IMD Weather Alert: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों के लिए भारी से असाधारण भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। खासकर गुजरात और महाराष्ट्र के लिए स्थिति गंभीर है। 24 जुलाई 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दक्षिण-पूर्व राजस्थान में बने लो प्रेशर एरिया के कारण गुजरात राज्य में 24 और 25 जुलाई को असाधारण भारी बारिश (≥30 सेमी) की संभावना है। वहीं मध्य महाराष्ट्र में आज यानी 24 जुलाई को अत्यधिक भारी वर्षा (≥21 सेमी) होने की आशंका है।
देखा जाए तो, पिछले 24 घंटों में यानी 23 जुलाई की सुबह 8:30 बजे से 24 जुलाई की सुबह 8:30 बजे तक गुजरात क्षेत्र में असाधारण भारी बारिश हो चुकी है। अहमदाबाद जिले के वौथा में 72 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो एक रिकॉर्ड है। कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और सौराष्ट्र-कच्छ में भी अत्यधिक भारी बारिश रिकॉर्ड हुई है।
🔍 यह भी पढ़ें- Gujarat HC: अहमदाबाद ब्लास्ट केस में 38 आतंकवादियों की फांसी बरकरार
मौसम प्रणालियां: क्यों हो रही है इतनी भारी बारिश
समझने वाली बात यह है कि इस भारी बारिश के पीछे कई मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं। लो प्रेशर एरिया अब दक्षिण-पूर्व राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में स्थित है। मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण में है। गुजरात से कर्नाटक तट तक समुद्र तल पर एक ऑफ-शोर ट्रफ चल रहा है।
इसके अलावा, गंगीय पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के उत्तरी भागों में निचले और ऊपरी ट्रोपोस्फेरिक स्तर पर एक अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन है। उत्तर-पूर्व असम और आसपास के क्षेत्रों में भी निचले ट्रोपोस्फेरिक स्तर पर चक्रवाती हवा का परिसंचरण है।
अगर गौर करें, तो ये सभी मौसम प्रणालियां मिलकर देश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश का कारण बन रही हैं। पश्चिमी विक्षोभ भी मध्य और ऊपरी ट्रोपोस्फेरिक स्तरों पर सक्रिय है।
🔍 यह भी पढ़ें- AAP Gujarat Workers Arrest पर केजरीवाल भड़के, BJP पर बड़ा आरोप
गुजरात: 72 सेमी बारिश का रिकॉर्ड, कई जिलों में रेड अलर्ट
गुजरात में स्थिति सबसे गंभीर है। पिछले 24 घंटों में अहमदाबाद जिले के वौथा में 72 सेंटीमीटर असाधारण भारी बारिश हुई है। यह एक दिन में इतनी बारिश होना चिंताजनक है क्योंकि इससे शहरी क्षेत्रों में जलभराव, यातायात बाधित होना और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं।
IMD ने गुजरात राज्य के लिए 24 और 25 जुलाई को असाधारण भारी बारिश (≥30 सेमी) का रेड अलर्ट जारी किया है। प्रभावित जिलों में दादरा एंड नगर हवेली, दमन, अहमदाबाद, आणंद, अरावली, बनासकांठा, भरूच, छोटा उदयपुर, दाहोद, डांग, गांधीनगर, खेड़ा, महीसागर, मेहसाणा, नर्मदा, नवसारी, पंचमहल, पाटन, साबरकांठा, सूरत, तापी, वडोदरा और वलसाड शामिल हैं।
| जिला | पिछले 24 घंटे में बारिश (सेमी) |
|---|---|
| वौथा (अहमदाबाद) | 72 |
| अमेत (राजसमंद, राजस्थान) | 9 |
| पचपद्रा (बाड़मेर, राजस्थान) | 9 |
| बदरवास (उज्जैन, मप्र) | 8 |
| बीना (सागर, मप्र) | 8 |
महाराष्ट्र: मध्य महाराष्ट्र में अत्यधिक भारी वर्षा का अलर्ट
महाराष्ट्र के मध्य क्षेत्रों में भी स्थिति गंभीर है। IMD ने 24 जुलाई को मध्य महाराष्ट्र में अत्यधिक भारी वर्षा (≥21 सेमी) की चेतावनी दी है। पिछले 24 घंटों में पेठ (नासिक जिला) में 29 सेंटीमीटर अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई है।
