अक्टूबर 2026)
| क्षेत्र (Region) | वास्तविक बारिश (Actual mm) | सामान्य बारिश (Normal mm) | विचलन (Departure %) |
|---|---|---|---|
| पूर्व व पूर्वोत्तर भारत | 21.0 | 45.9 | -54% |
| उत्तर-पश्चिम भारत | 2.1 | 7.2 | -71% |
| मध्य भारत | 0.8 | 22.4 | -97% |
| दक्षिण प्रायद्वीप | 14.5 | 41.2 | -65% |
| संपूर्ण भारत (All India) | 7.1 | 25.2 | -72% |
सप्ताह 1 और 2 (8 से 21 अक्टूबर) का वर्षा पूर्वानुमान
सप्ताह 1 (08 से 14 अक्टूबर 2026): उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय रहेगा। इसके चलते उत्तराखंड में 9 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना है। वहीं जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। दक्षिण में केरल, माहे, तमिलनाडु और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 8 से 10 अक्टूबर के दौरान भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है।
सप्ताह 2 (15 से 21 अक्टूबर 2026): इस सप्ताह की शुरुआत में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश से विदा हो जाएगा और दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मानसून की विधिवत शुरुआत होगी। इसके प्रभाव से तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय ओडिशा, तमिलनाडु, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में व्यापक व भारी बारिश होने का अनुमान है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है।
अल नीनो, आईओडी और तापमान का हाल
समझने वाली बात यह है कि प्रशांत महासागर में मजबूत अल नीनो (El Niño) की स्थिति लगातार बनी हुई है और वर्ष के अंत तक इसके और मजबूत होने का अनुमान है। वहीं हिंद महासागर में तटस्थ हिंद महासागर द्विध्रुव (Indian Ocean Dipole – IOD) बना हुआ है।
तापमान के मामले में, आगामी दो हफ्तों के दौरान देश के किसी भी हिस्से में शीत लहर (Cold Wave) या असामान्य रूप से गर्म रातों की कोई संभावना नहीं है। अधिकांश भागों में न्यूनतम तापमान सामान्य के करीब या 1 से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने का अनुमान है।
किसानों के लिए कृषि मौसम सलाह (Agromet Advisories)
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि भारी वर्षा और तेज हवाओं के मद्देनजर मौसम विभाग ने राज्यों के किसानों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- तमिलनाडु व केरल: ज्वार, मक्का, उड़द, धान और सब्जियों के खेतों में उचित जल निकासी की व्यवस्था करें। केले, पपीते और गन्ने की फसलों को सहारा दें। पकी धान की फसल की कटाई सूखे अंतराल में कर सुरक्षित स्थान पर रखें।
- उत्तराखंड व बिहार: धान, तिल, सोयाबीन और मक्का के खेतों में पानी का जमाव न होने दें। अत्यधिक गीले खेतों में उर्वरक और कीटनाशक छिड़काव फिलहाल टालें।
- पशुपालन व फसल सुरक्षा: कटी हुई फसलों को तिरपाल से ढककर रखें और तेज हवाओं से बचाव के लिए फलदार पौधों को सहारा दें। भारी वर्षा के समय पशुओं को सुरक्षित शेड में रखें।
जानें पूरा मामला
मौसम विभाग (IMD) द्वारा 8 अक्टूबर 2026 को जारी बुलेटिन के अनुसार, देश भर से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई अपने अंतिम चरण में है। 15 अक्टूबर से पूरे देश से इसकी विदाई के साथ ही दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मानसून की शुरुआत होगी। बंगाल की खाड़ी में 13 अक्टूबर को बनने वाला निम्न दबाव क्षेत्र तमिलनाडु और आंध्र तट को प्रभावित करेगा, जबकि उत्तराखंड और दक्षिण राज्यों में भारी बारिश के मद्देनजर अलर्ट व कृषि परामर्श जारी किए गए हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- 15 अक्टूबर तक देश से दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह विदा होगा, पूर्वोत्तर मानसून की होगी शुरुआत
- 13 अक्टूबर को बंगाल की खाड़ी में बनेगा निम्न दबाव क्षेत्र, तमिलनाडु और आंध्र तट की ओर बढ़ेगा
- 01 से 07 अक्टूबर के दौरान देश में सामान्य से 72% कम वर्षा दर्ज की गई
- उत्तराखंड, केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के लिए भारी बारिश का अलर्ट व कृषि दिशा-निर्देश जारी










