Hapur LPG Scam का एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से सामने आया है। यहां गांव टियाला में स्थित एक भारत गैस एजेंसी (महेंद्र गैस एजेंसी) पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। जांच में पता चला कि उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर डिलीवरी का मैसेज तो भेजा जा रहा था, लेकिन असल में उन्हें सिलेंडर दिया ही नहीं जा रहा था। शिकायत मिलने के बाद पूर्ति विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एजेंसी का गोदाम सील कर दिया और आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) की धारा 3/7 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
कैसे चल रहा था कालाबाजारी का पूरा खेल
हापुड़ के थाना देहात क्षेत्र के टियाला गांव में स्थित इस गैस एजेंसी के खिलाफ उपभोक्ताओं ने शिकायत की थी कि गैस बुकिंग करने के बाद उनके मोबाइल पर सिलेंडर डिलीवरी का मैसेज आ जाता था, लेकिन वास्तव में उन्हें सिलेंडर कभी मिलता ही नहीं था। कई उपभोक्ताओं ने तो यह भी आरोप लगाया कि बिना OTP के ही उनके कनेक्शन पर गैस डिलीवरी दर्ज कर दी जाती थी, जिसकी वजह से वे दोबारा गैस बुकिंग भी नहीं करा पा रहे थे। यानी सिस्टम में डिलीवरी हो गई दिख रही थी, लेकिन सिलेंडर कहीं और भेजा जा रहा था।
पूर्ति विभाग पहुंचा तो दफ्तर बंद, कोई कर्मचारी नहीं मिला
शिकायत मिलने के बाद जब पूर्ति विभाग की टीम ने जांच शुरू की तो हैरान करने वाले तथ्य सामने आए। एजेंसी का एक कार्यालय पूरी तरह बंद मिला, जबकि दूसरे कार्यालय में कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था। इसके बाद टीम सीधे गांव टियाला स्थित गैस गोदाम में पहुंची। वहां निरीक्षण में बड़ी संख्या में घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडर पाए गए। गोदाम में करीब 14 किलो के 1000 से ज्यादा खाली घरेलू सिलेंडर और कई भरे हुए सिलेंडर मिले। इसके अलावा 19 किलो के व्यावसायिक सिलेंडर भी मौजूद थे। सबसे गंभीर बात यह रही कि मौके पर स्टॉक रजिस्टर उपलब्ध नहीं मिला, जिससे अनियमितताओं की आशंका और ज्यादा मजबूत हो गई।
50 उपभोक्ताओं के बयान दर्ज, फरवरी-मार्च में हुई गड़बड़ी
जांच के दौरान पूर्ति विभाग ने करीब 50 उपभोक्ताओं के बयान दर्ज किए। इन उपभोक्ताओं ने बताया कि फरवरी और मार्च महीने में उन्हें सिलेंडर डिलीवरी का मैसेज मिला, लेकिन सिलेंडर कभी नहीं दिया गया। जब स्टॉक का वेरिफिकेशन किया गया तो इन संभावनाओं को और बल मिला कि LPG का डायवर्जन किया जा रहा था। यानी जो सिलेंडर उपभोक्ताओं को मिलने चाहिए थे, उन्हें कहीं और भेजकर अवैध मुनाफा कमाया जा रहा था। जांच के बाद पूर्ति विभाग ने एजेंसी के गोदाम को सील कर दिया और एजेंसी संचालक के खिलाफ Essential Commodities Act की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
दूसरा मामला: वसोदा गांव में निजी घर से मिले 32 अवैध सिलेंडर
Hapur LPG Scam सिर्फ एक जगह तक सीमित नहीं था। हापुड़ के ही वसोदा गांव से एक और मामला सामने आया, जहां एक निजी व्यक्ति के घर से 32 गैस सिलेंडर अवैध रूप से बरामद किए गए। ये सिलेंडर अनाधिकृत तरीके से रखे हुए पाए गए, जिससे साफ हो गया कि कालाबाजारी का जाल काफी फैला हुआ था। इस मामले में भी Essential Commodities Act की धारा 3/7 के तहत कार्रवाई की गई है और सभी सिलेंडर सुपुर्दगी में ले लिए गए हैं।
DM अभिषेक पांडे ने दिया सख्त संदेश
दोनों मामलों पर हापुड़ के जिलाधिकारी (DM) अभिषेक पांडे ने बयान जारी किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिले में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी की दो अलग-अलग घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई की गई है और दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। DM ने आम जनता को आश्वासन दिया कि जिले में LPG का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और घरेलू उपभोक्ताओं को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति या एजेंसी ओवर प्राइसिंग, ब्लैक मार्केटिंग, स्टॉकिंग या होल्डिंग करके आर्टिफिशियल शॉर्टेज पैदा करने का प्रयास करेगा, तो ऐसे तत्वों के खिलाफ प्रशासन लगातार कड़ाई से कार्रवाई करता रहेगा।
गैस वितरण व्यवस्था पर खड़े हुए गंभीर सवाल
Hapur LPG Scam ने पूरी गैस वितरण व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर कोई एजेंसी बिना OTP के डिलीवरी दर्ज कर सकती है और पोर्टल पर फर्जी एंट्री कर सकती है, तो इसका मतलब है कि सिस्टम में गंभीर खामियां मौजूद हैं। एक आम उपभोक्ता जो सिलेंडर बुक करता है, उसका पैसा भी कट जाता है और मैसेज भी आ जाता है कि डिलीवरी हो गई, लेकिन असल में सिलेंडर पहुंचता ही नहीं। ऐसे में सवाल यह है कि ऑइल कंपनियों का ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम इतनी बड़ी गड़बड़ी कैसे पकड़ नहीं पाया। यह मामला सिर्फ हापुड़ का नहीं है, बल्कि यह पूरे देश में गैस वितरण की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है।
उपभोक्ताओं से की गई अपील
जिला प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। अगर कहीं भी गैस सिलेंडर की कालाबाजारी या अनियमितताएं दिखाई दें तो तुरंत प्रशासन को सूचना दें। सप्लाई विभाग और पुलिस प्रशासन लगातार सभी गैस एजेंसियों पर सतत निगरानी रख रहा है। फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस जांच जारी है और आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि LPG का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और किसी भी तरह का पैनिक करने की जरूरत नहीं है।
मुख्य बातें (Key Points)
- हापुड़ के गांव टियाला में भारत गैस (महेंद्र गैस एजेंसी) पर LPG कालाबाजारी का खुलासा, गोदाम सील और Essential Commodities Act धारा 3/7 के तहत FIR दर्ज।
- उपभोक्ताओं को डिलीवरी का मैसेज आता था लेकिन सिलेंडर नहीं मिलता था, बिना OTP के फर्जी डिलीवरी दर्ज की जा रही थी।
- वसोदा गांव में निजी घर से 32 अवैध सिलेंडर बरामद, दोनों मामलों में FIR दर्ज।
- DM अभिषेक पांडे ने कहा कि जिले में LPG का पर्याप्त स्टॉक है, कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।








