IMD Weather Alert के तहत भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 अप्रैल 2026 को जारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में इस सप्ताह उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाले दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) की चेतावनी दी है। इनकी चरम तीव्रता 3, 4 और 7 अप्रैल को रहेगी। IMD ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-NCR, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में ओलावृष्टि, भारी बारिश, 50-70 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
यह IMD Weather Alert करोड़ों किसानों, आम नागरिकों और यात्रियों के लिए बेहद अहम है, क्योंकि तेज हवाओं और ओलावृष्टि से खड़ी फसलों, बागवानी, बिजली-संचार लाइनों और कमजोर ढांचों को भारी नुकसान पहुंच सकता है।
‘दो पश्चिमी विक्षोभ एक साथ सक्रिय: 3, 4 और 7 अप्रैल को चरम तीव्रता’
IMD Weather Alert के अनुसार पहला पश्चिमी विक्षोभ पूर्वी ईरान और उससे सटे अफगानिस्तान के ऊपर निचले और ऊपरी क्षोभमंडलीय स्तरों के बीच स्थित है। इसके प्रभाव से 3 और 4 अप्रैल को उत्तर-पश्चिम भारत में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का दौर रहेगा। 7 अप्रैल 2026 से एक नया (दूसरा) पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत में आने की संभावना है, जो 7 और 8 अप्रैल को एक बार फिर बारिश, बर्फबारी और आंधी का दौर लाएगा।
इसके अलावा पूर्वी राजस्थान के ऊपर एक ऊपरी चक्रवाती परिसंचरण, पूर्वी राजस्थान से पूर्वी मध्य अरब सागर तक एक गर्त, पूर्वी झारखंड से दक्षिणी छत्तीसगढ़ तक एक गर्त, आंतरिक तमिलनाडु से मध्य कोंकण तक एक गर्त और मध्य असम के ऊपर एक ऊपरी चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है। ये सभी मौसम प्रणालियां मिलकर देश के बड़े हिस्से में अस्थिर मौसम पैदा कर रही हैं।
‘उत्तर-पश्चिम भारत: 70 kmph तक के झोंकों वाली आंधी, 10 राज्यों में ओलावृष्टि’
IMD Weather Alert में सबसे गंभीर चेतावनी उत्तर-पश्चिम भारत के लिए है। 3 से 6 अप्रैल के दौरान उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में गरज, बिजली और 40-50 किमी/घंटे की तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। 7 और 8 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में छिटपुट से मध्यम बारिश/बर्फबारी के साथ 30-50 किमी/घंटे की तेज हवाएं चलेंगी। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान में भी 7-8 अप्रैल को 40-50 किमी/घंटे की तेज हवाओं के साथ बारिश होगी।
सबसे खतरनाक स्थिति 3 और 4 अप्रैल को रहेगी जब जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पूर्वी राजस्थान में गरज के साथ आंधी 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से 70 किमी/घंटे तक के झोंकों के साथ चलेगी। 4 अप्रैल को उत्तराखंड में और 4-5 अप्रैल को उत्तर प्रदेश में भी ऐसी ही भयंकर आंधी की आशंका है।
ओलावृष्टि की चेतावनी: जम्मू-कश्मिर में 3, 4 और 7 अप्रैल को; हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 3 और 4 अप्रैल को; उत्तराखंड में 4 अप्रैल को; पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 और 5 अप्रैल को; राजस्थान में 3 और 4 अप्रैल को; और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 5 अप्रैल को छिटपुट ओलावृष्टि होगी।