कोंकण क्षेत्र में भी भारी बारिश जारी है। जवाहर (पालघर जिला) में 25 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई है। मुंबई शहर, मुंबई उपनगर, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरि, सिंधुदुर्ग और ठाणे जिलों में मध्यम से अधिक फ्लैश फ्लड का खतरा है।
हैरान करने वाली बात यह है कि IMD ने कोंकण और गोवा के लिए 24 और 25 जुलाई को अत्यधिक भारी वर्षा (≥21 सेमी) की संभावना जताई है। मध्य महाराष्ट्र में 25-26 जुलाई को भी अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है।
अन्य राज्यों में भी भारी बारिश की चेतावनी
गुजरात और महाराष्ट्र के अलावा देश के कई अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी है:
पश्चिम बंगाल और ओडिशा: गंगीय पश्चिम बंगाल में बसीरहाट में 19 सेमी और ओडिशा में हाटादिही (केओंझर जिला) में 12 सेमी बारिश दर्ज हुई है। 24 और 26 जुलाई को गंगीय पश्चिम बंगाल में अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना है। ओडिशा में 24-28 जुलाई तक अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है।
कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में कोल्लूर (उडुपी जिला) में 15 सेमी और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अगुम्बे (शिवमोग्गा जिला) में 13 सेमी बारिश दर्ज हुई है। 24 जुलाई को तटीय कर्नाटक में अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना है।
उत्तर भारत: जम्मू-कश्मीर में उधमपुर में 10 सेमी, हिमाचल प्रदेश में जोत में 8 सेमी और उत्तराखंड में डांगोली में 7 सेमी बारिश दर्ज हुई है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 27-29 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है।
संभावित प्रभाव: क्या हो सकता है खतरा
IMD ने असाधारण और अत्यधिक भारी वर्षा के संभावित प्रभावों की चेतावनी दी है:
शहरी क्षेत्रों में: सड़कों पर स्थानीय बाढ़, निचले इलाकों में जलभराव और अंडरपासों का बंद होना संभव है। भारी बारिश के कारण कभी-कभी दृश्यता में कमी हो सकती है। बड़े शहरों में जलभराव के कारण यातायात बाधित होगा और यात्रा समय बढ़ जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में: कच्ची सड़कों को मामूली नुकसान हो सकता है। कमजोर संरचनाओं को क्षति की संभावना है। स्थानीय भूस्खलन, कीचड़ प्रवाह और भूमि धंसने की घटनाएं हो सकती हैं।
कृषि पर असर: जलमग्नता के कारण कुछ क्षेत्रों में बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है। कुछ नदी घाटियों में नदी में बाढ़ आ सकती है।
चिंता का विषय यह है कि ऐसी परिस्थितियों में जान-माल का नुकसान हो सकता है। इसलिए IMD ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और सुरक्षा उपायों का पालन करें।
सुझाए गए उपाय: क्या करें, क्या न करें
यात्रा करने से पहले: अपने गंतव्य के लिए निकलने से पहले अपने मार्ग पर यातायात भीड़ की जांच करें। इस संबंध में जारी किसी भी यातायात सलाह का पालन करें। उन क्षेत्रों में जाने से बचें जो अक्सर जल भराव की समस्या का सामना करते हैं।
घर और संपत्ति: कमजोर संरचनाओं में रहने से बचें। अपने घर के आसपास ड्रेनेज सिस्टम की जांच करें और सुनिश्चित करें कि वे साफ हैं।
कृषि उपाय: असम में धान की नर्सरी, जूट, गन्ना, सोयाबीन, अरहर, तिल और सब्जी के खेतों में लगातार जल निकासी बनाए रखें। केले, सब्जियों और अन्य कमजोर फसलों को तेज हवाओं से बचाने के लिए सहारा दें।
