IMD Weather Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 21 मार्च 2026 को जारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में देश के कई राज्यों के लिए गंभीर मौसम चेतावनी जारी की है। पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, बिहार और पूर्वोत्तर भारत में 24 मार्च तक छिटपुट गरज-चमक, बिजली कड़कने और 50 से 80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। 21 मार्च को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ जगहों पर “बहुत भारी बारिश” और बिहार में “भारी बारिश” होने की प्रबल संभावना जताई गई है। साथ ही पश्चिम बंगाल में ओले गिरने का भी अलर्ट दिया गया है।

पिछले 24 घंटों में क्या रहे हालात: भारी बारिश, ओलावृष्टि और 80 kmph की तूफानी हवाएं
IMD Weather Alert के मुताबिक 21 मार्च 2026 को सुबह 8:30 बजे (IST) तक पिछले 24 घंटों में मौसम ने कई राज्यों में कहर बरपाया है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम, ओडिशा, बिहार, सौराष्ट्र और कच्छ तथा उत्तराखंड के कुछ इलाकों में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश दर्ज की गई है।
मेघालय, त्रिपुरा, गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल, ओडिशा, पंजाब, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई है। इसके अलावा मेघालय, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, छत्तीसगढ़, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में 50 से 80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार वाली तेज और झोंकेदार हवाओं के साथ आंधी-तूफान आया।
अरुणाचल प्रदेश, असम, इंफाल, जम्मू-कश्मीर, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कुछ इलाकों में भी 30 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार वाली हवाएं चलीं।
कहां कितनी बारिश हुई: झलोंग में 11 सेमी, ओडिशा में 10 सेमी
IMD के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा बारिश निम्नलिखित स्थानों पर दर्ज की गई:
- उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: झलोंग में 11 सेमी, कलिम्पोंग में 9 सेमी, मालदा में 7 सेमी
- बिहार: मोहिउद्दीननगर, कोदावांपुर, छौराही, विभूतिपुर, कोरहा, चेरिया: सभी में 7 सेमी
- उत्तराखंड: कीर्तिनगर में 7 सेमी
- गांगेय पश्चिम बंगाल: बर्दवान में 9 सेमी, सागर द्वीप में 7 सेमी
- ओडिशा: लाइकेरा और किरमिरा में 10 सेमी, जामदा और राजगांगपुर में 7 सेमी
- सौराष्ट्र और कच्छ: गिर गधादा में 7 सेमी
ये आंकड़े बताते हैं कि बारिश का प्रकोप कितना व्यापक और भारी रहा। किसानों की खड़ी फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है।
तूफानी हवाओं का रिकॉर्ड: बांदा में 74 kmph, बिहार के अर्राबारी में 70 kmph
पिछले 24 घंटों में देश के विभिन्न हिस्सों में खतरनाक तेज हवाएं दर्ज की गईं। सबसे ज्यादा हवा की रफ्तार इन जगहों पर रही:
- पूर्वी उत्तर प्रदेश: बांदा में 74 kmph, फुरसतगंज में 70 kmph
- बिहार: अर्राबारी में 70 kmph, राजगीर में 67 kmph, पूसा में 54 kmph, पटना IIT में 46 kmph
- छत्तीसगढ़: सूरजपुर में 70 kmph, कोरिया में 39 kmph
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश: गाजियाबाद में 63 kmph
- पूर्वी मध्य प्रदेश: कटनी में 67 kmph, जबलपुर में 56 kmph
- झारखंड: सिमडेगा में 57 kmph, बरही में 48 kmph
- असम और मेघालय: मासिनराम में 61 kmph
- उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल: अम्फू-पुंडीबारी में 56 kmph
- ओडिशा: नाइट राउरकेला में 48 kmph, मयूरभंज में 46 kmph
- हिमाचल प्रदेश: नेरी में 54 kmph
- उत्तराखंड: मुक्तेश्वर में 52 kmph
- पंजाब: होशियारपुर में 50 kmph
इतनी तेज हवाओं से पेड़ उखड़ने, बिजली-टेलीफोन के खंभे गिरने, कच्चे मकानों और झोपड़ियों को नुकसान होने और खड़ी फसलों के तबाह होने की आशंका है।
