Greenland Crisis : पेरिस में गुरुवार को एक अहम घटनाक्रम सामने आया, जब Emmanuel Macron ने इमरजेंसी डिफेंस कैबिनेट मीटिंग बुलाई। यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के ग्रीनलैंड को लेकर दिए गए बयानों और ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों पर सख्त कार्रवाई ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है।
यह आपात बैठक पेरिस में बुलाई गई, जहां फ्रांस की सुरक्षा रणनीति और अमेरिका की मौजूदा नीतियों पर गहन चर्चा की गई।

ग्रीनलैंड पर बढ़ता तनाव
ग्रीनलैंड को लेकर चल रहा विवाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा मुद्दा बन चुका है। ट्रंप की ओर से ग्रीनलैंड पर नजर और दबाव की नीति ने कई देशों को सतर्क कर दिया है। इसी कारण फ्रांस ने इस मुद्दे को अपनी डिफेंस कैबिनेट की प्राथमिकता में रखा।
ईरान भी बना चर्चा का बड़ा कारण
बैठक में ईरान में चल रहे देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों और वहां की स्थिति पर भी विचार किया गया। ट्रंप की ओर से ईरान को दी जा रही धमकियों को लेकर फ्रांस की चिंता साफ दिखाई दी। इन दोनों मुद्दों ने मिलकर फ्रांस को अलर्ट मोड में ला दिया है।
फ्रांस का बड़ा सैन्य कदम
इमरजेंसी मीटिंग से पहले राष्ट्रपति मैक्रों ने बयान दिया कि फ्रांसीसी सैन्य कर्मियों का पहला समूह ग्रीनलैंड के लिए रवाना हो चुका है। उन्होंने साफ कहा कि ग्रीनलैंड के नेतृत्व की ओर से मदद मांगी गई थी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया।
कब्जे की कोशिश नहीं होने देंगे
मैक्रों ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी देश को ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में ग्रीनलैंड की सुरक्षा और स्थिरता बेहद अहम है।

डोनाल्ड ट्रंप की रणनीति पर नजर
बैठक में अमेरिका की रणनीति खास चर्चा का विषय रही। ट्रंप पहले भी यह कह चुके हैं कि अगर बातचीत से बात नहीं बनी तो दबाव की नीति अपनाई जाएगी। इसी बयान के बाद से ग्रीनलैंड विवाद ने और तूल पकड़ लिया है।
क्या है पृष्ठभूमि
ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की बढ़ती दिलचस्पी और ईरान पर सख्त रुख के कारण वैश्विक स्तर पर अस्थिरता बढ़ी है। इसी पृष्ठभूमि में फ्रांस ने इमरजेंसी डिफेंस मीटिंग बुलाकर अपने रुख को साफ करने और सुरक्षा कदम तय करने का फैसला किया।
मुख्य बातें (Key Points)
- ग्रीनलैंड विवाद के बीच फ्रांस ने इमरजेंसी डिफेंस मीटिंग बुलाई
- बैठक पेरिस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की अध्यक्षता में हुई
- ट्रंप के ग्रीनलैंड और ईरान संबंधी बयानों पर चर्चा
- फ्रांस ने सैन्य कर्मियों का पहला समूह ग्रीनलैंड भेजा








