नई दिल्ली 01 जुलाई (The News Air) राज्यसभा में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे के एक बयान पर हंगामा मच गया. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान खरगे ने कहा कि आरएसएस एक मनुवादी संस्था है. इसकी विचारधारा देश के लिए खतरनाक है. भारत के संस्थानों पर आरएसएस का कब्जा हो रहा है, यह देश के चिंता का विषय है. उन्होंने आगे कहा कि संघ के लोगों ने गांधी की हत्या की थी.
खरगे ने कहा कि गोडसे को उकसाकर गांधी की हत्या कराई थी. खरगे के बयान पर सभापति ने संघ का बचाव किया. सभापति ने कहा कि आरएसएस का सदस्य होना गुनाह है क्या? देश में RSS का बहुत योगदान है.
खरगे को RSS के बारे में जानकारी नहीं- नड्डा
जेपी नड्डा ने खरगे के इस बयान को रिकॉर्ड से हटाने की मांग की. नड्डा ने कहा कि खरगे का बयान गैर जिम्मेदाराना है. नड्डा ने कहा कि खरगे को RSS के बारे में जानकारी नहीं है. उनका ये बयान निंदनीय है और तथ्यों से परे है. नड्डा की मांग पर सभापति ने खरगे के बयान को रिकॉर्ड से हटाने का आदेश दे दिया. इसके बाद खरगे के बयान को रिकॉर्ड से हटा दिया गया.
राज्यसभा में और क्या बोले खरगे?
राज्यसभा में खरग ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला. राष्ट्रपति पर अभिभाषण पर चर्चा के दौरान खरगे ने कहा कि हम राष्ट्रपति का भाषण चुनावी भाषण था. उनके अभिभाषण में न तो कोई विजन था और न ही कोई दिशा. उनके अभिभाषण में दलित, अल्पसंख्यक वर्ग और पिछड़े वर्ग के लिए कुछ नहीं था. प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ का विकास किया और गरीबों का सत्यानाश किया. वो 14 देश गए लेकिन मणिपुर नहीं गए. खरगे ने कहा कि हमको घमंडी कहने वालों की घमंड टूट गया. उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता की बात करता है.
लोकतंत्र में संविधान और जनता सब पर भारी
खरगे ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सब पर भारी है. पीएम मोदी ने कहा था ‘एक अकेला सब पर भारी है’. मैं पूछना चाहता हूं कि एक अकेले पर आज कितने भारी हैं? उन्होंने कहा कि देश का संविधान और जनता सब पर भारी है. इस दौरान उन्होंने महापुरुषों की मूर्तियों को हटाने का मुद्दा उठाया. खरगे ने कहा कि महापुरुषों की मूर्तियां संसद से हटाई गईं.
उन्होंने कहा कि गांधी, बाबा साहेब, शिवाजी सब की मूर्तियां हटा दी गईं. बाबा साहेब मूर्ति लगाना रूरी है. उन्होंने सामाजिक न्याय के लिए काम किया. उन्होंने सामाजिक न्याय के लिए काम किया. बाबा साहेब की इंसल्ट न करें. उनका अपमान 50 करोड़ SC-ST का अपमान होगा.








