Haryana Bank Fraud: हरियाणा विधानसभा में सोमवार सुबह उस समय जमकर हंगामा हुआ जब विपक्ष के नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने IDFC फर्स्ट बैंक में हुए 590 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का मामला उठाया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जवाब देते हुए आश्वासन दिया कि सरकार ने जांच शुरू कर दी है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीएम नायब सिंह सैनी ने विधानसभा को बताया कि सरकार को इस मामले की जानकारी करीब चार-पांच दिन पहले लगी और उसके बाद तुरंत जांच के आदेश दे दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरा पैसा सुरक्षित है और “हर एक रुपया वापस आएगा।”
सरकार ने जांच के दिए आदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे ही विसंगतियां सामने आईं, फंड वापस लेकर राष्ट्रीयकृत बैंक में ट्रांसफर कर दिए गए, ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और विजिलेंस ब्यूरो इस मामले की जांच कर रहे हैं।
सीएम सैनी ने स्पष्ट किया, “चाहे सरकारी अधिकारी हो या बैंक कर्मचारी, किसी को नहीं बख्शा जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।” उन्होंने यह भी कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
विपक्ष ने उठाए सवाल, मांगा जवाबदेही तय करना
विपक्ष के नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि बैंक ने अपने स्तर पर कार्रवाई करते हुए नियामक अधिकारियों को आंतरिक विसंगतियों के बारे में पहले ही सूचित कर दिया था। उन्होंने सरकार से स्पष्ट करने को कहा कि इस स्थिति के लिए किसकी लापरवाही जिम्मेदार है और अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
हुड्डा ने पारदर्शिता पर जोर देते हुए मांग की कि जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदारी तय की जाए। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ बैंक का नहीं, बल्कि सरकारी खजाने से जुड़ा है और इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
बैंक पर लगी रोक, अधिकारी निलंबित
हरियाणा सरकार ने इस मामले में पहले ही बैंक पर प्रतिबंध लगाने की अधिसूचना जारी कर दी है। वहीं, बैंक अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया गया है और मामले की जांच के लिए एक बाहरी एजेंसी भी नियुक्त की गई है। उधर, इस घोटाले की खबर आने के बाद IDFC फर्स्ट बैंक के शेयर में 20% तक की गिरावट दर्ज की गई थी।
आम लोगों पर क्या होगा असर?
हालांकि सरकार ने आश्वासन दिया है कि पूरा पैसा सुरक्षित है, लेकिन यह मामला आम लोगों के बैंकिंग सिस्टम पर भरोसे को प्रभावित कर सकता है। सरकारी खातों में इतनी बड़ी राशि से जुड़ी गड़बड़ी से यह सवाल उठता है कि आखिर ऐसा कैसे हुआ और क्या अन्य बैंकों या सरकारी विभागों में भी ऐसी लापरवाही की संभावना है। सरकार की सख्त कार्रवाई और जांच से यह भरोसा जरूर बढ़ेगा कि भविष्य में ऐसा न हो।
मुख्य बातें (Key Points)
हरियाणा विधानसभा में IDFC फर्स्ट बैंक के 590 करोड़ के फ्रॉड पर हंगामा हुआ।
CM नायब सिंह सैनी ने जांच के आदेश देते हुए कहा- पूरा पैसा सुरक्षित, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई।
विपक्ष के नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने सरकार की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की।
सरकार ने बैंक पर प्रतिबंध लगा दिया है, अधिकारी निलंबित और बाहरी एजेंसी से जांच के आदेश दिए गए हैं।