कश्मीर घाटी में 3 और 4 अप्रैल को छिटपुट भारी वर्षा की भी संभावना है, जो पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और जलभराव का खतरा पैदा कर सकती है।
‘दिल्ली-NCR: 4 अप्रैल को सबसे खराब मौसम, तापमान 5°C तक गिरेगा’
IMD Weather Alert में दिल्ली-NCR के लिए 2 से 5 अप्रैल तक का विस्तृत पूर्वानुमान दिया गया है।
2 अप्रैल: आसमान आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 35-37°C रहेगा, जो सामान्य से ज्यादा (1.6 से 3.0°C) होगा। हवा उत्तर-पूर्व दिशा से 12 kmph तक चलेगी।
3 अप्रैल: आसमान दोपहर तक बादलों से घिर जाएगा। दोपहर से शाम बहुत हल्की बारिश/बूंदाबांदी के साथ गरज/बिजली और 20-30 kmph की तेज हवाएं (40 kmph तक के झोंके) चल सकती हैं। अधिकतम तापमान 32-34°C और न्यूनतम 20-22°C रहेगा।
4 अप्रैल (सबसे खराब दिन): दोपहर से शाम बारिश/बूंदाबांदी के एक या दो दौर आएंगे। 30-40 kmph की तेज हवाएं चलेंगी जिनकी गति 50 kmph तक पहुंच सकती है। गरज/बिजली कड़कने की भी संभावना है। अधिकतम तापमान 30-32°C और न्यूनतम 19-21°C रहेगा। कुछ जगहों पर अधिकतम तापमान सामान्य से काफी कम (-3.1°C से -5.0°C) तक गिर सकता है।
5 अप्रैल: दोपहर से शाम हल्की बारिश, गरज/बिजली और 20-30 kmph (झोंकों में 40 kmph तक) की तेज हवाएं चलेंगी। अधिकतम तापमान 30-32°C और न्यूनतम 17-19°C रहेगा।
दिल्ली में पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान 32-33°C और न्यूनतम 18-20°C रहा। आसमान आंशिक रूप से बादल छाए रहे और सतह पर हवा 12 kmph तक रही।
‘मध्य भारत: मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में ओलावृष्टि, 70 kmph के झोंके’
IMD Weather Alert के अनुसार देश के मध्य भागों में 6 अप्रैल तक गरज और बिजली के साथ बारिश होने की संभावना है। 4 अप्रैल तक छिटपुट ओलावृष्टि भी हो सकती है। पिछले 24 घंटों में मध्य महाराष्ट्र और दक्षिण मध्य प्रदेश में छिटपुट स्थानों पर ओलावृष्टि की सूचना मिली और मध्य प्रदेश में 50-80 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हुई।
अगले 5 दिनों तक मध्य भारत में छिटपुट से मध्यम बारिश, गरज, बिजली और 30-50 किमी/घंटे की हवाएं चलेंगी। 3 और 4 अप्रैल को पश्चिमी मध्य प्रदेश में 50-60 किमी/घंटे (70 किमी/घंटे तक के झोंके) वाली आंधी की संभावना है। मध्य प्रदेश में 2 से 4 अप्रैल तक और छत्तीसगढ़ में 4 अप्रैल को ओलावृष्टि होगी।
‘पूर्वोत्तर भारत: अरुणाचल में 10 सेमी बारिश, असम में भारी वर्षा जारी रहेगी’
पूर्वोत्तर भारत में भी IMD Weather Alert सक्रिय है। पिछले 24 घंटों में अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा (7-11 सेमी) दर्ज की गई। ईटानगर (अरुणाचल प्रदेश) में 10 सेमी और धुबरी (असम) में 9 सेमी बारिश रिकॉर्ड हुई।
असम और मेघालय में 2 से 6 अप्रैल तक, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 से 4 अप्रैल तक छिटपुट से मध्यम बारिश, गरज, बिजली और 30-50 किमी/घंटे की तेज हवाएं चलेंगी। अरुणाचल प्रदेश में 4 और 5 अप्रैल को बिजली गिरने की भी संभावना है। अरुणाचल में 6 से 8 अप्रैल तक और असम-मेघालय में 2, 5 और 6 अप्रैल को छिटपुट भारी वर्षा होगी।
‘पूर्वी भारत: बिहार-झारखंड में 70 kmph की आंधी, ओडिशा में 5 दिन बारिश’
पूर्वी भारत में 5 से 8 अप्रैल के दौरान बिहार में और 5-6 अप्रैल को झारखंड में गरज के साथ आंधी (50-60 किमी/घंटे, झोंके 70 किमी/घंटे तक) की संभावना है। ओडिशा में अगले 5 दिनों तक छिटपुट से मध्यम बारिश, गरज, बिजली और 40-50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे तक) की हवाएं चलेंगी। 5 से 7 अप्रैल तक पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी बारिश की संभावना है।
