IMD Weather Alert को लेकर बड़ी खबर आई है। भारतीय मौसम विभाग (India Meteorological Department) ने देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, तूफान और तापमान में बढ़ोतरी की चेतावनी जारी की है। 12 अप्रैल 2026 को दोपहर 2 बजे जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सिक्किम में आज भारी बारिश के साथ बिजली और आंधी की संभावना है। वहीं अरुणाचल प्रदेश में 14, 15 और 18 अप्रैल को तथा असम और मेघालय में 17 और 18 अप्रैल को भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में अगले 4-5 दिनों में अधिकतम तापमान में 3-6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है। परिणामस्वरूप 2 दिनों बाद इन क्षेत्रों में तापमान सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है।

पिछले 24 घंटों में सिक्किम में बहुत भारी बारिश
पिछले 24 घंटों में यानी 11 अप्रैल की सुबह 8:30 बजे से 12 अप्रैल की सुबह 8:30 बजे तक सिक्किम के अलग-अलग इलाकों में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। मानगन पीटीओ में 12 सेंटीमीटर बारिश हुई जो काफी चिंताजनक है। वहीं हरियाणा के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की घटना भी सामने आई है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम मध्य प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, अरुणाचल प्रदेश तथा असम और मेघालय के अलग-अलग स्थानों पर 30-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज आंधी के साथ अस्थायी तूफान आया। पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं।
तापमान की स्थिति: अकोला में 42 डिग्री, अमृतसर में 13 डिग्री
पिछले 24 घंटों में अधिकतम या दिन का तापमान देश के अधिकांश हिस्सों में 34 डिग्री सेल्सियस से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, सिवाय पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों तथा पूर्वोत्तर भारत के। सबसे अधिक अधिकतम तापमान महाराष्ट्र के अकोला में 42.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के अलग-अलग स्थानों पर सामान्य से काफी ऊपर (5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक) रहा। वहीं न्यूनतम या रात का तापमान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड में 13-19 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। देश के मैदानी इलाकों में आज सबसे कम न्यूनतम तापमान पंजाब के अमृतसर में 13.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पूर्वोत्तर भारत: असम-मेघालय में व्यापक बारिश की संभावना
मौसम प्रणालियों के प्रभाव में पूर्वोत्तर भारत में महत्वपूर्ण मौसमी गतिविधियां होने की उम्मीद है। असम और मेघालय में 12-15 अप्रैल के दौरान तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 12-14 अप्रैल के दौरान हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज, बिजली और 30-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 13-16 अप्रैल के दौरान बिजली के साथ बारिश हो सकती है। भारी बारिश अरुणाचल प्रदेश में 14, 15 और 18 अप्रैल को तथा असम और मेघालय में 17 और 18 अप्रैल को हो सकती है। यह चेतावनी विशेष रूप से पहाड़ी और शहरी क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है जहां जलभराव और भूस्खलन का खतरा रहता है।
उत्तर-पश्चिम भारत: जम्मू-कश्मीर में हल्की बारिश, तेज हवाओं का अलर्ट
उत्तर-पश्चिम भारत में जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में 12 अप्रैल को और 14-18 अप्रैल के दौरान गरज और बिजली के साथ हल्की बारिश की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 17 और 18 अप्रैल को हल्की बारिश हो सकती है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 12-14 अप्रैल के दौरान 20-30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली और 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की झोंकों वाली तेज हवाएं चल सकती हैं। 15 अप्रैल 2026 से एक नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों को सुरक्षित रखें और तेज हवाओं से होने वाले नुकसान से बचें।
पूर्वी भारत: सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश
पूर्वी भारत में सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 12 अप्रैल को हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज, बिजली और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं की संभावना है। सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 12 अप्रैल को भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि इससे शहरी इलाकों में सड़कों पर जलभराव, निचले इलाकों में बाढ़ और अंडरपास बंद हो सकते हैं। भारी बारिश के कारण दृश्यता में कमी आ सकती है। बड़े शहरों में यातायात में रुकावट आ सकती है जिससे यात्रा का समय बढ़ सकता है। कच्ची सड़कों को मामूली नुकसान हो सकता है और कमजोर संरचनाओं को नुकसान की संभावना है। स्थानीय भूस्खलन, मिट्टी का खिसकना हो सकता है।
