IMD Weather Alert जारी करते हुए भारत मौसम विभाग (India Meteorological Department) ने पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में 1-5 सितंबर के बीच भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी है। खासकर झारखंड में 1 सितंबर को अत्यधिक भारी वर्षा (>20 cm) की संभावना है।
गंगीय पश्चिम बंगाल और आसपास के उत्तरी तटीय ओडिशा, झारखंड और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में सक्रिय Well Marked Low Pressure Area के प्रभाव में आज से भारी बारिश का दौर शुरू होने वाला है। देखा जाए तो यह मॉनसून का एक सक्रिय चरण है जो कई राज्यों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर सकता है।
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24 घंटे में कहां कितनी बारिश हुई?
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों (31 अगस्त सुबह 8:30 से 1 सितंबर सुबह 8:30 तक) में कई जगहों पर रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई।
अति भारी वर्षा (>20 cm):
- ओडिशा के बंगीरिपोशी में 31 सेमी बारिश – यह चौंकाने वाला आंकड़ा है
बहुत भारी वर्षा (12-20 cm):
- उत्तराखंड: हल्द्वानी (AWS) 19 cm, कालसी (AWS) 17 cm, हरिपुर 16 cm
- झारखंड: डुमरी 16 cm
- छत्तीसगढ़: बलरामपुर 15 cm
- पूर्वी उत्तर प्रदेश: कुंडा (प्रतापगढ़) 15 cm
- असम: घरमुरा 12 cm
- त्रिपुरा: कदमतला ARG 12 cm
- पूर्वी मध्य प्रदेश: रामपुर बघेलान (सतना) 12 cm
दिलचस्प बात यह है कि ओडिशा में एक ही दिन में 31 cm बारिश होना एक गंभीर स्थिति है। समझने वाली बात यह है कि 20 cm से ज्यादा बारिश को “अत्यधिक भारी वर्षा” (Extremely Heavy Rainfall) की श्रेणी में रखा जाता है, जो बाढ़, भूस्खलन और जनजीवन को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।
लो प्रेशर एरिया: मुख्य कारण
मौसम विभाग के अनुसार, गंगीय पश्चिम बंगाल और आसपास के उत्तरी तटीय ओडिशा, झारखंड और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 1 सितंबर सुबह 8:30 बजे तक Well Marked Low Pressure Area सक्रिय है।
यह सिस्टम अगले 48 घंटों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर उत्तरी ओडिशा और झारखंड से होकर आगे बढ़ने की संभावना है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि जब भी ऐसा लो प्रेशर सिस्टम किसी क्षेत्र से गुजरता है, तो वहां भारी बारिश होती है।
अन्य मौसम सिस्टम:
- मॉनसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर में है
- पूर्वी सिरा अपनी सामान्य स्थिति के निकट है
- निचले ट्रोपोस्फेरिक स्तर में एक ट्रफ गंगीय पश्चिम बंगाल से उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ है
झारखंड: रेड अलर्ट – अति भारी वर्षा
भारत मौसम विभाग ने झारखंड के लिए 1 सितंबर को रेड अलर्ट जारी किया है। राज्य में अत्यधिक भारी वर्षा (>20 cm) की संभावना है।
प्रभावित जिले: गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम
संभावित प्रभाव:
- निचले इलाकों में बाढ़ और जलजमाव
- भूस्खलन और मिट्टी धंसने का खतरा
- सड़क और रेल यातायात बाधित हो सकता है
- बिजली गिरने की आशंका
- कच्चे मकानों को नुकसान
सुझाई गई सावधानियां:
- लोगों को मौसम पर नजर रखने और खराब होने पर सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह
- पेड़ों के नीचे शरण न लें, बिजली गिरने का खतरा
- पानी के स्रोतों और बिजली ले जाने वाली वस्तुओं से दूर रहें
ओडिशा, बिहार, यूपी में भारी बारिश जारी
1 सितंबर को ओडिशा, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और गंगीय पश्चिम बंगाल में भी भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है।
ओडिशा:
- 1 सितंबर को बहुत भारी वर्षा
- 2 सितंबर को भारी वर्षा
- तूफानी हवाओं (40-50 kmph से 60 kmph तक) की संभावना
- प्रभावित जिले: मयूरभंज और बालासोर
बिहार:
- 1 सितंबर को बहुत भारी वर्षा
- 2-4 सितंबर तक भारी बारिश जारी रह सकती है
- तड़ित-झंझा और तेज हवाओं की चेतावनी
- प्रभावित जिले: भाभुआ, रोहतास, औरंगाबाद, गया और नवादा
पूर्वी उत्तर प्रदेश:
- 1 सितंबर को बहुत भारी वर्षा
- प्रभावित जिले: सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, गाजीपुर, वाराणसी, प्रयागराज, जौनपुर, भदोही, चित्रकूट और कौशाम्बी
सवाल उठता है कि क्या इन राज्यों की सरकारें तैयार हैं? पिछले कुछ सालों में हर साल मॉनसून में बाढ़ की समस्या गंभीर हो रही है। राहत और बचाव कार्यों के लिए NDRF और SDRF टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ भी प्रभावित
पूर्वी मध्य प्रदेश में 1-4 सितंबर तक और पश्चिम मध्य प्रदेश में 3-5 सितंबर तक भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है।
छत्तीसगढ़ में 1-2 सितंबर को बहुत भारी वर्षा का अनुमान है। प्रभावित जिले: बलरामपुर, सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर, कोरबा, मुंगेली, गौरेला पेंड्रा मारवाही और कबीरधाम
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि मध्य भारत में लगातार भारी बारिश से नदियों में बाढ़ आ सकती है। नर्मदा, ताप्ती, महानदी जैसी नदियों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।