‘पश्चिमी और दक्षिणी भारत: महाराष्ट्र में ओलावृष्टि, केरल में भी बारिश’
मध्य महाराष्ट्र में 4 अप्रैल को, मराठवाड़ा में 4-5 अप्रैल को और गुजरात में 2-3 अप्रैल को बारिश, गरज और 40-60 किमी/घंटे की हवाएं चलेंगी। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 2-3 अप्रैल को 70 किमी/घंटे तक के झोंकों वाली आंधी और ओलावृष्टि की संभावना है।
दक्षिण भारत में केरल में 2-5 अप्रैल, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक में 2-6 अप्रैल, और रायलसीमा में 5-6 अप्रैल को गरज, बिजली और 30-60 किमी/घंटे की हवाओं के साथ बारिश होगी। तटीय कर्नाटक में 2-4 अप्रैल और तमिलनाडु, पुडुचेरी में 3-6 अप्रैल को बिजली गिरने की भी संभावना है।
‘तापमान: अमरावती में 40.6°C सबसे गर्म, बरेली में 16°C सबसे ठंडा’
IMD Weather Alert के अनुसार पिछले 24 घंटों में देश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 40.6°C अमरावती (महाराष्ट्र) में दर्ज किया गया। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मराठवाड़ा, विदर्भ, तेलंगाना और रायलसीमा के अधिकांश स्थानों पर दिन का तापमान 36-41°C के बीच रहा।
देश के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.0°C बरेली वेधशाला (पश्चिमी उत्तर प्रदेश) में दर्ज किया गया। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, सिक्किम, असम और मेघालय में न्यूनतम तापमान 12-18°C रहा।
तापमान पूर्वानुमान: उत्तर-पश्चिम भारत में 3 और 4 अप्रैल को अधिकतम तापमान में 3-5°C की क्रमिक गिरावट आएगी और 6 अप्रैल तक तापमान सामान्य से नीचे रहेगा। मध्य भारत में 4 अप्रैल तक 2-4°C की गिरावट होगी। महाराष्ट्र में 5 अप्रैल तक 2-4°C गिरावट और फिर 6-8 अप्रैल तक 2-4°C वृद्धि होगी।
‘मछुआरों के लिए चेतावनी: अरब सागर में 2-3 अप्रैल को न जाएं’
IMD Weather Alert में मछुआरों को भी चेतावनी दी गई है। 2 अप्रैल को उत्तरी अरब सागर के मध्य भागों में और 3 अप्रैल को उत्तरपूर्वी अरब सागर के कुछ भागों में, उत्तरी गुजरात तट के उत्तरी भागों के आसपास और दूर के क्षेत्रों में न जाएं। बंगाल की खाड़ी के लिए कोई चेतावनी नहीं है।
‘गर्म और आर्द्र मौसम: केरल और पश्चिम बंगाल-ओडिशा में उमस’
केरल और माहे के कुछ इलाकों में 2 अप्रैल को तथा गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 2 से 4 अप्रैल के दौरान गर्म और आर्द्र (उमस भरा) मौसम रहने की प्रबल संभावना है। यह स्थिति लोगों को शारीरिक रूप से परेशान कर सकती है, खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए।
‘किसानों के लिए जरूरी कृषि-मौसम परामर्श’
IMD Weather Alert में किसानों को विस्तृत कृषि-मौसम परामर्श भी दिया गया है।
ओलावृष्टि से बचाव: मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में फलों के बगीचों और सब्जियों के पौधों को क्षति से बचाने के लिए हेल नेट या हेल कैप का उपयोग करें। परिपक्व फसलों और फलों की कटाई तुरंत करें और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं।
भारी वर्षा से बचाव: अरुणाचल प्रदेश में पत्ता गोभी, मटर, सरसों और धान की कटाई करें, आलू की खुदाई करें। असम में खड़ी फसलों से अतिरिक्त वर्षा जल निकालें। मेघालय में सब्जी फसलों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें।