तापमान की स्थिति: खरगोन में सबसे गर्म 37.6°C, पंजाब में सबसे ठंडा 9.9°C
IMD Weather Alert में तापमान को लेकर भी अहम जानकारी दी गई है। विदर्भ, केरल, पश्चिमी मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और रायलसीमा के कई इलाकों में अधिकतम तापमान 35°C से 37°C की सीमा में रहा। देश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 37.6°C खरगोन (पश्चिमी मध्य प्रदेश) और पुनालुर (केरल) में दर्ज किया गया।
वहीं उत्तर-पश्चिमी भारत के मैदानी इलाकों के कई हिस्सों में यह 30°C से कम रहा। भारत के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 9.9°C बल्लोवाल सौंखड़ी (पंजाब) में दर्ज किया गया।
उत्तराखंड के अधिकांश स्थानों पर तापमान सामान्य से काफी कम (-5.1°C या उससे कम) रहा, जबकि मराठवाड़ा के कई स्थानों पर भी यह सामान्य से काफी कम (-3.1°C से -5.0°C) रहा।
आगे का पूर्वानुमान: उत्तर भारत में 24 मार्च तक ठंडक, फिर गर्मी लौटेगी
IMD के मुताबिक उत्तरी भारत के कई हिस्सों में 24 मार्च तक अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है। इसके बाद अगले 3 दिनों में तापमान सामान्य हो जाएगा। इस सप्ताह दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में तापमान सामान्य के करीब रहने की संभावना है।
अधिकतम तापमान पूर्वानुमान:
- उत्तर-पश्चिम भारत: अगले 5 दिनों में 6-8°C की क्रमिक वृद्धि
- मध्य भारत: अगले 5 दिनों में 3-5°C की क्रमिक वृद्धि
- पूर्वी भारत: अगले 24 घंटों में 2-4°C की गिरावट, फिर 5 दिनों में 2-3°C की वृद्धि
- गुजरात: अगले 3 दिनों में 3-5°C की क्रमिक वृद्धि
- महाराष्ट्र: अगले 2 दिनों में 2-4°C की क्रमिक वृद्धि
यानी आने वाले दिनों में उत्तर और मध्य भारत में गर्मी धीरे-धीरे लौटेगी।
राज्यवार मौसम चेतावनी: कहां क्या होगा, जानें पूरी डिटेल
उत्तर-पश्चिमी भारत:
- 23 मार्च को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ जगहों पर हल्की बारिश/बर्फबारी के साथ गरज, बिजली और 30-50 kmph की तेज हवाएं चलने की संभावना है।
- 24-27 मार्च के दौरान हिमाचल-उत्तराखंड में बारिश/बर्फबारी का एक और दौर आने की संभावना है।
- 21 मार्च को पूर्वी उत्तर प्रदेश में और 21-22 मार्च को पश्चिमी राजस्थान में गरज, बिजली और 30-40 kmph की हवाएं चलने की संभावना है।
उत्तर-पूर्वी भारत:
- 22 मार्च को असम-मेघालय में और 21-22 मार्च को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज, बिजली और 30-50 kmph की हवाएं चलने की संभावना।
- अगले 5 दिनों तक पूरे उत्तर-पूर्वी भारत में गरज और बिजली चमकने की संभावना बनी रहेगी।
- 27 मार्च को असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और 24 व 27 मार्च को अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है।
पूर्वी भारत:
- 21 मार्च को बिहार में भारी बारिश की प्रबल संभावना और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
- 21 मार्च को ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम के कुछ स्थानों पर 50-60 kmph (झोंकों में 70 kmph तक) की तेज आंधी चलने की संभावना है।
- 21 मार्च को गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में ओलावृष्टि होने की संभावना है।
मध्य भारत:
- विदर्भ में 24 मार्च को गरज, बिजली और 40-60 kmph की तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना।
- छत्तीसगढ़ में 21 मार्च को गरज, बिजली और 30-40 kmph की हवाएं।
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत:
- तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 21, 23 और 24 मार्च को गरज, बिजली और 30-50 kmph की हवाओं के साथ बारिश की संभावना।
- रायलसीमा, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 21 मार्च को बारिश की संभावना।
पश्चिम भारत:
- मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 21, 23 और 24 मार्च को गरज, बिजली और 30-50 kmph की हवाओं के साथ बारिश।