दिल्ली-NCR का मौसम: बारिश का दौर जारी
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और NCR में भी बारिश का दौर जारी रहेगा।
1 सितंबर: आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर से शाम के बीच हल्की से मध्यम बारिश के साथ तड़ित-झंझा की संभावना। अधिकतम तापमान 34-36°C, हवा की गति 22 kmph तक।
2 सितंबर: सामान्यतः बादल छाए रहेंगे। सुबह से दोपहर तक हल्की से मध्यम बारिश, कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है। अधिकतम तापमान 32-34°C, न्यूनतम 23-25°C।
3-4 सितंबर: बादल छाए रहेंगे, हल्की बारिश की संभावना। तापमान सामान्य से थोड़ा कम रहेगा।
दिलचस्प बात यह है कि दिल्ली में सितंबर के पहले हफ्ते में बारिश मॉनसून के वापस लौटने से पहले का आखिरी सक्रिय चरण हो सकता है। इसके बाद मौसम साफ होना शुरू हो जाएगा।
मछुआरों के लिए चेतावनी
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में समुद्री स्थितियां खराब रहने की संभावना है।
अरब सागर:
- सोमालिया और ओमान तटों के साथ, पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 4 सितंबर तक
- उत्तर-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 2 सितंबर तक
बंगाल की खाड़ी:
- दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और कोमोरिन क्षेत्र में 4 सितंबर तक
- अंडमान सागर में 3 सितंबर तक
- पश्चिम बंगाल, ओडिशा तटों के साथ उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 1 सितंबर को
मछुआरों को सलाह: समुद्र में न जाएं, तेज हवाएं और ऊंची लहरें जानलेवा हो सकती हैं।
Flash Flood का खतरा
मौसम विभाग ने कई वाटरशेड और पड़ोस के इलाकों में कम से मध्यम फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) का खतरा बताया है।
प्रभावित क्षेत्र:
- पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, ओडिशा, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल
- उत्तराखंड के पहाड़ी जिले
- असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर
जमीन पहले से पूरी तरह संतृप्त (saturated) होने के कारण और बारिश के कारण निचले इलाकों में सतही अपवाह/जलजमाव हो सकता है।
समझने वाली बात यह है कि Flash Flood बहुत खतरनाक होते हैं क्योंकि ये अचानक आते हैं। लोगों को समय नहीं मिल पाता। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का भी खतरा बढ़ जाता है।
किसानों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने Agromet Advisory भी जारी की है:
झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल:
- धान, मक्का, दलहन, कपास के खेतों में निरंतर और प्रभावी जल निकासी बनाए रखें
- नर्सरी बेड और सब्जियों को भारी बारिश से बचाएं
- निचले क्षेत्रों से अतिरिक्त पानी निकालें
- कटी हुई फसल को सुरक्षित और सूखी जगह पर रखें
बिहार, उत्तर प्रदेश:
- धान, मक्का, तिल, अरहर के खेतों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें
- लंबे समय तक जलजमाव से बचें
- अत्यधिक गीले खेतों में खेती कार्य, उर्वरक और पौध संरक्षण को स्थगित करें
छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश:
- सोयाबीन, कपास, मक्का, गन्ना के खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी करें
- गीली परिस्थितियों में सब्जी रोपण से बचें
- गन्ने में लॉजिंग को कम करने के लिए सहारा दें
यह सलाह किसानों के लिए बेहद जरूरी है क्योंकि लगातार बारिश से फसलों को नुकसान हो सकता है।
राज्यवार बारिश का अनुमान (1-5 सितंबर):
| राज्य | 1 सितंबर | 2-3 सितंबर | 4-5 सितंबर | विशेष चेतावनी |
|---|---|---|---|---|
| झारखंड | अति भारी वर्षा (>20cm) | भारी वर्षा | छिटपुट बारिश | रेड अलर्ट |
| ओडिशा | बहुत भारी वर्षा | भारी वर्षा | मध्यम बारिश | ऑरेंज अलर्ट |
| बिहार | बहुत भारी वर्षा | भारी वर्षा | भारी वर्षा | ऑरेंज अलर्ट |
| पूर्वी यूपी | बहुत भारी वर्षा | भारी वर्षा | छिटपुट बारिश | ऑरेंज अलर्ट |
| छत्तीसगढ़ | बहुत भारी वर्षा | बहुत भारी वर्षा | छिटपुट बारिश | ऑरेंज अलर्ट |
| पूर्वी एमपी | बहुत भारी वर्षा | बहुत भारी वर्षा | भारी वर्षा | ऑरेंज अलर्ट |
| पश्चिम एमपी | मध्यम बारिश | भारी वर्षा | बहुत भारी वर्षा | येलो अलर्ट |
| उत्तराखंड | भारी वर्षा | भारी वर्षा | भारी वर्षा | येलो अलर्ट |
मुख्य बातें (Key Points):
• झारखंड में रेड अलर्ट – 1 सितंबर को अति भारी वर्षा (>20 cm) की चेतावनी, 10 जिलों में Flash Flood का खतरा
• ओडिशा में रिकॉर्ड बारिश – बंगीरिपोशी में 24 घंटे में 31 cm वर्षा दर्ज, पिछले कुछ सालों का सबसे भारी वर्षा
• गंगीय पश्चिम बंगाल में Well Marked Low Pressure – अगले 48 घंटे में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा
• 10+ राज्यों में बाढ़ का खतरा – बिहार, यूपी, एमपी, छत्तीसगढ़, असम, मेघालय में भारी से बहुत भारी वर्षा
• मछुआरों को चेतावनी – बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में समुद्र में न जाएं