पशुधन देखभाल: भारी बारिश के दौरान जानवरों को शेड के अंदर रखें और उन्हें संतुलित आहार प्रदान करें। चारे और भोजन को खराब होने से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर रखें।
मत्स्य पालकों के लिए चेतावनी: समुद्र में न जाएं
IMD ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे निम्नलिखित क्षेत्रों में न जाएं:
अरब सागर: सोमालिया और ओमान तट के साथ-साथ मध्य अरब सागर के अधिकांश भागों और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 24-29 जुलाई तक। उत्तरी अरब सागर के अधिकांश हिस्सों में 24-26 जुलाई तक और कुछ हिस्सों में 26-29 जुलाई तक। 24 जुलाई को गुजरात और महाराष्ट्र तटों के साथ-साथ और 25 जुलाई को गुजरात और उत्तरी महाराष्ट्र तटों पर।
बंगाल की खाड़ी: उत्तरी ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश तटों के साथ-साथ और उत्तरी बंगाल की खाड़ी में 24-28 जुलाई तक। अंडमान सागर में 26-29 जुलाई तक। मन्नार की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 27-29 जुलाई तक।
दिलचस्प बात यह है कि समुद्र में लहरें 2.5 से 14 मीटर तक ऊंची हो सकती हैं और हवा की गति 117 किमी प्रति घंटे से अधिक हो सकती है। ऐसे में मछुआरों के लिए समुद्र में जाना बेहद खतरनाक है।
दिल्ली-NCR में मौसम का हाल
दिल्ली-NCR में पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 1°C की वृद्धि हुई है। अधिकतम तापमान 33-35°C और न्यूनतम तापमान 23-27°C के बीच रहा है। दिल्ली के कई हिस्सों में हल्की बारिश हुई है।
24 जुलाई को आम तौर पर बादल छाए रहेंगे। दोपहर से शाम के दौरान हल्की बारिश के एक या दो स्पेल की संभावना है। हवा की गति 20-30 किमी प्रति घंटे रह सकती है। अधिकतम तापमान 34-36°C के बीच रहेगा।
फ्लैश फ्लड का खतरा: कौन से इलाके सावधान रहें
IMD के फ्लैश फ्लड गाइडेंस के अनुसार, अगले 24 घंटों में निम्नलिखित क्षेत्रों में मध्यम से उच्च फ्लैश फ्लड का खतरा है:
पश्चिम मध्य प्रदेश: अलीराजपुर, बड़वानी, धार और झाबुआ जिले
गुजरात क्षेत्र: दादरा एंड नगर हवेली, दमन, अहमदाबाद, आणंद, अरावली, बनासकांठा, भरूच, छोटा उदयपुर, दाहोद, डांग, गांधीनगर, खेड़ा, महीसागर, मेहसाणा, नर्मदा, नवसारी, पंचमहल, पाटन, साबरकांठा, सूरत, तापी, वडोदरा और वलसाड जिले
कोंकण और गोवा: मुंबई शहर, मुंबई उपनगर, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरि, सिंधुदुर्ग और ठाणे जिले
मध्य महाराष्ट्र: अहिल्यानगर, धुले, जलगांव, कोल्हापुर, नंदुरबार, नासिक, पुणे और सातारा जिले
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इन क्षेत्रों में पूरी तरह से संतृप्त मिट्टी और निचले इलाकों में सतह अपवाह और जलमग्नता हो सकती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- गुजरात में 24-25 जुलाई को असाधारण भारी बारिश (≥30 सेमी) का रेड अलर्ट, अहमदाबाद के वौथा में 72 सेमी बारिश का रिकॉर्ड
- मध्य महाराष्ट्र में 24 जुलाई को अत्यधिक भारी वर्षा (≥21 सेमी) की चेतावनी, नासिक के पेठ में 29 सेमी बारिश
- दक्षिण-पूर्व राजस्थान में लो प्रेशर एरिया, मानसून ट्रफ सामान्य स्थिति से दक्षिण में
- जलभराव, यातायात बाधा, भूस्खलन और फसलों को नुकसान की आशंका, कमजोर संरचनाओं में रहने से बचें
- मछुआरों को अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में न जाने की सलाह, लहरें 14 मीटर तक ऊंची हो सकती हैं