तेज हवाओं से बचाव: कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं या तिरपाल से ढक दें। बागवानी फसलों और फलों के नए पौधों को सहारा दें। पशुपालकों को भारी वर्षा/ओलावृष्टि के दौरान पशुओं को शेड में रखना चाहिए और चारे को सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए।
‘IMD की सुरक्षा सलाह: आंधी-तूफान में क्या करें, क्या न करें’
IMD Weather Alert में आम लोगों के लिए विस्तृत सुरक्षा सलाह भी जारी की गई है। तेज हवाओं, ओलावृष्टि और बिजली गिरने से पेड़ उखड़ सकते हैं, खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है, बिजली-संचार लाइनें टूट सकती हैं, कमजोर ढांचों और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंच सकता है, खुले स्थानों पर ओलों से लोगों और मवेशियों को चोट लग सकती है।
क्या करें: मौसम की स्थिति पर नजर रखें, घर के अंदर रहें, खिड़कियां-दरवाजे बंद रखें, सुरक्षित आश्रय लें, बिजली/इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्लग निकालें, पानी से तुरंत बाहर निकलें। क्या न करें: पेड़ों के नीचे शरण न लें, कंक्रीट के फर्श पर न लेटें, कंक्रीट की दीवारों से टेक न लगाएं, बिजली संचालन करने वाली वस्तुओं से दूर रहें, संभव हो तो यात्रा से बचें।
भारी वर्षा से निचले इलाकों और नदी तटों पर जलभराव/बाढ़, नगरपालिका सेवाओं (पानी, बिजली) में व्यवधान, यातायात प्रवाह में बड़ी रुकावट, पुरानी इमारतों के लिए खतरा और निचले जल पुलों वाली सड़कों का बंद होना संभव है।
‘दो Western Disturbance का एक साथ आना अप्रैल में असामान्य’
IMD Weather Alert ने इस सप्ताह के मौसम को लेकर जो विस्तृत चेतावनी जारी की है, उसकी गंभीरता को हल्के में नहीं लिया जा सकता। एक ही सप्ताह में दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करना अप्रैल के शुरुआती दिनों के लिए असाधारण माना जा रहा है। 10 से अधिक राज्यों में ओलावृष्टि, 70 किमी/घंटे तक के झोंकों वाली आंधी, कश्मीर में भारी बारिश और दिल्ली में 4 अप्रैल को तापमान सामान्य से 5°C तक गिरने की आशंका: यह सब मिलकर किसानों की खड़ी फसलों, बागवानी, ट्रांसपोर्ट और आम जनजीवन के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं।
खासतौर पर रबी की फसलें कटाई के चरण में हैं और ऐसे में ओलावृष्टि या तेज हवाओं से करोड़ों का नुकसान हो सकता है। IMD ने किसानों को हेल नेट लगाने, परिपक्व फसलों की तुरंत कटाई करने और कटी हुई फसल को सुरक्षित करने की सलाह दी है, जिसका पालन करना बेहद जरूरी है। आम नागरिकों को भी 3-4 अप्रैल को अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए और मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखनी चाहिए।
मुख्य बातें (Key Points)
- दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ इस सप्ताह उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेंगे, चरम तीव्रता 3, 4 और 7 अप्रैल को।
- 10+ राज्यों में ओलावृष्टि, 50-70 kmph की आंधी, कश्मीर में भारी बारिश की चेतावनी; अमरावती में 40.6°C सबसे गर्म, बरेली में 16°C सबसे ठंडा।
- दिल्ली में 4 अप्रैल सबसे खराब: 50 kmph तक हवाएं, तापमान सामान्य से 5°C तक गिरेगा; 3 अप्रैल को भी आंधी-बारिश।
- किसानों को हेल नेट लगाने, परिपक्व फसलों की तुरंत कटाई और पशुओं को शेड में रखने की IMD सलाह; मछुआरों को 2-3 अप्रैल को उत्तरी अरब सागर में न जाने की चेतावनी।












