IMD Heavy Rainfall Alert: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 5 नवंबर 2026 को दोपहर 1:20 बजे जारी प्रेस नोट में तमिलनाडु और तटीय आंध्र प्रदेश में इस हफ्ते अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है। केरल में 5 से 8 नवंबर के बीच भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
पिछले 24 घंटों में तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या उससे ज्यादा) दर्ज हुई। तमिलनाडु में भी 7 से 11 सेमी की भारी बारिश हुई।
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पिछले 24 घंटे में कहां सबसे ज्यादा बरसा पानी
आज सुबह 8:30 बजे तक के 24 घंटों में सबसे ज्यादा बारिश तेलंगाना के भद्राद्रि कोठागुडेम जिले के अश्वारावपेटा में 34 सेमी दर्ज हुई। तटीय आंध्र प्रदेश के एलुरु में 22 सेमी और तमिलनाडु के थुडियालूर में 10 सेमी बारिश हुई।
अगर गौर करें तो अकेले अश्वारावपेटा का आंकड़ा 34 सेमी है। यह IMD की परिभाषा में अत्यंत भारी बारिश की सीमा (204.4 मिमी से ज्यादा) से काफी ऊपर है।
| स्थान | राज्य/क्षेत्र | बारिश (सेमी) |
|---|---|---|
| अश्वारावपेटा (भद्राद्रि कोठागुडेम) | तेलंगाना | 34 |
| एलुरु | तटीय आंध्र प्रदेश | 22 |
| थुडियालूर | तमिलनाडु | 10 |
मौसम तंत्र का हाल: अवदाब कमजोर, पर चक्रवाती परिसंचरण बाकी
पूर्वी तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन 4 नवंबर को कमजोर पड़कर वेल-मार्क्ड लो प्रेशर एरिया बन गया था। आज सुबह 5:30 बजे यह और कमजोर होकर कम दबाव का क्षेत्र रह गया और 8:30 बजे तक कम स्पष्ट हो गया।
राहत की बात है कि सिस्टम कमजोर हुआ है। लेकिन उससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण निचले वायुमंडलीय स्तरों में उसी क्षेत्र पर बना हुआ है। यानी बारिश का खतरा पूरी तरह टला नहीं है।
इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम उत्तराखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, और दक्षिण असम व बांग्लादेश के आसपास भी चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। 10 नवंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा।
दक्षिण भारत: 5 से 11 नवंबर तक कैसा रहेगा मौसम
दक्षिण में सबसे ज्यादा खतरा तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम पर है। यहां 5 से 11 नवंबर के बीच अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश संभव है। केरल और माहे में भारी बारिश का अनुमान 5 से 8 नवंबर तक है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 नवंबर को भारी बारिश हो सकती है।
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 7-8 नवंबर को काफी व्यापक से व्यापक बारिश का अनुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा और तमिलनाडु में 5 से 9 नवंबर के बीच बिजली, गरज और तेज हवाएं चल सकती हैं। इनकी रफ्तार 30-40 किमी प्रति घंटा रहेगी और झोंके 50 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं।
तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 5 से 9 नवंबर तक तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं।
देश के बाकी हिस्सों का पूर्वानुमान
| क्षेत्र | पूर्वानुमान |
|---|---|
| पूर्वी भारत | अंडमान-निकोबार और ओडिशा में 5-7 नवंबर को बारिश। गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड में 9-11 नवंबर। अंडमान-निकोबार में 9-11 नवंबर को भारी बारिश संभव। |
| पूर्वोत्तर भारत | अरुणाचल में 5 नवंबर और 9-11 नवंबर। असम-मेघालय में 8-11 नवंबर। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में 5-11 नवंबर। अरुणाचल में 9-10 नवंबर और बाकी राज्यों में 9-11 नवंबर को भारी बारिश संभव। |
| उत्तर-पश्चिम भारत | जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 5 और 10 नवंबर। हिमाचल में 10-11 नवंबर। उत्तराखंड में 8-9 नवंबर। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 10 नवंबर को भारी बारिश संभव। |
| पश्चिम और मध्य भारत | पूरे हफ्ते कोई खास मौसमी गतिविधि नहीं। |
दिल्ली-एनसीआर: साफ आसमान, सुबह हल्की धुंध
दिल्ली में पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान 1 डिग्री बढ़ा। अधिकतम तापमान 27 से 30 और न्यूनतम 16 से 17 डिग्री रहा। सफदरजंग हवाई अड्डे पर हल्का कोहरा दर्ज हुआ। सुबह 6:30 से 9:00 बजे के बीच दृश्यता सबसे कम 700 मीटर रही और 9:30 बजे तक सुधरकर 800 मीटर हुई।
अगले चार दिन आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। 6 से 8 नवंबर की सुबह कुछ जगहों पर हल्का कोहरा या धुंध रह सकती है।
| तारीख | अधिकतम तापमान | न्यूनतम तापमान | खास बात |
|---|---|---|---|