दक्षिण भारत: कर्नाटक और केरल में बारिश का अनुमान
दक्षिण भारत में आंतरिक कर्नाटक में 15 और 16 अप्रैल को हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज, बिजली और 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं की संभावना है। केरल और माहे में 12 और 13 अप्रैल को बिजली के साथ बारिश हो सकती है। तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 12-16 अप्रैल के दौरान बिजली के साथ बारिश की संभावना है। देश के शेष हिस्सों में कोई महत्वपूर्ण मौसमी गतिविधि नहीं होने की उम्मीद है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फलों के बागों और सब्जी के पौधों की देखभाल करें और जरूरत के अनुसार हल्की सिंचाई करें।
तापमान में बड़ी बढ़ोतरी: उत्तर-पश्चिम में 4-6 डिग्री की वृद्धि
अगले कुछ दिनों में तापमान में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेगा। उत्तर-पश्चिम भारत में 12-18 अप्रैल के दौरान अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 4-6 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है। मध्य प्रदेश में 3-5 डिग्री सेल्सियस, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 15 अप्रैल तक 2-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होगी और 16-18 अप्रैल के दौरान कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होगा। पूर्वी भारत में 16 अप्रैल तक अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 3-5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है और 17 और 18 अप्रैल को कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होगा। गुजरात राज्य में 13 अप्रैल तक 2-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होगी और 14-18 अप्रैल के दौरान कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होगा। महाराष्ट्र में 15 अप्रैल तक 2-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होगी और 16-18 अप्रैल के दौरान कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होगा।
लू की चेतावनी: ओडिशा, मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ प्रभावित
मौसम विभाग ने कई राज्यों में लू की स्थिति बनने की चेतावनी दी है। सौराष्ट्र और कच्छ में 12 और 13 अप्रैल को लू की स्थिति बन सकती है। ओडिशा में 14-16 अप्रैल के दौरान लू चल सकती है। मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 16-18 अप्रैल के दौरान लू की स्थिति बन सकती है। मराठवाड़ा में 16 अप्रैल को लू चल सकती है। गर्म और उमस भरे मौसम की स्थिति अगले 7 दिनों के दौरान ओडिशा, गुजरात राज्य, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम तथा रायलसीमा में रहने की संभावना है। गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 14-18 अप्रैल के दौरान, मध्य महाराष्ट्र में 13-15 अप्रैल के दौरान और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, केरल और माहे तथा तटीय कर्नाटक में 12-14 अप्रैल के दौरान गर्म और उमस भरा मौसम रह सकता है।
दिल्ली-एनसीआर: तापमान 40 डिग्री तक पहुंचेगा
दिल्ली और एनसीआर के लिए विशेष मौसम पूर्वानुमान जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों में दिल्ली में अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में 1-2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है। अधिकतम तापमान 34-35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18-20 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। 12 अप्रैल 2026 को दिल्ली में मुख्य रूप से साफ आसमान रहेगा। दिन के समय 15-25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली और कभी-कभी 35 किलोमीटर प्रति घंटे तक की झोंकों वाली हवाएं चल सकती हैं। दिल्ली में अधिकतम तापमान 35-37 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। 13 अप्रैल को अधिकतम तापमान 36-38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18-20 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। 14 अप्रैल को अधिकतम तापमान 37-39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20-22 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। 15 अप्रैल को अधिकतम तापमान 38-40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22-24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है।
किसानों के लिए विशेष सलाह: फसलों की सुरक्षा जरूरी