गर्म और उमस भरे मौसम की चेतावनी: केरल, गोवा और कर्नाटक में प्रकोप
IMD ने दक्षिण और पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरे मौसम की भी चेतावनी दी है:
- केरल और माहे के कुछ इलाकों में 21-23 मार्च के दौरान
- कोंकण और गोवा में 23 और 24 मार्च को
- तटीय कर्नाटक में 21 और 22 मार्च को
गर्म और उमस भरे मौसम की प्रबल संभावना है। इसका सीधा असर आम लोगों, खासकर बुजुर्गों और बच्चों पर पड़ सकता है। लोगों को सलाह है कि वे धूप में बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त पानी पीते रहें।
दिल्ली/NCR का हाल: तापमान 5°C गिरा, 23 मार्च को बूंदाबांदी की संभावना
दिल्ली/NCR में पिछले 24 घंटों में मौसम में बड़ा बदलाव देखा गया। अधिकतम तापमान में 4-5°C और न्यूनतम तापमान में 2-3°C की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 21-22°C की सीमा में रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 12-14°C के बीच रहा। दिल्ली के अधिकांश स्थानों पर बादल छाए रहे और हल्की से बहुत हल्की बारिश भी देखी गई।
दिल्ली के लिए अगले 4 दिनों का पूर्वानुमान:
- 21 मार्च: आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा। 20-30 kmph की तेज हवाएं चलेंगी। अधिकतम तापमान 26-28°C रहेगा।
- 22 मार्च: अधिकतम तापमान 29-31°C और न्यूनतम 13-15°C। रात होते-होते बादल घिरेंगे।
- 23 मार्च: आसमान बादलों से घिरा रहेगा। सुबह से दोपहर के बीच गरज/बिजली के साथ बहुत हल्की बारिश/बूंदाबांदी होने की संभावना। अधिकतम 30-32°C, न्यूनतम 15-17°C।
- 24 मार्च: आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा। अधिकतम 30-32°C, न्यूनतम 15-17°C।
दिल्लीवासियों के लिए राहत की बात यह है कि अगले कुछ दिनों में गर्मी धीरे-धीरे लौटेगी, लेकिन 23 मार्च को बारिश की संभावना के कारण मौसम सुहावना रह सकता है।
मौसम प्रणालियां: पश्चिमी विक्षोभ और जेट स्ट्रीम सक्रिय
IMD Weather Alert के मुताबिक इस बदले मौसम के पीछे कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं। एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी हरियाणा से उत्तरी छत्तीसगढ़ तक, उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश से होते हुए, समुद्र तल से 3.1 और 12.6 किमी की ऊंचाई के बीच एक ट्रफ (गर्त) के रूप में दिखाई दे रहा है।
पूर्वी भारत के ऊपर समुद्र तल से 12.6 किमी की ऊंचाई पर लगभग 70 नॉट्स की गति वाली मुख्य हवाओं के साथ एक उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम सक्रिय है। इसके अलावा दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, पूर्वी बांग्लादेश और दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के क्षेत्रों पर ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं।
एक नया और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ 26 मार्च 2026 से उत्तर-पश्चिमी भारत को प्रभावित कर सकता है, जिसका मतलब है कि मार्च के अंत में एक और मौसमी बदलाव देखने को मिल सकता है।
मछुआरों के लिए बड़ी चेतावनी: बंगाल की खाड़ी में न जाएं
IMD ने मछुआरों को 21 मार्च से 26 मार्च 2026 के दौरान बंगाल की खाड़ी में न जाने की सलाह दी है। 21 मार्च को उत्तरी ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटों तथा उनसे सटे समुद्री क्षेत्रों के पास और दूर मछुआरों को नहीं जाना चाहिए। हालांकि अरब सागर के लिए कोई चेतावनी नहीं है।
तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों और मछुआरों के लिए यह चेतावनी बेहद गंभीर है। तेज हवाओं और उग्र समुद्र की स्थिति में समुद्र में जाना जानलेवा हो सकता है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह: फसलों की सुरक्षा के लिए तुरंत करें ये उपाय
IMD ने किसानों के लिए भी कृषि-मौसम संबंधी जरूरी परामर्श जारी किया है:
ओलावृष्टि से बचाव:
- उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में फलों के बगीचों और सब्जियों के पौधों को नुकसान से बचाने के लिए हेल नेट या हेल कैप का उपयोग करें।
भारी वर्षा से बचाव:
- हिमाचल प्रदेश में गेहूं और सब्जियों की फसल में जल संचय से बचने के लिए उचित जल निकासी सुनिश्चित करें।
- उत्तराखंड में गेहूं, जौ, सरसों, मसूर की फसलों में उचित जल निकासी करें। पकी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें।
- उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में खड़ी फसलों के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालें। कद्दूवर्गीय पौधों और नर्सरी को पॉलीथीन शीट या एग्रो-नेट से ढक दें।
तूफानी हवाओं से बचाव:
- बागवानी फसलों, सब्जियों और फलों के नए पौधों को तेज हवाओं से गिरने से बचाने के लिए सहारा दें।
- कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं या खेतों में तिरपाल से ढक दें।
पशुपालन:
- भारी वर्षा/ओलावृष्टि के दौरान पशुओं को शेड के अंदर रखें और संतुलित आहार दें। चारे और पशु आहार को खराब होने से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर रखें।
आम लोगों के लिए IMD की सलाह: घर में रहें, यात्रा से बचें
IMD ने आम नागरिकों के लिए भी गंभीर सलाह जारी की है:
- मौसम की स्थिति पर नजर रखें और आवश्यकतानुसार सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें।
- घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें और संभव हो तो यात्रा करने से बचें।
- सुरक्षित आश्रय लें, पेड़ों के नीचे शरण न लें।
- कंक्रीट के फर्श पर न लेटें और न ही कंक्रीट की दीवारों से टेक लगाकर खड़े हों।
- बिजली/इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्लग निकाल दें।
- तुरंत पानी से बाहर निकल जाएं।
- बिजली का संचालन करने वाली सभी वस्तुओं से दूर रहें।
भारी बारिश के कारण निचले इलाकों और नदी तटों पर जलभराव/बाढ़ हो सकती है। नगरपालिका सेवाओं (पानी, बिजली) में स्थानीय व्यवधान, यातायात में बाधा और पुरानी इमारतों-पेड़ों के गिरने का खतरा है। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को अपनी आवाजाही सीमित करने की सलाह दी जाती है।
मार्च के अंत तक बना रहेगा बेमौसम बारिश का सिलसिला
पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और जेट स्ट्रीम का प्रभाव देखते हुए यह साफ है कि मार्च 2026 का अंत मौसम के लिहाज से बेहद अनिश्चित रहने वाला है। एक तरफ उत्तर और पूर्वी भारत में बेमौसम भारी बारिश, ओले और तूफानी हवाओं का कहर जारी है, तो दूसरी तरफ दक्षिण भारत में गर्मी और उमस का प्रकोप बढ़ रहा है। 26 मार्च से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के आने की संभावना है, जिससे उत्तर-पश्चिमी भारत में बारिश और बर्फबारी का एक और दौर आ सकता है। आम लोगों, किसानों और मछुआरों को IMD की चेतावनियों को गंभीरता से लेना चाहिए और सभी एहतियाती कदम उठाने चाहिए।
मुख्य बातें (Key Points)
- 21 मार्च को बिहार में भारी बारिश और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम मेंबहुत भारी बारिश की प्रबल संभावना। पश्चिम बंगाल में ओले गिरने और 50-70 kmph तक की तेज आंधी का अलर्ट। पिछले 24 घंटों में कई राज्यों में 7-11 सेमी बारिश और 80 kmph तक की हवाएं दर्ज।
- देश का सबसे अधिक तापमान 37.6°C खरगोन (MP) और पुनालुर (केरल) में रहा, सबसे कम 9.9°C पंजाब के बल्लोवाल सौंखड़ी में। दिल्ली में तापमान 4-5°C गिरा, 23 मार्च को बूंदाबांदी की संभावना।
- केरल, गोवा और तटीय कर्नाटक में गर्म और उमस भरे मौसम की चेतावनी। उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 5 दिनों में 6-8°C तापमान बढ़ने की संभावना। 26 मार्च से नए पश्चिमी विक्षोभ का असर।
- मछुआरों को 21-26 मार्च तक बंगाल की खाड़ी में न जाने की चेतावनी। किसानों को ओलावृष्टि-बारिश से फसल बचाने के लिए हेल नेट लगाने और जल निकासी की सलाह। लोगों से घर में रहने और यात्रा से बचने की अपील।