| 5 नवंबर | 28-30°C | जानकारी नहीं | साफ आसमान, दोपहर में हवा 18 किमी/घंटा तक |
| 6 नवंबर | 27-29°C | 15-17°C | सुबह हल्की धुंध, दोपहर में उत्तर-पश्चिमी हवा 18 किमी/घंटा |
| 7 नवंबर | 27-29°C | 15-17°C | सुबह हल्की धुंध, न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर |
| 8 नवंबर | 27-29°C | 14-16°C | सुबह हल्की धुंध, शाम को पूर्वी हवा 15 किमी/घंटा तक |
भारी बारिश से क्या असर पड़ सकता है
IMD ने संभावित असर की लंबी सूची दी है। पेड़ों की टहनियां टूट सकती हैं और केला, पपीता, सहजन जैसे छोटे पेड़ उखड़ सकते हैं। बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है। कमजोर ढांचों को आंशिक नुकसान और कच्चे घरों, झोपड़ियों और सड़कों को मामूली नुकसान हो सकता है।
सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। निचले इलाकों में जलभराव, बाढ़ और स्थानीय भूस्खलन का खतरा है। छोटे जहाज, ट्रॉलर और नावें प्रभावित हो सकती हैं और हेलिकॉप्टर सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।
आम लोगों के लिए क्या सलाह
लोगों से कहा गया है कि मौसम पर नजर रखें और हालात बिगड़ें तो सुरक्षित जगह जाने के लिए तैयार रहें। बिजली गिरने की आशंका में पेड़ के नीचे शरण न लें। बिजली के उपकरण तुरंत अनप्लग करें, पानी से बाहर निकलें और बिजली संचालित करने वाली चीजों से दूर रहें।
पर्यटन और मनोरंजन गतिविधियों को नियंत्रित रखने की सलाह दी गई है। समुद्र तट और समुद्र में गतिविधियां भी समझदारी से नियंत्रित करने को कहा गया है।
किसानों और पशुपालकों के लिए खास सलाह
यहां ध्यान देने वाली बात है कि IMD ने राज्यवार कृषि सलाह भी दी है।
| राज्य | मुख्य सलाह |
|---|---|
| तटीय आंध्र प्रदेश | धान, कपास, मक्का, गन्ना, मूंगफली जैसी फसलों के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालें। गिरे हुए धान और गन्ने के पौधों को सहारा दें। जलभराव वाले खेतों में मक्का, मूंग, उड़द, ज्वार, चना और मूंगफली की बुवाई रोक दें। |
| तमिलनाडु | धान, मक्का और कैसुरीना के खेतों में जल निकासी करें। केले के बागानों को यांत्रिक सहारा दें। गन्ने में जड़ क्षेत्र में पानी रुकने से रोकने के लिए खेत की नालियां तुरंत खोलें। |
| केरल | खड़ी फसलों में जल निकासी सही रखें। रबी धान की रोपाई तभी करें जब खेत की स्थिति ठीक हो। |
| तेलंगाना | धान, मक्का और कपास के खेतों से पानी निकालें। गिरे धान के पौधों को बांधकर सीधा रखें। जरूरत हो तो बालियों पर 5% नमक का घोल छिड़कें, ताकि पके दाने अंकुरित न हों। |
| दक्षिण आंतरिक कर्नाटक | धान, अदरक और अन्य खड़ी फसलों में जल निकासी रखें। पकी फसल जहां संभव हो तुरंत काट लें और कटी उपज सुरक्षित जगह पहुंचाएं। |
तेज हवाओं और गरज के लिए कटी उपज को सुरक्षित जगह रखने या खेत में तिरपाल से ढकने की सलाह है। पशुपालकों से कहा गया है कि भारी बारिश में पशुओं को शेड के अंदर रखें और संतुलित आहार दें। चारा सुरक्षित जगह रखें। मछली पालकों से तालाबों के चारों ओर जाली के साथ निकासी बनाने को कहा गया है, ताकि पानी उफनने पर मछलियां बाहर न जाएं।
इस चेतावनी के पीछे की बात
देखा जाए तो इस बार का पूर्वानुमान दो बातें साफ करता है। पहली, डिप्रेशन कमजोर हो गया, पर उसका असर खत्म नहीं हुआ। दूसरी, बारिश की चेतावनी सिर्फ एक दिन की नहीं, तमिलनाडु और तटीय आंध्र में 5 से 11 नवंबर तक लंबी है।
इससे साफ होता है कि खेतों में खड़ी फसल और कटाई के बाद रखी उपज सबसे ज्यादा जोखिम में है। इसीलिए IMD की सलाह में पानी की निकासी और उपज को ढकने पर इतना जोर है।
IMD ने यह भी कहा है कि जितना ज्यादा समय आगे का पूर्वानुमान हो, उसकी सटीकता उतनी घटती है। इसलिए रोज के अपडेट देखते रहना जरूरी है।
जानें पूरा मामला
पूर्वी तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश पर बना डिप्रेशन कमजोर होकर कम दबाव का क्षेत्र बन चुका है। फिर भी उसके असर और दूसरे मौसम तंत्रों की वजह से दक्षिण भारत में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। IMD ने जिलावार चेतावनी और मछुआरों के लिए चेतावनी अपनी वेबसाइट पर देखने को कहा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पिछले 24 घंटे में तेलंगाना और तटीय आंध्र में अत्यंत भारी बारिश हुई। अश्वारावपेटा में सबसे ज्यादा 34 सेमी दर्ज हुई।
- तटीय आंध्र, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5 से 11 नवंबर तक, और केरल में 5 से 8 नवंबर तक भारी बारिश संभव है।
- दिल्ली में 6 से 8 नवंबर तक आसमान साफ रहेगा और सुबह हल्की धुंध रह सकती है।
- पश्चिम और मध्य भारत में इस हफ्ते कोई खास मौसमी गतिविधि नहीं होगी। 10 नवंबर से नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा।