भारतीय मौसम विभाग ने किसानों के लिए महत्वपूर्ण कृषि-मौसम सलाह जारी की है। ओलावृष्टि के संभावित प्रभाव के लिए सिक्किम में फलों के बागों और सब्जी के पौधों में यांत्रिक क्षति से बचाने के लिए ओला जाल या ओला कैप का उपयोग करें। परिपक्व फसलों, फलों और सब्जियों की तुरंत कटाई करें और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं। भारी बारिश के संभावित प्रभाव के लिए सिक्किम में जलभराव को रोकने के लिए प्रभावी खेत जल निकासी सुनिश्चित करें। अरुणाचल प्रदेश में पत्ता गोभी, मटर, सरसों, देर से पकने वाली धान की किस्मों और आलू की सावधानीपूर्वक कटाई करें और कटाई की गई उपज को सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं। धान, मक्का, अन्य खड़ी फसलों, सब्जियों और बागों के खेतों में उचित जल निकासी नालियां सुनिश्चित करें।
उच्च तापमान और लू के लिए कृषि सलाह
उच्च तापमान और लू के संभावित प्रभाव के लिए ओडिशा में बोरो धान, ग्रीष्मकालीन मक्का, मूंग, उड़द, मूंगफली और सब्जी के खेतों में हल्की सिंचाई प्रदान करें। आम और काजू में उचित मिट्टी की नमी बनाए रखें। छत्तीसगढ़ में गेहूं और चने की कटाई पूरी करें और सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करें। ग्रीष्मकालीन मक्का, मूंग और सब्जियों की सिंचाई करें। आम और लीची में मिट्टी की नमी बनाए रखें। तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात राज्य में गर्म और उमस भरे मौसम को देखते हुए ग्रीष्मकालीन फसलों और सब्जियों में हल्की सिंचाई करें। गरज और तेज हवाओं के संभावित प्रभाव के लिए कटाई की गई उपज को सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं या खेतों में तिरपाल से ढकें। कटाई की गई फसलों को ठीक से बांधें और तेज हवाओं के कारण विस्थापन के जोखिम को कम करने के लिए उन्हें ढकें।
पशुधन और मुर्गी पालन के लिए सलाह
पशुधन और मुर्गी पालन करने वालों के लिए भी महत्वपूर्ण सलाह दी गई है। भारी बारिश के दौरान जानवरों को शेड के अंदर रखें और उन्हें संतुलित आहार प्रदान करें। चारे और चारे को खराब होने से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर रखें। अतिरिक्त पानी निकालने के लिए तालाबों के चारों ओर उचित जाली के साथ एक आउटलेट बनाएं, जिससे ओवरफ्लो की स्थिति में मछलियों को बचने से रोका जा सके। मौसम विभाग ने किसानों और पशुपालकों से अपील की है कि वे इन सलाहों का पालन करें और अपनी फसलों, पशुधन और संपत्ति को सुरक्षित रखें। मौसम की स्थिति में बदलाव होने पर नवीनतम जानकारी के लिए मौसम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखें।
जानें पूरा मामला
भारतीय मौसम विभाग ने यह चेतावनी ऐसे समय में जारी की है जब देश के विभिन्न हिस्से अलग-अलग मौसमी परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कम हो गया है लेकिन मध्य स्तर की उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी हवाओं में गर्त अभी भी सक्रिय है। निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर उत्तर-पश्चिम बिहार से मणिपुर तक एक गर्त चल रहा है। उत्तरी मध्य प्रदेश से दक्षिण तमिलनाडु तक विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और आंतरिक कर्नाटक होते हुए एक उत्तर-दक्षिण गर्त या पवन असंततता चल रही है। उत्तरी ओडिशा और आसपास के क्षेत्र में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण स्थित है। पूर्वी हवाओं में एक गर्त केरल और कर्नाटक तटों के साथ चल रहा है। 15 अप्रैल 2026 से एक नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है। इन सभी मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग मौसमी स्थितियां बन रही हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- भारतीय मौसम विभाग ने सिक्किम में आज, अरुणाचल प्रदेश में 14, 15, 18 अप्रैल और असम-मेघालय में 17-18 अप्रैल को भारी बारिश की चेतावनी दी।
- उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में अगले 4-5 दिनों में तापमान में 3-6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी।
- लू की चेतावनी सौराष्ट्र-कच्छ (12-13), ओडिशा (14-16), मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ (16-18) और मराठवाड़ा (16 अप्रैल) के लिए।
- पिछले 24 घंटों में सिक्किम के मानगन में 12 सेमी बहुत भारी बारिश, हरियाणा में ओलावृष्टि दर्ज की गई।
- महाराष्ट्र के अकोला में सबसे अधिक 42°C और पंजाब के अमृतसर में सबसे कम 13°C तापमान रिकॉर्ड हुआ।
- दिल्ली-एनसीआर में 15 अप्रैल तक तापमान 38-40°C तक पहुंचने की संभावना, साफ आसमान और तेज हवाओं का अनुमान।
- किसानों को फसलों की सुरक्षा, हल्की सिंचाई और पशुधन की देखभाल की सलाह दी गई है।













